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मथुरा: वृंदावन में मनाया गया बाबा नीम करौरी का निर्वाण दिवस, समाधि स्थल पर उमड़े अनुयायी
Sun, 19 Sep 2021 02:01 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 19 Sep 2021 02:01 PM IST
सार
बाबा नीम करौरी महाराज का निधन अनंत चतुर्दशी पर वृंदावन में हुआ था। परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम में उनका समाधि स्थल है। यहां हर रोज सैकड़ों अनुयायी दर्शन के लिए आते हैं। रविवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर अनुयायियों ने बाबा नीम करौरी को भावांजलि अर्पित है।
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बाबा नीम करौरी महाराज को पुष्प अर्पित करते अनुयायी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा के वृंदावन में रविवार को बाबा नीम करौरी महाराज का निर्वाण दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर परिक्रमा मार्ग स्थित बाबा नीम करौली आश्रम में हनुमानजी मंदिर, देवी मंदिर और बाबा नीम करौरी महाराज के मंदिर की फूलों से सजाया गया है। आश्रम में श्रीरामचरित मानस का पाठ और हवन-पूजन हुआ।
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बाबा नीम करौली आश्रम में सुबह से ही उनके अनुयायियों का आने का सिलसिला शुरू हो गया। हरियाणा और राजस्थान समेत दूरदराज के जनपदों से लोग यहां पहुंचे हैं। आश्रम में बाबा नीम करौरी के विग्रह का अभिषेक और चित्रपट का पूजन किया गया। इस दौरान आश्रम में बाबा नीम करौरी महाराज के जयकारे गूंजते रहे।
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अंतरयामी थे बाबा नीम करौरी- ट्रस्टी
आश्रम के ट्रस्टी और पार्षद राधाकृष्ण पाठक ने कहा कि बाबा महाराज अंतरयामी थे। वे अपने भक्तों का कष्ट बिना बताए ही जान जाते और निवारण कर देते थे। आध्यात्मिक गुरु डॉ. अनुराग कृष्ण पाठक ने कहा कि बाबा नीम करौली महाराज का आशीर्वाद प्राप्त मानव जीवन भर सफलता के आयाम स्थापित करता रहा है।
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बाबा नीम करौरी महाराज का निधन अनंत चतुर्दशी पर वृंदावन में हुआ था। परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम में उनका समाधि स्थल है। यहां हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। रविवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर अनुयायियों ने बाबा नीम करौरी को भावांजलि अर्पित है। इस अवसर पर श्रीरामचरित मानस का अखंड पाठ शुरू हुआ।