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सामान्य सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं मायावती: दयाशंकर
सामान्य सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं मायावती: दयाशंकर
Updated Sat, 22 Oct 2016 12:45 AM IST
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भाजपा नेता का विवादित बयान, मायावती की तुलना वेश्या से
- फोटो : ANI
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बसपा अध्यक्ष मायावती पर अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप में भाजपा से निष्काषित किए गए दयाशंकर सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार को नसीमुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार कराना चाहिए। उन पर पोक्सो एक्ट भी लगा है। फिर भी सरकार उन्हें बचा रही है। उन्होंने कहा, जैसे भाजपा ने उन पर कार्रवाई की है, वैसे ही बसपा अध्यक्ष मायावती को नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर करनी चाहिए। अगर मायावती का सवर्जन हिताय - सर्वजन सुखाय का नारा सच्चा है तो वह इस बार सामान्य सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं।
दयाशंकर सिंह यहां जिला जेल में बंद क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों से मिलने के लिए आए थे। ये लोग नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर हमला करने के आरोप में बंद हैं। उनसे मुलाकात के बाद दयाशंकर सिंह ने कहा कि इन लोगों ने संघर्ष के समय उनकी और उनके परिवार की मदद की है। जेल में इन्हें नहीं, नसीमुद्दीन को होना चाहिए। सपा सरकार ने पहले कहा था कि कानून समान रूप से काम करेगा। लेकिन अब नसीमुद्दीन को कोर्ट के नोटिस भी तामील नहीं करा पा रही है।तुष्टिकरण की नीति के चलते सरकार उन्हें बचा रही है। उन्होंने कहा कि वह भाजपा से अलग नहीं हैं, पार्टी के लिए ही काम कर रहे हैं। अगर उनकी पत्नी स्वाति चुनाव लड़ती हैं तो उनके लिए प्रचार करेंगे। उधर, इस दौरान भाजपा नेता भी मौजूद रहे। बता दें, आगरा में दो माह पहले नसीमुद्दीन सिद्दीकी के काफिले पर हमला हुआ था। इसके आरोपी पांच दिन पहले ही जमानत याचिका खारिज होने पर जेल गए हैं।
और दयाशंकर से पहले पहुंच गए अरिदमन
आगरा। दयाशंकर सिंह को क्षत्रिय महासभा के जेल में बंद नेताओं से मिलने के लिए सुबह 10:30 बजे पहुंचना था। वह लेट हो गए। इस बीच बाह से सपा के विधायक अरिदमन सिंह अचानक पहुंच गए। उन्होंने जेल में बंद नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बोले, दयाशंकर सिंह इस मामले में राजनीति कर रहे हैं। उधर, दयाशंकर ने इसके जवाब में कहा कि वह राजनीति नहीं कर रहे, वह अपने संघर्ष के साथियों से मुलाकात करने आए हैं।
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दयाशंकर सिंह यहां जिला जेल में बंद क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों से मिलने के लिए आए थे। ये लोग नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर हमला करने के आरोप में बंद हैं। उनसे मुलाकात के बाद दयाशंकर सिंह ने कहा कि इन लोगों ने संघर्ष के समय उनकी और उनके परिवार की मदद की है। जेल में इन्हें नहीं, नसीमुद्दीन को होना चाहिए। सपा सरकार ने पहले कहा था कि कानून समान रूप से काम करेगा। लेकिन अब नसीमुद्दीन को कोर्ट के नोटिस भी तामील नहीं करा पा रही है।तुष्टिकरण की नीति के चलते सरकार उन्हें बचा रही है। उन्होंने कहा कि वह भाजपा से अलग नहीं हैं, पार्टी के लिए ही काम कर रहे हैं। अगर उनकी पत्नी स्वाति चुनाव लड़ती हैं तो उनके लिए प्रचार करेंगे। उधर, इस दौरान भाजपा नेता भी मौजूद रहे। बता दें, आगरा में दो माह पहले नसीमुद्दीन सिद्दीकी के काफिले पर हमला हुआ था। इसके आरोपी पांच दिन पहले ही जमानत याचिका खारिज होने पर जेल गए हैं।
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और दयाशंकर से पहले पहुंच गए अरिदमन
आगरा। दयाशंकर सिंह को क्षत्रिय महासभा के जेल में बंद नेताओं से मिलने के लिए सुबह 10:30 बजे पहुंचना था। वह लेट हो गए। इस बीच बाह से सपा के विधायक अरिदमन सिंह अचानक पहुंच गए। उन्होंने जेल में बंद नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बोले, दयाशंकर सिंह इस मामले में राजनीति कर रहे हैं। उधर, दयाशंकर ने इसके जवाब में कहा कि वह राजनीति नहीं कर रहे, वह अपने संघर्ष के साथियों से मुलाकात करने आए हैं।
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