{"_id":"58a4a0fc4f1c1bcd57d83fc5","slug":"daughter-and-son-the-estate-its-name-then-parents-removed","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहू-बेटे ने जायदाद अपने नाम कर मां-बाप को निकाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहू-बेटे ने जायदाद अपने नाम कर मां-बाप को निकाला
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Thu, 16 Feb 2017 12:12 AM IST
विज्ञापन
कमला नगर मैन मार्केट के मालिक ने वृद्धाश्रम में ली शरण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कमला नगर में मार्केट के मालिक को उसके बेटे ने घर से निकाल दिया। आरोप है कि बेटे ने जायदाद भी अपने नाम करा ली। अब घर में रहने पर खाना तक नहीं दे रहा। बेटे ने मां को मानसिक रोगी भी बनाने की कोशिश की। दंपति ने पड़ोसी की मदद से वृद्धाश्रम में शरण ली है।
दयालबाग निवासी मुन्नालाल मिश्रा का कमला नगर में मैन मार्केट था। वहीं उनकी तीन कोठियां भी हैं। उनके इकलौते बेटे ने मार्केट को अपने नाम कराकर बेच दिया। आवास विकास कालोनी स्थित दो कोठियों को अपने नाम कराने के लिए बेटे ने मां नीलम को पागल साबित करने की कोशिश की। उन्हें मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती करा दिया। उन्हेें मानसिक रूप से कमजोर करके पागल साबित करने की कोशिश की। करीब दो महीने मानसिक आरोग्यशाला में रहने के बाद नीलम वापस आईं तो बहू ने सास-ससुर के साथ गालीगलौज कर दी। बहू एक विद्यालय में शिक्षिका है। इससे नीलम तनाव में आ गईं। मुन्नालाल ने पत्नी को एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। बेटा यहां भी मां को देखने नहीं आया। इसी बीच बेटी को भी घर से निकाल दिया। वह बड़ी बहन के घर पर रह रही है। उधर, नीलम को इलाज के बाद मुन्नालाल घर लेकर आए तो उन्हें दो दिन तक खाना नहीं दिया। इस पर तीन दिन पहले एक पड़ोसी उन्हें राम लाल वृद्ध आश्रम छोड़ गए। दंपति ने जब रोते हुए बेटे और बहू के बारे में बताया तो सुनने वालों के भी आंसू निकल आए।
विज्ञापन
दयालबाग निवासी मुन्नालाल मिश्रा का कमला नगर में मैन मार्केट था। वहीं उनकी तीन कोठियां भी हैं। उनके इकलौते बेटे ने मार्केट को अपने नाम कराकर बेच दिया। आवास विकास कालोनी स्थित दो कोठियों को अपने नाम कराने के लिए बेटे ने मां नीलम को पागल साबित करने की कोशिश की। उन्हें मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती करा दिया। उन्हेें मानसिक रूप से कमजोर करके पागल साबित करने की कोशिश की। करीब दो महीने मानसिक आरोग्यशाला में रहने के बाद नीलम वापस आईं तो बहू ने सास-ससुर के साथ गालीगलौज कर दी। बहू एक विद्यालय में शिक्षिका है। इससे नीलम तनाव में आ गईं। मुन्नालाल ने पत्नी को एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। बेटा यहां भी मां को देखने नहीं आया। इसी बीच बेटी को भी घर से निकाल दिया। वह बड़ी बहन के घर पर रह रही है। उधर, नीलम को इलाज के बाद मुन्नालाल घर लेकर आए तो उन्हें दो दिन तक खाना नहीं दिया। इस पर तीन दिन पहले एक पड़ोसी उन्हें राम लाल वृद्ध आश्रम छोड़ गए। दंपति ने जब रोते हुए बेटे और बहू के बारे में बताया तो सुनने वालों के भी आंसू निकल आए।
विज्ञापन