{"_id":"6a53cf41233fc262a0017a96","slug":"cybercriminals-siphoned-off-money-from-an-account-by-posing-as-a-doctor-2026-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: गूगल पर डाॅक्टर का नंबर सर्च करना पड़ा महंगा, एपीके फाइल भेजकर खाली कर दिया खाता; जांच में जुटी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: गूगल पर डाॅक्टर का नंबर सर्च करना पड़ा महंगा, एपीके फाइल भेजकर खाली कर दिया खाता; जांच में जुटी पुलिस
Sun, 12 Jul 2026 11:04 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 12 Jul 2026 11:04 PM IST
सार
साइबर ठगों ने 35 ट्रांजेक्शन के जरिए कुल आठ लाख से अधिक रुपये निकाल लिए। पुलिस ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
साइबर अटैक
- फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)
विस्तार
गूगल पर डॉक्टर का मोबाइल नंबर खोजकर अपॉइंटमेंट लेना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने पहले पांच रुपये की फीस जमा कराने के बहाने झांसे में लिया, फिर मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराकर बैंक खाते से 35 ट्रांजेक्शन के जरिए 8,86,602 रुपये निकाल लिए। साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कमला नगर निवासी राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि 29 जून को पत्नी को डॉ. विवेक अग्रवाल को दिखाने के लिए उन्होंने गूगल पर मोबाइल नंबर खोजा। फोन करने पर चिकित्सक का कथित कर्मचारी बनकर रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर पहले पांच रुपये जमा कराए। करीब 20 मिनट तक बातचीत में उलझाए रखा।
इसी दौरान उनके मोबाइल में एपीके फाइल भेज कर क्लिक करवाया गया। मोबाइल हैक कर लिया। 5 जुलाई की सुबह करीब 8:27 बजे से उनके बैंक खाते से बिना किसी मैसेज और ओटीपी के लगातार रकम कटनी शुरू हो गई। साइबर ठगों ने 35 ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 8,86,602 रुपये निकाल लिए। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमला नगर निवासी राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि 29 जून को पत्नी को डॉ. विवेक अग्रवाल को दिखाने के लिए उन्होंने गूगल पर मोबाइल नंबर खोजा। फोन करने पर चिकित्सक का कथित कर्मचारी बनकर रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर पहले पांच रुपये जमा कराए। करीब 20 मिनट तक बातचीत में उलझाए रखा।
विज्ञापन
इसी दौरान उनके मोबाइल में एपीके फाइल भेज कर क्लिक करवाया गया। मोबाइल हैक कर लिया। 5 जुलाई की सुबह करीब 8:27 बजे से उनके बैंक खाते से बिना किसी मैसेज और ओटीपी के लगातार रकम कटनी शुरू हो गई। साइबर ठगों ने 35 ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 8,86,602 रुपये निकाल लिए। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन