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राधारानी की नगरी बरसाना में सुबह से शाम सिर्फ जाम ही जाम, भक्त होते हैं परेशान
Sun, 04 Aug 2019 04:57 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरसाना (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरसाना (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 04 Aug 2019 04:57 AM IST
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बरसाना में जाम में फंसे वाहन
- फोटो : अमर उजाला
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ब्रह्मचल पर्वत पर विराजमान लाडली जी सरकार के दर्शन की अभिलाषा में बरसाना पहुंचने वाले भक्तों को जाम के झाम में जूझना पड़ रहा है। यहां सकरे रास्ते जाम के झाम का कारण बने हैं। वाहनों को खड़ा करने का कोई उपयुक्त प्रबंध नहीं है। सड़कों पर खड़े वाहनों से लगा जाम सुबह से शाम तक बना रहता है।
खासकर शनिवार और रविवार को यह समस्या विकराल हो जाती है। यह हाल तब है जब बरसाना को उत्तर प्रदेश सरकार ने तीर्थ स्थल घोषित कर दिया है। लेकिन यहां पहुंचने वाले रास्ते और जाम की समस्या बरकरार है। इस समस्या से निपटने का अभी तक कोई उपाय किसी स्तर पर नहीं खोजा गया है।
इससे एक बार जाम के झाम में फंसने वाले भक्त फिर दोबारा आने से तौबा करते नजर आते हैं। हालांकि उन्हें राधारानी की भक्ति बार-बार उन्हें यहां खींच लाती है। ब्रज में ब्रह्मचल पर्वत को साख्यात ब्रह्मा के रूप में पूज्य किया जाता है। इसी पर राधारानी विराजमान है।
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खासकर शनिवार और रविवार को यह समस्या विकराल हो जाती है। यह हाल तब है जब बरसाना को उत्तर प्रदेश सरकार ने तीर्थ स्थल घोषित कर दिया है। लेकिन यहां पहुंचने वाले रास्ते और जाम की समस्या बरकरार है। इस समस्या से निपटने का अभी तक कोई उपाय किसी स्तर पर नहीं खोजा गया है।
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इससे एक बार जाम के झाम में फंसने वाले भक्त फिर दोबारा आने से तौबा करते नजर आते हैं। हालांकि उन्हें राधारानी की भक्ति बार-बार उन्हें यहां खींच लाती है। ब्रज में ब्रह्मचल पर्वत को साख्यात ब्रह्मा के रूप में पूज्य किया जाता है। इसी पर राधारानी विराजमान है।
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जाम की समस्या के साथ यहां एक और बड़ी समस्या जर्जर रास्ते की है। बरसाना से जुड़ने वाले सभी रास्तों की हालत बेहद खराब है। तीनों मुख्य मार्गों पर मिनटों की दूरी घंटों में तय हो रही है। इसमें कोसी-नंदगांव मार्ग जिस पर गुजरना किसी खतरे से कम नहीं है। इस मार्ग में कोसीकलां से बरसाना करीब 20 मिनट का वक्त लगता था। गोवर्धन से बरसाना मार्ग की भी यही स्थिति है।
मुश्किल है बरसाना की राह
- गोवर्धन से बरसाना मार्ग पर नीमगांव रेलवे फाटक पर फंस जाते हैं भक्त।
- छाता से बरसाना मार्ग पर निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज बना हुआ है मुसीबत।
- कोसीकलां-नंदगांव मार्ग में कदम-कदम पर गड्ढों की भरमान, हर पल रहता है खतरा।
ब्रह्मचल पर्वत पर गंदगी के ढेर
जिस ब्रह्राचल पर्वत पर राधारानी विराजमान है, वहां गंदगी की भरमार है। बरसाना की गलियां साफ है, लेकिन पर्वत पर गंदगी तीर्थ स्थल की व्यवस्थाओं को मुंह चिड़ाती है। पर्वत पर जगह-जगह गंदगी के ढेर देखे जा सकते हैं।
मुश्किल है बरसाना की राह
- गोवर्धन से बरसाना मार्ग पर नीमगांव रेलवे फाटक पर फंस जाते हैं भक्त।
- छाता से बरसाना मार्ग पर निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज बना हुआ है मुसीबत।
- कोसीकलां-नंदगांव मार्ग में कदम-कदम पर गड्ढों की भरमान, हर पल रहता है खतरा।
ब्रह्मचल पर्वत पर गंदगी के ढेर
जिस ब्रह्राचल पर्वत पर राधारानी विराजमान है, वहां गंदगी की भरमार है। बरसाना की गलियां साफ है, लेकिन पर्वत पर गंदगी तीर्थ स्थल की व्यवस्थाओं को मुंह चिड़ाती है। पर्वत पर जगह-जगह गंदगी के ढेर देखे जा सकते हैं।