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बीएड-2005 फर्जीवाड़ा: 4700 में से सिर्फ 500 अभ्यर्थियों ने ही किया डिग्री असली होने का दावा
Fri, 17 Jan 2020 03:13 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 17 Jan 2020 03:13 PM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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बीएड सत्र 2004-05 फर्जीवाड़े में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन को करीब 500 अभ्यर्थियों के प्रत्यावेदन मिले हैं। इन्होंने ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए फॉर्मेट को भरा है। इनका कहना है कि उनकी डिग्री असली है, इन्होंने परीक्षा दी थी।
अब इनका परीक्षण किया जाना है। कुछ अभ्यर्थियों ने बिना ऑनलाइन आवेदन किए सीधे डाक विश्वविद्यालय में रिसीव करा दी है। कुल 4700 की डिग्री पर निर्णय लिया जाना है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रिकॉर्ड भरकर उपलब्ध कराया है, उसी को मान्य किया जाएगा।
विज्ञापन में स्पष्ट किया गया था कि ऑनलाइन आवेदन के बाद फॉर्म भरकर संबंधित कॉलेज से प्रमाणित कराकर रजिस्टर्ड डाक से विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय में भेजना था। विश्वविद्यालय स्तर पर ढिलाई यह बरती गई कि सीधे डाक भी रिसीव कर ली गई।
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विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने अपने पक्ष रखे हैं, उनकी जांच कराकर निर्णय लिया जाना है। इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
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अब इनका परीक्षण किया जाना है। कुछ अभ्यर्थियों ने बिना ऑनलाइन आवेदन किए सीधे डाक विश्वविद्यालय में रिसीव करा दी है। कुल 4700 की डिग्री पर निर्णय लिया जाना है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रिकॉर्ड भरकर उपलब्ध कराया है, उसी को मान्य किया जाएगा।
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विज्ञापन में स्पष्ट किया गया था कि ऑनलाइन आवेदन के बाद फॉर्म भरकर संबंधित कॉलेज से प्रमाणित कराकर रजिस्टर्ड डाक से विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय में भेजना था। विश्वविद्यालय स्तर पर ढिलाई यह बरती गई कि सीधे डाक भी रिसीव कर ली गई।
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विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने अपने पक्ष रखे हैं, उनकी जांच कराकर निर्णय लिया जाना है। इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
पक्ष रखने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बहुत कम
एसआईटी की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन को उपलब्ध कराई गई सूची में 4704 अभ्यर्थियों के नाम हैं। उसके अनुरूप बहुत कम (500) अभ्यर्थियों ने पक्ष रखा है। जबकि 12 जनवरी तक का समय पक्ष रखने के लिए दिया गया था।
आगरा जिले में ही एसआईटी की सूची के आधार पर परिषदीय बेसिक स्कूलों में तैनात 241 शिक्षक तलाशे गए हैं। प्रदेश के कई जिलों में सूची में शामिल शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी की चुकी है।
आगरा जिले में ही एसआईटी की सूची के आधार पर परिषदीय बेसिक स्कूलों में तैनात 241 शिक्षक तलाशे गए हैं। प्रदेश के कई जिलों में सूची में शामिल शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी की चुकी है।