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साइबर अपराध: एप डाउनलोड कराकर ठेकेदार के खाते से ट्रांसफर किए 9.35 लाख, साइबर अपराधी ऐसे बना रहे शिकार
Wed, 01 Dec 2021 12:16 AM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 01 Dec 2021 12:16 AM IST
सार
साइबर अपराधी एप डाउनलोड कराकर खाते से रकम निकाल रहे हैं। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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आगरा: साइबर क्राइम सेल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
साइबर अपराधियों ने कंस्ट्रक्शन ठेकेदार अब्दुल रउफ के खाते से 9.35 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। उन्होंने आनलाइन शापिंग कंपनी के ई-वॉलेट एप से रकम कटने पर कस्टमर केयर पर कॉल किया था। इसके बाद उनके पास कॉल करके एक एप डाउनलोड कराकर खाते से रकम निकाली गई। पीड़ित ने मंगलवार को एसएसपी से शिकायत की। मामले में रेंज साइबर थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश किए गए हैं।
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ठेकेदार के साथ ठगी
शाहगंज निवासी अब्दुल रउफ खान एक कंस्ट्रक्शन कंपनी चलाते हैं। वह भवन निर्माण का ठेका लेते हैं। मंगलवार को वह एसएसपी सुधीर कुमार सिंह से मिले। उन्होंने बताया कि 23 नवंबर की शाम को उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के ई-वॉलेट को चेक किया। उसमें सिर्फ 1,034 रुपये बैलेंस था, जबकि उसमें 20 हजार रुपये होने चाहिए थे। उन्होंने ईवॉलेट कंपनी का कस्टमर केयर नंबर पता किया। इसके बाद कॉल कर दिया। कॉल रिसीव करने वाले ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उनसे कहा कि एक और प्रतिनिधि काल करके समस्या का समाधान कर देगा। कुछ देर बाद ही उनके पास एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उनके ई-वॉलेट की जानकारी ले ली। इसके बाद खाते में रकम भेजने के लिए एनी डेस्क एप मोबाइल पर डाउनलोड करा दिया। इसके कुछ देर बाद उनके खाते से दो बार में रकम कट गई। एक बार 8.85 लाख रुपये और दूसरी बार 50 हजार रुपये कट गए। यह रकम ट्रांसफर की गई थी।
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कंपनी कर्मचारियों पर लगाए आरोप
पीड़ित अब्दुल रउफ का आरोप है कि उन्होंने कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर शिकायत की थी। इसके बाद ही एक कॉल आया। उसने एप डाउनलोड कराकर उनका मोबाइल रिमोट एक्सेस कर ई-वॉलेट को आपरेट किया। इस दौरान ही खाते से रकम ट्रांसफर की। कॉल करने वाला कंपनी के कर्मचारियों का सहयोगी होगी। तभी उसने कॉल किया। इस पर कंपनी पर कार्रवाई होनी चाहिए।
कारोबारी ने खाते से 9.35 लाख रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी दी है। पीड़ित के साथ साइबर अपराध हुआ है। इस पर रेंज साइबर थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश किए हैं। - सुधीर कुमार सिंह, एसएसपी
लालच में नहीं आएं:एसएसपी
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि ई-वॉलेट कंपनी के वैध कस्टमर केयर नंबर ही कॉल करना चाहिए। किसी को फोन पर अपने खाते और वॉलेट की जानकारी नहीं देनी चाहिए। किसी अंजान व्यक्ति को फोन पर ओटीपी और यूपीआई पिन नहीं बताएं। मोबाइल पर किसी के कहने पर किसी तरह का एप भी डाउनलोड नहीं करना चाहिए। अगर, कोई कहता है कि खाते में रकम भेज रहे हैं, इस पर बहकावे में नहीं आएं। बैंक और ई-वॉलेट कंपनी फोन पर खाते की जानकारी नहीं लेती हैं। गिफ्ट और रुपये के लालच में नहीं आएं।
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पीड़ित अब्दुल रउफ का आरोप है कि उन्होंने कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर शिकायत की थी। इसके बाद ही एक कॉल आया। उसने एप डाउनलोड कराकर उनका मोबाइल रिमोट एक्सेस कर ई-वॉलेट को आपरेट किया। इस दौरान ही खाते से रकम ट्रांसफर की। कॉल करने वाला कंपनी के कर्मचारियों का सहयोगी होगी। तभी उसने कॉल किया। इस पर कंपनी पर कार्रवाई होनी चाहिए।
कारोबारी ने खाते से 9.35 लाख रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी दी है। पीड़ित के साथ साइबर अपराध हुआ है। इस पर रेंज साइबर थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश किए हैं। - सुधीर कुमार सिंह, एसएसपी
लालच में नहीं आएं:एसएसपी
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि ई-वॉलेट कंपनी के वैध कस्टमर केयर नंबर ही कॉल करना चाहिए। किसी को फोन पर अपने खाते और वॉलेट की जानकारी नहीं देनी चाहिए। किसी अंजान व्यक्ति को फोन पर ओटीपी और यूपीआई पिन नहीं बताएं। मोबाइल पर किसी के कहने पर किसी तरह का एप भी डाउनलोड नहीं करना चाहिए। अगर, कोई कहता है कि खाते में रकम भेज रहे हैं, इस पर बहकावे में नहीं आएं। बैंक और ई-वॉलेट कंपनी फोन पर खाते की जानकारी नहीं लेती हैं। गिफ्ट और रुपये के लालच में नहीं आएं।
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