फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   devotees gathered in shiv temples in mathura vrindavan

सावन के चौथे सोमवार को शिव मंदिरों में उमड़े भक्त, मुरारी की नगरी में त्रिपुरारी की जय-जयकार

Mon, 27 Jul 2020 05:00 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 27 Jul 2020 05:00 PM IST
विज्ञापन
devotees gathered in shiv temples in mathura vrindavan
भूतेश्वर महादेव मंदिर

सावन के चौथे सोमवार को कान्हा की जन्म और लीला भूमि मथुरा-वृंदावन शिवमय नजर आई। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान कृष्ण मुरारी की नगरी में त्रिपुरारी की जय जयकार होती नजर आई।  

विज्ञापन


मथुरा के रंगेश्वर महादेव मंदिर, भूतेश्वर महादेव, पिघलेश्वर महोदव के साथ ही चिंताहरण महादेव तथा वृंदावन के गोपेश्वर महादेव, वनखंडी महादेव मंदिर में भक्तों द्वारा जलाभिषेक किया गया। कई अन्य मंदिरों में भी भक्तों ने पूजा अर्चना की। 
विज्ञापन



शिव मंदिरों में भक्तों द्वारा रुद्राभिषेक भी किया गया। कई जगह भक्तों ने बाबा भोलेनाथ का गन्ने के रस से भी अभिषेक किया। गर्तेश्वर महादेव मंदिर की खासी मान्यता है। जहां पर भोर से ही शिवभक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर बेलपत्र आदि अर्पित किए। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ के साथ मां गौरा का विधिवत पूजन किया। शाम को रंगेश्वर मंदिर में सेवायतों द्वारा बाबा भोलेनाथ का भव्य शृंगार किया गया।

उत्तर में विराजमान हैं गोकर्णेश्वर महादेव

कान्हा की नगरी मथुरा के चारों कोनों पर चार शिव मंदिर हैं। पूर्व में पिघलेश्वर, पश्चिम में भूतेश्वर, दक्षिण में रंगेश्वर महादेव और उत्तर में गोकर्णेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर स्थापित हैं। गोकर्णेश्वर महादेव मंदिर को कृष्ण कालीन बताया जाता है। 

इस मंदिर में विराजमान भगवान शिव की मूर्ति साक्षात महाकाल का रूप बताई जाती है। ये मंदिर एक टीले पर बना है। जिसे गोकर्णेश्वर अथवा कैलाश कहते हैं। गोकर्ण महादेव का जिक्रभगवत गीता में भी मिलता है। 

चारों दिशाओं में स्थित होने के कारण भगवान शिव को मथुरा का कोतवाल कहते हैं। गोकर्णेश्वर महादेव मंदिर में जो व्यक्ति लगातार 40 दिन भगवान को शिव स्त्रोत का पाठ और गन्ने के रस से अभिषेक करता है। उसके सभी कष्ट दूर होते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed