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आगरा: डेढ़ साल से त्वचा रोग विशेष नहीं कैसे मिले मरीजों को उपचार
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मैनपुरी। जिला अस्पताल में इन दिनों बड़ी संख्या में त्वचा रोगी पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में पिछले डेढ़ महीने से त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में उपचार न मिलने के कारण मरीज सैफई आगरा और कानपुर जाने को मजबूर हैं।
वर्तमान समय में लोग एलर्जी/त्वचा रोग की चपेट में आ रहे है। प्रतिदिन त्वचा रोग से पीड़ित 40 से 50 लोग जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। खुजली, एलर्जी और अन्य त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों को जिला अस्पताल में उपचार नहीं मिल पा रहा है। इससे मरीज निराश ही घर लौट रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन त्वचा रोग विशेषज्ञ न होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। वहीं, मरीजों को त्वचा संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज सैफई, आगरा और कानपुर जाना पड़ रहा है। जिले के लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जिले में त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग की है।
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किस प्रकार की फैल रहीं बीमारियां
त्वचा संबंधी बीमारी के दौरान शरीर पर लाल रंग के छोटे छोटे दाने हो जाते हैं जो बाद में फूट जाते हैं और उनमें से रिसाव होकर सूख जाता है। इस दौरान दानों में जबरदस्त खुजली होती है। खुजली करने पर यह एलर्जी और ज्यादा फैल जाती है। हालांकि यह बीमारी खतरनाक नहीं है और इसका कुछ दिन उपचार करने के बाद सफाया कर दिया जाता है। लेकिन खुजली के कारण दिक्कतों से जूझना पड़ता है।
इससे भी ज्यादा खतरनाक बात यह है कि यह बीमारी अगर घर में किसी एक सदस्य को हो जाए तो फिर पूरा परिवार ही इसकी चपेट में आ जाता है। यही वजह है कि अस्पताल में रोगियों की संख्या में दिन प्रतिदिन इजाफा होता जा रहा है। जि-- --
बचाव के उपाय
-घर के आस पास गंदगी ना होने दें।
-घर में अधिक से अधिक खुली और ताजा हवा आने का मार्ग प्रशस्त करें।
-जिन खाद्य पदार्थो से एलर्जी है उन्हें न खाएं।
-एकदम गरम से ठन्डे और ठन्डे से गरम वातावरण में ना जाएं।
-गद्दे, रजाई,तकिये के कवर एवं चद्दर आदि समय समय पर गरम पानी से धोते रहे।
-रजाई ,गद्दे ,कम्बल आदि को समय समय पर धूप दिखाते रहे।
-पालतू जानवरों से एलर्जी है तो उन्हें घर में ना रखें ।
-जिन पौधों के पराग कणों से एलर्जी है उनसे दूर रहे।
-घर में मकड़ी वगैरह के जाले ना लगने दें समय समय पर साफ सफाई करते रहे।
-धूल मिटटी में काम करने से बचें
-यदि धूल मिट्टी भरे वातावरण में काम करना ही पड़ जाए तो फेस मास्क पहन कर काम करें।
लोग इस मौसम में रजाई गद्दों को बिना धोए ही इस्तेमाल कर रहे हैं। यहां तक की इन्हें धूप तक नहीं दिखाई जा रही। इसके चलते इन कपड़ों में सीलन के कारण हुआ बैक्टीरिया त्वचा रोगी बना रहा है। त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए पत्र लिखा गया है।
- डॉ. मदनलाल, सीएमएस
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वर्तमान समय में लोग एलर्जी/त्वचा रोग की चपेट में आ रहे है। प्रतिदिन त्वचा रोग से पीड़ित 40 से 50 लोग जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। खुजली, एलर्जी और अन्य त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों को जिला अस्पताल में उपचार नहीं मिल पा रहा है। इससे मरीज निराश ही घर लौट रहे हैं।
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अस्पताल प्रशासन त्वचा रोग विशेषज्ञ न होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। वहीं, मरीजों को त्वचा संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज सैफई, आगरा और कानपुर जाना पड़ रहा है। जिले के लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जिले में त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग की है।
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किस प्रकार की फैल रहीं बीमारियां
त्वचा संबंधी बीमारी के दौरान शरीर पर लाल रंग के छोटे छोटे दाने हो जाते हैं जो बाद में फूट जाते हैं और उनमें से रिसाव होकर सूख जाता है। इस दौरान दानों में जबरदस्त खुजली होती है। खुजली करने पर यह एलर्जी और ज्यादा फैल जाती है। हालांकि यह बीमारी खतरनाक नहीं है और इसका कुछ दिन उपचार करने के बाद सफाया कर दिया जाता है। लेकिन खुजली के कारण दिक्कतों से जूझना पड़ता है।
इससे भी ज्यादा खतरनाक बात यह है कि यह बीमारी अगर घर में किसी एक सदस्य को हो जाए तो फिर पूरा परिवार ही इसकी चपेट में आ जाता है। यही वजह है कि अस्पताल में रोगियों की संख्या में दिन प्रतिदिन इजाफा होता जा रहा है। जि
बचाव के उपाय
-घर के आस पास गंदगी ना होने दें।
-घर में अधिक से अधिक खुली और ताजा हवा आने का मार्ग प्रशस्त करें।
-जिन खाद्य पदार्थो से एलर्जी है उन्हें न खाएं।
-एकदम गरम से ठन्डे और ठन्डे से गरम वातावरण में ना जाएं।
-गद्दे, रजाई,तकिये के कवर एवं चद्दर आदि समय समय पर गरम पानी से धोते रहे।
-रजाई ,गद्दे ,कम्बल आदि को समय समय पर धूप दिखाते रहे।
-पालतू जानवरों से एलर्जी है तो उन्हें घर में ना रखें ।
-जिन पौधों के पराग कणों से एलर्जी है उनसे दूर रहे।
-घर में मकड़ी वगैरह के जाले ना लगने दें समय समय पर साफ सफाई करते रहे।
-धूल मिटटी में काम करने से बचें
-यदि धूल मिट्टी भरे वातावरण में काम करना ही पड़ जाए तो फेस मास्क पहन कर काम करें।
लोग इस मौसम में रजाई गद्दों को बिना धोए ही इस्तेमाल कर रहे हैं। यहां तक की इन्हें धूप तक नहीं दिखाई जा रही। इसके चलते इन कपड़ों में सीलन के कारण हुआ बैक्टीरिया त्वचा रोगी बना रहा है। त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए पत्र लिखा गया है।
- डॉ. मदनलाल, सीएमएस