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मात्र 25 रुपये के कर्ज ने छीना 80 हजार किसानों से वोटिंग का अधिकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 18 Jan 2018 03:17 PM IST
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मऊ शहर के स्कालर पब्लिक स्कूल के बूथ पर शनिवार को वोट देने के लिए मतदाताओं की लगी लंबी कतार।
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मथुरा में 25-25 रुपये के कर्ज में 80 हजार किसानों से वोटिंग का अधिकार छिन गया है। किसान चुनाव से बाहर हो गए हैं। कोआपरेटिव चुनाव में मतदाताओं की जारी जो सूची में कर्जदार किसानों का नाम नहीं है। हजारों किसान ऐसे हैं जिन पर कर्ज 25 से 100 रुपये का ही है।
जिले में 129 सहकारी समितियों के लिए 29 जनवरी को वोट डाले जाएंगे। सहकारी समितियों में दो लाख 17 हजार किसानों में से 1.50 लाख से अधिक किसानों पर 263 करोड़ से अधिक का बकाया चल रहा है।
सहकारिता चुनाव के लिए बनाई जा रही अनंतिम सूची में 80 हजार से अधिक ऐसे कर्जदार किसानों के नाम प्रकाश में आए हैं जिन पर 25, 31, 50 से लेकर 100 रुपये तक का कर्ज हैं और उनके कर्जदारों के खाते खुले हैं।
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कर्जदार होने के चलते उन कर्जदार किसानों को वोट डालने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। इसमें मगोर्रा की समिति के 3945 किसानों में से दो हजार से अधिक किसान कर्जदार हैं।
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जिले में 129 सहकारी समितियों के लिए 29 जनवरी को वोट डाले जाएंगे। सहकारी समितियों में दो लाख 17 हजार किसानों में से 1.50 लाख से अधिक किसानों पर 263 करोड़ से अधिक का बकाया चल रहा है।
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सहकारिता चुनाव के लिए बनाई जा रही अनंतिम सूची में 80 हजार से अधिक ऐसे कर्जदार किसानों के नाम प्रकाश में आए हैं जिन पर 25, 31, 50 से लेकर 100 रुपये तक का कर्ज हैं और उनके कर्जदारों के खाते खुले हैं।
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कर्जदार होने के चलते उन कर्जदार किसानों को वोट डालने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। इसमें मगोर्रा की समिति के 3945 किसानों में से दो हजार से अधिक किसान कर्जदार हैं।
वहीं चौमुंहा के 4827 में से तीन हजार से अधिक कर्जदार हैं। मल्हू समिति के 2181 किसानों में से 1500 से अधिक कर्जदार हैं।
एआर कॉपरेटिव उदयभानु सिंह का कहना है कि सहकारिता चुनाव में यदि किसान सदस्य किसी सोसाइटी का एक रुपये का भी कर्जदार है तो वह वोट नहीं डाल सकेगा।
ज्यादातर किसान 25 से 100 रुपये के कर्जदार हैं, वे 19 जनवरी तक किसान कर्ज जमा कर रसीद कटा लें तो अंतिम अनंतिम सूची में उनका नाम जोड़ दिया जाएगा।
एआर कॉपरेटिव उदयभानु सिंह का कहना है कि सहकारिता चुनाव में यदि किसान सदस्य किसी सोसाइटी का एक रुपये का भी कर्जदार है तो वह वोट नहीं डाल सकेगा।
ज्यादातर किसान 25 से 100 रुपये के कर्जदार हैं, वे 19 जनवरी तक किसान कर्ज जमा कर रसीद कटा लें तो अंतिम अनंतिम सूची में उनका नाम जोड़ दिया जाएगा।