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अपने दादाजी का ‘ताज’ देख मंत्रमुग्ध हुआ नदीम

Wed, 26 Oct 2016 08:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा Updated Wed, 26 Oct 2016 08:09 AM IST
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हॉलैंड निवासी दादा थे सेंट जोंस कालेज इमारत के इंजीनियर, ताज देखने से ज्यादा कालेज देखकर मिली खुशी  - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

हालैंड के 26 साल के नदीम अहमद के लिए 25 अक्तूबर का दिन यादगार बन गया। अपराह्न दो बजे वह उस इमारत में खड़ा था, जिसे कभी उसके दादा जी ने बनाया। हम बात कर रहे हैं सेंट जोंस कालेज परिसर की। यहां लगी पट्टिका के अनुसार कालेज की नई इमारत की निर्माण तिथि 1898-1913 अंकित है। आर्किटेक्चर के रूप में कर्नल सर स्विंटन एस. जैकब और इंजीनियर के रूप में तीन लोग थे। डब्ल्यू. जे. थामसन, पर्सी बीबर और वाहिद यार खान।

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खुद को वाहिद यार खान का पौत्र बताने वाले नदीम ने कहा कि परिवारीजनों से दो इमारतों की बात सुनकर बड़ा हुआ है। ताजमहल और दूसरा सेंट जोंस कालेज। सच कहूं, ताज तो खूबसूरत है ही, लेकिन जो खुशी सेंट जोंस कॉलेज आकर मिली वो बया नहीं कर सकता। भावुक होते हुए नदीम बोले कॉलेज परिसर में कदम रखते ही एक सुखद अहसास हुआ। बताया, दादा जी भारतीय थे, आजादी के बाद हालैंड में बस गए थे।
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नदीम ने महिला मित्र स्टुडा ख्वार एजीदा के साथ यहां आधा घंटा बिताया। कालेज घूमा और यहां फोटोग्राफी की। नदीम कभी लाल पत्थर को छूता तो कभी नजरों से इमारत की बुलंदी नापता। कालेज मीडिया प्रभारी डा. मधुरिमा शर्मा ने बताया कि कालेज एतिहासिक है। इससे जुड़े लोगों के वंशज यहां आते रहते हैं। युगल ने कालेज का काफी देर तक भ्रमण किया। 

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दस्तावेजों से जीवंत हुई शहीदों की स्मृतियां

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जेल से लिखी अशफाक की अंतिम कविता, नाना साहिब बिठूर पर अंग्रेजों की ओर से 50 हजार रुपये के इनाम का आदेश। ऐसे तमाम दुर्लभ दस्तावेज देख शहीदों की स्मृतियां जीवंत हो गई। मौका रहा सेंट जोंस कालेज में आयोजित क्षेत्रीय अभिलेखागार उप्र राजकीय अभिलेखागार संस्कृति विभाग की दुर्लभ अभिलेख प्रदर्शनी का।

इसमें आजादी के नायकों के हस्ताक्षर, आजाद की पिस्तौल की तस्वीर, मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए जवाब, आजाद हिंद का दिल्ली चलो का नारा, भगत सिंह को फांसी देने का वारंट एवं सर्टिफिकेट जैसे 35 से अधिक दस्तावेज शामिल रहे। दुर्लभ दस्तावेज देखकर छात्र-छात्राओं को तमाम नई जानकारियां मिलीं।

इससे पहले स्वतंत्रता सेनानी सरोज गौरिहार और प्राचार्य प्रो. पीई जोसेफ ने उद्घाटन किया। क्षेत्रीय अभिलेख अधिकारी रमेश चंद्र ने बताया कि प्रदर्शनी चार दिन चलेगी। नाजिया जाफरी, डा. मधुरिमा शर्मा, डा. एजे चौहान, डा. वाईएन त्रिपाठी, डा. एसपी सिंह रहे।

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