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दयालबाग: चार करोड़ की लागत से बनाई सड़क खोदी, गिट्टी डाल गए
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आगरा। दयालबाग में सौ फुटा रोड पर छह माह पहले करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बनवाई गई सड़क को गंगाजल पाइप लाइन के लिए खोद डाली। अब मिट्टी और गिट्टी सड़क पर डाल दी गई है। इससे आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। दोपहिया वाहन चालक गिरकर चुटैल हो रहे हैं।
केंद्रीय हिंदी संस्थान से लेकर दयालबाग सौ फुटा रोड तक सड़क का तीन साल से बुरा हाल था। राहुल विहार के आरटीआई एक्टिविस्ट प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि यहां की जर्जर सड़क को बनवाने के लिए क्षेत्रीय लोगों ने नगर निगम और एडीए में काफी पत्राचार किया था। जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई। इसके बाद केंद्रीय हिंदी संस्थान से लेकर सौ फुटा तक की सड़क और डिवाइडर व फुटपाथ पर इंटरलॉकिंग समेत करीब चार करोड़ की लागत से फरवरी में सड़क निर्माण पूरा हुआ था। इंटरलॉकिंग का काम दो माह पहले ही समाप्त हुआ है। अब जलकल विभाग ने गंगाजल पाइप लाइन के लिए सड़क को खोदने के बाद उस पर मिट्टी और गिट्टी डाल दी है। कई जगह अब भी गड्ढे नहीं भरे गए हैं।
सौै फुटा रोड के रहने वाले शशिकांत अग्रवाल, दिव्यकांत अग्रवाल का कहना है कि सड़क निर्माण से पहले ही पाइप लाइन डाल दी जाती तो करोड़ों की सड़क की दुर्दशा नहीं होती। अनुपम बाग निवासी रंजना शर्मा का कहना है कि सौ फुटा की सड़क को खोदने के बाद गिट्टी डाल दी गई है। इससे आसपास की कॉलोनियों के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल निगम को सड़क की खोदाई करानी थी तो रोड को बनाया ही नहीं जाना चाहिए था। क्षेत्र के रामकिशोर पांडेय, राहुल निषाद, लक्ष्मी द्विवेदी, ज्योति मौर्या आदि ने सड़क को दोबारा बनाए जाने की मांग की है।
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केंद्रीय हिंदी संस्थान से लेकर दयालबाग सौ फुटा रोड तक सड़क का तीन साल से बुरा हाल था। राहुल विहार के आरटीआई एक्टिविस्ट प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि यहां की जर्जर सड़क को बनवाने के लिए क्षेत्रीय लोगों ने नगर निगम और एडीए में काफी पत्राचार किया था। जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई। इसके बाद केंद्रीय हिंदी संस्थान से लेकर सौ फुटा तक की सड़क और डिवाइडर व फुटपाथ पर इंटरलॉकिंग समेत करीब चार करोड़ की लागत से फरवरी में सड़क निर्माण पूरा हुआ था। इंटरलॉकिंग का काम दो माह पहले ही समाप्त हुआ है। अब जलकल विभाग ने गंगाजल पाइप लाइन के लिए सड़क को खोदने के बाद उस पर मिट्टी और गिट्टी डाल दी है। कई जगह अब भी गड्ढे नहीं भरे गए हैं।
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सौै फुटा रोड के रहने वाले शशिकांत अग्रवाल, दिव्यकांत अग्रवाल का कहना है कि सड़क निर्माण से पहले ही पाइप लाइन डाल दी जाती तो करोड़ों की सड़क की दुर्दशा नहीं होती। अनुपम बाग निवासी रंजना शर्मा का कहना है कि सौ फुटा की सड़क को खोदने के बाद गिट्टी डाल दी गई है। इससे आसपास की कॉलोनियों के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल निगम को सड़क की खोदाई करानी थी तो रोड को बनाया ही नहीं जाना चाहिए था। क्षेत्र के रामकिशोर पांडेय, राहुल निषाद, लक्ष्मी द्विवेदी, ज्योति मौर्या आदि ने सड़क को दोबारा बनाए जाने की मांग की है।
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