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श्रद्धालुओं ने लगाए भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे
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श्रद्धालुओं ने लगाए भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे
गंजडुंडवारा। नगर के रघुवर दयाल मार्केट में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस पर भगवान की गोपिका महारास सहित अन्य पावन कथाओं का वर्णन किया गया। भक्तों ने भजन कीर्तन किए और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। भगवान श्रीकृष्ण एवं रुकमणि की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
कथावाचक आचार्य आशुतोष शुक्ला ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ महारास किया। वे गोपियां स्त्रियां मात्र नहीं थी, अपितु बड़े-बड़े संत महापुरुष गोपी रूप धारण कर भगवान की महारास लीला का आनंद प्राप्त करने के लिए गोलोक धाम से आए थे। जीव और ब्रह्मा के सास्वत मिलन का महारास है। उन्होंने बताया कि भगवान ने रामावतार में चित्रकूट 99 रास किए थे। स्वयं भगवान शंकर गोपेश्वर बनकर महारास में पधारे थे। भगवान श्रीकृष्ण और रुकमणि मईया का विवाह धूमधाम से संपन्न कराया गया। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन गाए और भगवान की जय जयकार की। इस दौरान सुमन गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, अनूप, पवन आदि मौजूद रहे।
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गंजडुंडवारा। नगर के रघुवर दयाल मार्केट में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस पर भगवान की गोपिका महारास सहित अन्य पावन कथाओं का वर्णन किया गया। भक्तों ने भजन कीर्तन किए और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। भगवान श्रीकृष्ण एवं रुकमणि की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
कथावाचक आचार्य आशुतोष शुक्ला ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ महारास किया। वे गोपियां स्त्रियां मात्र नहीं थी, अपितु बड़े-बड़े संत महापुरुष गोपी रूप धारण कर भगवान की महारास लीला का आनंद प्राप्त करने के लिए गोलोक धाम से आए थे। जीव और ब्रह्मा के सास्वत मिलन का महारास है। उन्होंने बताया कि भगवान ने रामावतार में चित्रकूट 99 रास किए थे। स्वयं भगवान शंकर गोपेश्वर बनकर महारास में पधारे थे। भगवान श्रीकृष्ण और रुकमणि मईया का विवाह धूमधाम से संपन्न कराया गया। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन गाए और भगवान की जय जयकार की। इस दौरान सुमन गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, अनूप, पवन आदि मौजूद रहे।
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