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एसएन के लिए 25 करोड़ मंजूर, हाईटेक होगा मेडिकल कॉलेज, जल्द मिलेगी ये सुविधा
Thu, 21 Nov 2019 11:27 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 21 Nov 2019 11:27 AM IST
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
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एसएन मेडिकल कॉलेज के छात्रों के लिए खुशी की बात है। एसएन में डिजिटल पुस्तकालय के लिए 25 करोड़ रुपये मंजूर हो गए हैं। इससे छात्र किसी भी राजकीय मेडिकल कॉलेज की पुस्तकों का भी ऑनलाइन अध्ययन कर सकेंगे।
नई इमारत पुरानी ब्लड बैंक इमारत, टिटनेस वार्ड और दिव्यांग कार्यशाला की पुरानी इमारतों को तोड़कर बनाई जाएगी। इसकी भी अनुमति मिल गई है। इसके लिए 14 लाख का बजट स्वीकृत हो गया है। नई इमारत भूतल समेत चार मंजिला होगी। भूतल पर पार्किंग की व्यवस्था होगी।
पुस्तकालय में 650 छात्रों के पढ़ने की सुविधा होगी। अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के शिक्षकों के लिए भी अलग से विंग बनाया गया है। इन तीनों के लिए दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर सुविधा की जाएगी। 150 से अधिक कंप्यूटर भी लगाए जाएंगे। इसी माह इमारतों का ध्वस्तीकरण शुरू हो जाएगा।
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नई इमारत पुरानी ब्लड बैंक इमारत, टिटनेस वार्ड और दिव्यांग कार्यशाला की पुरानी इमारतों को तोड़कर बनाई जाएगी। इसकी भी अनुमति मिल गई है। इसके लिए 14 लाख का बजट स्वीकृत हो गया है। नई इमारत भूतल समेत चार मंजिला होगी। भूतल पर पार्किंग की व्यवस्था होगी।
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पुस्तकालय में 650 छात्रों के पढ़ने की सुविधा होगी। अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के शिक्षकों के लिए भी अलग से विंग बनाया गया है। इन तीनों के लिए दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर सुविधा की जाएगी। 150 से अधिक कंप्यूटर भी लगाए जाएंगे। इसी माह इमारतों का ध्वस्तीकरण शुरू हो जाएगा।
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150 सीटों की होगी विशेष कैंटीन
पुस्तकालय की पहली मंजिल पर कैंटीन की सुविधा होगी। इसमें 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। खास बात यह कि इसमें चिकित्सक, शिक्षक और तीमारदार-मरीजों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जाएगी।
पुस्तकालय मानक अनुरूप न होने पर एमबीबीएस की कम हो गई थीं 22 सीटें
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने एमबीबीएस की 150 सीटों के लिए 650 सीट की क्षमता और 2500 स्क्वायर मीटर एरिया में पुस्तकालय का मानक बताया था। छह साल में यह मानक पूरा नहीं हो पाया। इस पर एमसीआई ने बीते सत्र में एमबीबीएस की 22 सीटें कम कर दी थी। अब यहां 128 सीटों पर ही प्रवेश हो रहा है।
पुस्तकालय की पहली मंजिल पर कैंटीन की सुविधा होगी। इसमें 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। खास बात यह कि इसमें चिकित्सक, शिक्षक और तीमारदार-मरीजों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जाएगी।
पुस्तकालय मानक अनुरूप न होने पर एमबीबीएस की कम हो गई थीं 22 सीटें
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने एमबीबीएस की 150 सीटों के लिए 650 सीट की क्षमता और 2500 स्क्वायर मीटर एरिया में पुस्तकालय का मानक बताया था। छह साल में यह मानक पूरा नहीं हो पाया। इस पर एमसीआई ने बीते सत्र में एमबीबीएस की 22 सीटें कम कर दी थी। अब यहां 128 सीटों पर ही प्रवेश हो रहा है।
एक करोड़ रुपये से पुरानी इमारत की होगी मरम्मत
केंद्रीय पुस्तकालय की वर्तमान इमारत लगभग डेढ़ सौ साल पुरानी है, इसको शासन ने हेरिटेज इमारत घोषित किया हुआ है। ऐसे में इसके जीर्णोद्धार के लिए 1.06 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। यह 340 स्क्वायर वर्ग मीटर में बनी हुई है। इसका जीर्णोद्धार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग करेगा।
छह महीने में हो जाएगा निर्माण
एसएन के लिए डिजिटल पुस्तकालय की इमारत के लिए 25 करोड़ रुपये मंजूर हो गए हैं। इसमें 650 छात्रों के पढ़ने की सुविधा होगी। पुरानी इमारत का एएसआई संरक्षण करेगी। छह महीने में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। -डॉ. जीके अनेजा, प्राचार्य
केंद्रीय पुस्तकालय की वर्तमान इमारत लगभग डेढ़ सौ साल पुरानी है, इसको शासन ने हेरिटेज इमारत घोषित किया हुआ है। ऐसे में इसके जीर्णोद्धार के लिए 1.06 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। यह 340 स्क्वायर वर्ग मीटर में बनी हुई है। इसका जीर्णोद्धार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग करेगा।
छह महीने में हो जाएगा निर्माण
एसएन के लिए डिजिटल पुस्तकालय की इमारत के लिए 25 करोड़ रुपये मंजूर हो गए हैं। इसमें 650 छात्रों के पढ़ने की सुविधा होगी। पुरानी इमारत का एएसआई संरक्षण करेगी। छह महीने में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। -डॉ. जीके अनेजा, प्राचार्य