आठ जिलों में डेंगू का डेन-2 स्ट्रेन बना जानलेवा: चिकित्सकों ने ब्लैक फंगस का खतरा होने की भी आशंका जताई
एसएन के ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि डेंगू के डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 में डेन-2 सबसे खतरनाक है। गंभीर मरीजों में ब्लैक फंगस का खतरा हो सकता है, वैसे अभी तक किसी मरीज में ऐसी कोई परेशानी नहीं दिखी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा-फिरोजाबाद समेत आठ जिलों में डेंगू का डेन-दो स्ट्रेन जानलेवा बना हुआ। हाथरस, एटा, मैनपुरी समेत आसपास के जिलों के मरीजों में समान लक्षण मिल रहे हैं। ऐसे में एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक अन्य जिलों में भी डेन-2 स्ट्रेन की आशंका जताई है।
एसएन कॉलेज के डेंगू वार्ड प्रभारी डॉ. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि मेडिसिन और बाल रोग विभाग के डेंगू वार्ड में 14 अगस्त से तीन अक्तूबर तक 205 मरीज भर्ती हुए। इसमें आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस, मैनपुरी, एटा, अलीगढ़, मथुरा और कासगंज के मरीज सबसे ज्यादा हैं। 185 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। आगरा और फिरोजाबाद के डेंगू के मरीजों के नमूनों की जांच में डेन-2 स्ट्रेन मिला है। हाथरस, एटा, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़ और कासगंज के मरीजों में भी लिवर में सूजन, पेट में दर्द, रक्तस्राव होना, बोनमेरो-तंत्रिका तंत्र, हृदय, किडनी पर भी असर दिखा। यही लक्षण आगरा और फिरोजाबाद के मरीजों में हैं, ऐसे में इन जिलों में भी डेंगू का डेन-2 स्ट्रेन होने की आशंका अधिक है। इसी आधार पर मरीजों को इलाज भी दिया जा रहा है।
ब्रज क्षेत्र में घातक हुआ मर्ज: डॉ. अंकुर
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायलोजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर गोयल ने बताया कि आगरा-फिरोजाबाद के अलावा ब्रज क्षेत्र के अन्य जिले डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। इन क्षेत्रों के मरीजों में भी समान लक्षण और मर्ज की गंभीरता से इनमें डेंगू के डेन-2 की पूरी आशंका है। इसके चलते ही मौतें अधिक हुईं। नमूनों की सीरोटाइपिंग से यह पुष्ट हो जाएगा।
डेंगू से ब्लैक फंगस का खतरा होने की भी आशंका: डॉ. अखिल
एसएन के ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि डेंगू के डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 में डेन-2 सबसे खतरनाक है। गंभीर मरीजों में ब्लैक फंगस का खतरा हो सकता है, वैसे अभी तक किसी मरीज में ऐसी कोई परेशानी नहीं दिखी है। इस पर चिकित्सक मरीजों से लक्षणों के आधार पर नजर भी रखे हुए हैं।
आगरा के आठ समेत 13 मरीजों को डेंगू
शनिवार को 13 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। एसएन मेडिकल कॉलेज में इन मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें आठ मरीज आगरा के हैं। हाथरस के चार और एक मरीज एटा का है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आठ नए मरीजों के साथ अब आगरा के डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 221 हो गई है। इनमें से 146 मरीज ठीक हो चुके हैं। एक की मौत हुई है। आठ मरीज एसएन में, 15 जिला अस्पताल में और बाकी के मरीज निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि डेंगू वार्ड में 15 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें से 13 की एलाइजा जांच की रिपोर्ट में डेंगू मिला है। इनमें से आगरा के आठ, हाथरस के चार और एक मरीज एटा का है। मेडिसिन विभाग के डेंगू वार्ड में 13 और बाल रोग विभाग के डेंगू वार्ड में दो बच्चे भर्ती हैं। दो बच्चों समेत पांच मरीज डिस्चार्ज कर दिए हैं और दो बच्चों समेत नौ नए मरीज भर्ती किए हैं।
चांदी कारोबारी से 43 लाख रुपये हड़पने का मामला: आरोपी सिपाही गिरफ्तार, अधिकारी फरार, पढ़िए पूरा मामला