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महंगी डीएपी से किसानों की जेब पर बढ़ा 12 करोड़ का बोझ
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कासगंज। डीजल की महंगाई के बाद अब किसानों को महंगी डीएपी का झटका लगा है। जिले में लगभग आठ लाख बोरी डीएपी की खपत होती है। 150 रुपये बोरी कीमत बढ़ जाने से किसानों पर 12 करोड़ का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसान डीएपी खाद का प्रयोग गेहूं, सरसों, आलू, गाजर, मूली, अरबी, प्याज, मक्का, बाजरा सहित कई अन्य फसलों में करता है, जिससे फसल की उत्पादकता बढ़ाई जा सके। जिले में यह सभी फसलें अच्छी तादाद में उगाई जाती है। इससे इस खाद की खपत भी काफी मात्रा में होती है। जिला में इस समय मक्का, बाजरा, ग्वार आदि की फसल की बुवाई होनी है। इन फसलों के लिए किसान को डीएपी की जरूरत पड़ेगी। अभी तक किसान को महंगे डीजल की मार झेलनी पड़ रही थी, लेकिन अब सरकार ने 50 किलो डीएपी के कट्टे की कीमत में 150 रुपये की वृद्धि कर दी है। अभी तक यह खाद 1200 रुपये प्रति बोरी मिल रही थी, लेकिन अब किसान को 1350 रुपये चुकाने होंगे। जिले में यदि आंकड़ों पर गौर किया जाए तो डीएपी खाद की लगभग 40 हजार मीट्रिकटन खपत प्रतिवर्ष होती है। कीमतों में की गई इस वृद्धि का असर जिला के लगभग 1.85 लाख किसान पर पड़ेगा।
जिले में कुल किसान 1.85 लाख
जिले में डीएपी की खपत 40 हजार एमटी
अभी तक किसान को महंगे डीजल की मार झेेलनी पड़ रही थी, लेकिन अब डीएपी महंगी हो जाने से किसान पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है, जिससे फसल की लागत और बढ़ जाएगी। - नाथूराम किसान
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डीजल की कीमतें लगातार बढ़ने से सिंचाई महंगी हो गई है। डीएपी की कीमत बढ़ने से किसान पर अतिरिक्त बोझ बढे़गा। लेकिन किसान को फसल का मूल्य नहीं मिल पा रहा। -रामपाल किसान
डीएपी की कीमतों में 150 रुपये प्रति बोरी की वृद्धि हुई है। एक बोरी डीएपी की कीमत अब 1350 रुपये हो गई है। यदि किसान से निर्धारित मूल्य से अधिक धन मांगा जाता है तो किसान अपनी शिकायत कर सकता है। - सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी
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किसान डीएपी खाद का प्रयोग गेहूं, सरसों, आलू, गाजर, मूली, अरबी, प्याज, मक्का, बाजरा सहित कई अन्य फसलों में करता है, जिससे फसल की उत्पादकता बढ़ाई जा सके। जिले में यह सभी फसलें अच्छी तादाद में उगाई जाती है। इससे इस खाद की खपत भी काफी मात्रा में होती है। जिला में इस समय मक्का, बाजरा, ग्वार आदि की फसल की बुवाई होनी है। इन फसलों के लिए किसान को डीएपी की जरूरत पड़ेगी। अभी तक किसान को महंगे डीजल की मार झेलनी पड़ रही थी, लेकिन अब सरकार ने 50 किलो डीएपी के कट्टे की कीमत में 150 रुपये की वृद्धि कर दी है। अभी तक यह खाद 1200 रुपये प्रति बोरी मिल रही थी, लेकिन अब किसान को 1350 रुपये चुकाने होंगे। जिले में यदि आंकड़ों पर गौर किया जाए तो डीएपी खाद की लगभग 40 हजार मीट्रिकटन खपत प्रतिवर्ष होती है। कीमतों में की गई इस वृद्धि का असर जिला के लगभग 1.85 लाख किसान पर पड़ेगा।
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जिले में कुल किसान 1.85 लाख
जिले में डीएपी की खपत 40 हजार एमटी
अभी तक किसान को महंगे डीजल की मार झेेलनी पड़ रही थी, लेकिन अब डीएपी महंगी हो जाने से किसान पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है, जिससे फसल की लागत और बढ़ जाएगी। - नाथूराम किसान
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डीजल की कीमतें लगातार बढ़ने से सिंचाई महंगी हो गई है। डीएपी की कीमत बढ़ने से किसान पर अतिरिक्त बोझ बढे़गा। लेकिन किसान को फसल का मूल्य नहीं मिल पा रहा। -रामपाल किसान
डीएपी की कीमतों में 150 रुपये प्रति बोरी की वृद्धि हुई है। एक बोरी डीएपी की कीमत अब 1350 रुपये हो गई है। यदि किसान से निर्धारित मूल्य से अधिक धन मांगा जाता है तो किसान अपनी शिकायत कर सकता है। - सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी