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साइबर अपराधः अब परिचित और बैंककर्मी बनकर ठग रहे शातिर, मोबाइल पर भेज रहे ऐसे लिंक
Wed, 06 May 2020 03:11 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 06 May 2020 03:11 PM IST
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साइबर अपराधियों से बचने के लिए पुलिस ने जारी किया पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन में साइबर अपराधी लोगों को अपने जाल फंसा का लूट रहे हैं। वे खाते में रकम भेजने का झांसा देकर, कभी रिश्तेदार तो कभी बैंककर्मी बनकर ठग रहे हैं। लॉकडाउन में 44 दिन के दौरान शहर में 30 से अधिक मामले पुलिस के पास आ चुके हैं। मगर, पीड़ितों को भटकना ही पड़ रहा है। लॉकडाउन में लोग घरों में रह रहे हैं।
ज्यादातर पेमेंट ऑनलाइन कर रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराधी लोगों को कॉल करके झांसे में ले रहे हैं। हाल ही में साइबर क्राइम सेल, रेंज साइबर सेल और साइबर क्राइम थाना में साइबर ठगी के 30 से अधिक मामले आए। इनमें सबसे ज्यादा मामले रिश्तेदार, दोस्त और बैंक कर्मी बनकर ठगी के थे। लोगों को कभी लोन की धनराशि भेजने, पीएम केयर फंड में रकम जमा करने, यहां तक कि ई वालेट में परिचित की रकम भेजने का झांसा दिया गया।
साइबर क्राइम थाने में छह मामलों की जांच
साइबर क्राइम थाने में एक लाख से अधिक की धोखाधड़ी के छह मामले लॉकडाउन के दौरान आ चुके हैं। साइबर क्राइम थाने की शुरूआत भी लॉकडाउन से कुछ दिन पहले ही हुई थी। इनमें रेंज के जिलों के मामले हैं। इन सभी पुलिस की टीम जांच कर रही है।
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ज्यादातर पेमेंट ऑनलाइन कर रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराधी लोगों को कॉल करके झांसे में ले रहे हैं। हाल ही में साइबर क्राइम सेल, रेंज साइबर सेल और साइबर क्राइम थाना में साइबर ठगी के 30 से अधिक मामले आए। इनमें सबसे ज्यादा मामले रिश्तेदार, दोस्त और बैंक कर्मी बनकर ठगी के थे। लोगों को कभी लोन की धनराशि भेजने, पीएम केयर फंड में रकम जमा करने, यहां तक कि ई वालेट में परिचित की रकम भेजने का झांसा दिया गया।
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साइबर क्राइम थाने में छह मामलों की जांच
साइबर क्राइम थाने में एक लाख से अधिक की धोखाधड़ी के छह मामले लॉकडाउन के दौरान आ चुके हैं। साइबर क्राइम थाने की शुरूआत भी लॉकडाउन से कुछ दिन पहले ही हुई थी। इनमें रेंज के जिलों के मामले हैं। इन सभी पुलिस की टीम जांच कर रही है।
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केस : 1
लोहामंडी क्षेत्र के रहने वाले युवक के मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि वो आपके पिता के दोस्त ने नंबर दिया है। पीएम आवास योजना की किश्त आने वाली है। उनके पास ई वालेट नहीं है। इस कारण आपके खाते में रकम भेज रहा हूं। युवक से ई वॉलेट का नंबर ले लिया। इसके बाद पैसा निकालने का लिंक भेजा। युवक ने समझा कि रकम आ रही है। उन्होंने लिंक पर क्लिक कर दिया। उनके खाते से 17 हजार रुपये निकल गए।
केस : 2
सदर क्षेत्र के रहने वाले बीएसएनएल कर्मी के मोबाइल पर एक कॉल आया। काल करने वाले ने खुद को रिश्तेदार बताया। कहा कि वह किसी से रुपये मंगवा रहा है। मगर, ई वालेट नहीं चलाने की वजह से रकम नहीं आ पा रही है। आपके खाते में रकम मंगवा लेंगे। इसके बाद रकम ले लेंगे। बीएसएनएल कर्मी ने ई वालेट का नंबर दे दिया। उनके पास लिंक आए। लिंक पर क्लिक करते ही खाते से 1.25 लाख रुपये निकल गए। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की है।
केस : 3
कालिंदी विहार निवासी एक युवक के पास एक कॉल आया। काल करने वाले ने कहा कि मैं तुम्हारे मौसाजी का दोस्त बोल रहा हूं। मौसाजी तुम्हें 20 हजार रुपये भेजना चाह रहे हैं। बस तुम्हें अपने ई वालेट का नंबर बताना होगा। एक लिंक आएगा। फिर क्लिक कर देना। युवक से लिंक पर दो बार क्लिक कराकर साइबर अपराधियों ने 40 हजार रुपये निकाल लिए।
लोहामंडी क्षेत्र के रहने वाले युवक के मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि वो आपके पिता के दोस्त ने नंबर दिया है। पीएम आवास योजना की किश्त आने वाली है। उनके पास ई वालेट नहीं है। इस कारण आपके खाते में रकम भेज रहा हूं। युवक से ई वॉलेट का नंबर ले लिया। इसके बाद पैसा निकालने का लिंक भेजा। युवक ने समझा कि रकम आ रही है। उन्होंने लिंक पर क्लिक कर दिया। उनके खाते से 17 हजार रुपये निकल गए।
केस : 2
सदर क्षेत्र के रहने वाले बीएसएनएल कर्मी के मोबाइल पर एक कॉल आया। काल करने वाले ने खुद को रिश्तेदार बताया। कहा कि वह किसी से रुपये मंगवा रहा है। मगर, ई वालेट नहीं चलाने की वजह से रकम नहीं आ पा रही है। आपके खाते में रकम मंगवा लेंगे। इसके बाद रकम ले लेंगे। बीएसएनएल कर्मी ने ई वालेट का नंबर दे दिया। उनके पास लिंक आए। लिंक पर क्लिक करते ही खाते से 1.25 लाख रुपये निकल गए। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की है।
केस : 3
कालिंदी विहार निवासी एक युवक के पास एक कॉल आया। काल करने वाले ने कहा कि मैं तुम्हारे मौसाजी का दोस्त बोल रहा हूं। मौसाजी तुम्हें 20 हजार रुपये भेजना चाह रहे हैं। बस तुम्हें अपने ई वालेट का नंबर बताना होगा। एक लिंक आएगा। फिर क्लिक कर देना। युवक से लिंक पर दो बार क्लिक कराकर साइबर अपराधियों ने 40 हजार रुपये निकाल लिए।
पुलिस दे रही लोगों को बचने की सलाह
साइबर सेल के एक्सपर्ट का कहना है कि रुपये प्राप्त करने के लिए किसी लिंक पर क्लिक नहीं करना होता है। कभी किसी लालच में न आएं। अनजान फोन कॉल और एसएमएस पर भरोसा न करें। फेसबुक पर किसी को रुपये न दें। फोन पर बात जरूर करें। बैंक खाते या अन्य किसी ई वालेट की केवाईसी अपडेट करने के लिए प्राप्त मैसेज या काल पर पूर्ण भरोसा न करें। पुलिस लोगों को साइबर अपराधियों से बचने के लिए मैसेज भी कर रही है।
साइबर सेल के एक्सपर्ट का कहना है कि रुपये प्राप्त करने के लिए किसी लिंक पर क्लिक नहीं करना होता है। कभी किसी लालच में न आएं। अनजान फोन कॉल और एसएमएस पर भरोसा न करें। फेसबुक पर किसी को रुपये न दें। फोन पर बात जरूर करें। बैंक खाते या अन्य किसी ई वालेट की केवाईसी अपडेट करने के लिए प्राप्त मैसेज या काल पर पूर्ण भरोसा न करें। पुलिस लोगों को साइबर अपराधियों से बचने के लिए मैसेज भी कर रही है।