दुष्कर्म का मामला : पुलिस की लापरवाही से लगा तीर्थ नगरी वृंदावन की छवि पर दाग
तीर्थ नगरी वृंदावन के एक गेस्ट हाउस में दिल्ली की युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वृंदावन के गेस्ट हाउस और होटलों में लोगों के ठहरने के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके लिए आकस्मिक चेकिंग का अभियान भी पुलिस द्वारा नहीं चलाया जा रहा है। यही कारण है वृंदावन में इस घिनौनी वारदात को अंजाम दे दिया गया।
कोरोना संक्रमण काल को छोड़ दें तो वृंदावन में देश-विदेश से लोगों का आगमन होता है। इसी कारण यहां गेस्ट हाउस और होटल व्यवसाय बहुत तेजी से बढ़ा है। लेकिन इन गेस्ट हाउसों के संचालकों में कमाई की अंधी दौड़ और पुलिस की अनदेखी ने धर्म नगरी की छवि पर दाग लगा दिया है।
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चैतन्य विहार स्थित प्रेमधाम गेस्ट हाउस में दिल्ली की युवती के साथ पहुंचे युवकों के रुकने पर कोई विधिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। संबंधित लोगों से आईडी भी नहीं ली गई। यह स्थिति प्रेम धाम गेस्ट हाउस के कर्मचारियों की भूमिका को ही संदेह में खड़ा कर रही है।
सवाल पुलिस की जांच पड़ताल पर भी खड़े हो रहे हैं कि पीड़ित युवती द्वारा सुबह ही तहरीर दे देने के बाद भी कोतवाली पुलिस देर शाम रिपोर्ट दर्ज करती है। खुद सीओ सदर कई घंटे तक कोतवाली में युवती से पूछताछ में जुटे रहे। इसके बाद ही रिपोर्ट दर्ज की गई। क्षेत्राधिकारी (सीओ) सदर रमेश तिवारी ने बताया कि जल्द ही होटलों व गेस्ट हाउसों में जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा।