आगरा: लिंक भेज डॉक्टर के खाते से निकाले 73 लाख रुपये, पांच महीने में भी नहीं पकड़े गए अपराधी
पांच महीने पहले आगरा के सेवानिवृत्त डॉक्टर के साथ धोखाधड़ी हुई थी। पुलिस की जांच में साइबर अपराध करने वाले गैंग झारखंड और पश्चिम बंगाल का निकला। लेकिन पुलिस शातिरों को अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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साइबर अपराधियों ने आगरा के दयालबाग के डॉक्टर अरुण कुमार गुप्ता के खाते से 73 लाख रुपये निकाले थे। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ। पांच महीने बाद भी न आरोपी गिरफ्तार हुए न ही रकम वापस हो सकी। यह तब है जब पुलिस को आरोपियों के खातों की जानकारी मिल चुकी हैं। हालांकि थाना पुलिस का कहना है कि टीम को भेजा जा रहा है।
दयालबाग स्थित प्रेम नगर निवासी चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार गुप्ता का हीरा बाग स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में खाता है। नवंबर 2021 में उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इसमें खाता बंद होने और पुन: चालू कराने की जानकारी थी। एक नंबर पर कॉल करने के लिए कहा गया था। कॉल करने पर एक व्यक्ति ने बात की थी।
लिंक भेज डाउनलोड कराया था एप
खाते की जानकारी लेने के बाद मोबाइल पर एक लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करने पर एक एप डाउनलोड हो गया। इसके बाद खाते से नेट बैंकिंग चालू करके 73 लाख रुपये निकाले गए थे। पुलिस की जांच में पता चला था कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई, वो झारखंड और पश्चिम बंगाल के हैं। छह से अधिक खातों में रकम गई थी।
पुलिस को खातों की जानकारी मिल गई। वहीं आरोपियों के खातों की भी जानकारी मिल गई है। मगर, आरोपी पकड़े गए न खाते से निकली रकम वापस मिल सकी। थाना के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि मामले में विवेचना की जा रही है। टीम को पश्चिम बंगाल और झारखंड भेजा जाएगा। वहां की पुलिस की मदद से आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाएगी जाएगी।
ये हैं बड़े मामले
- 25 दिन पहले युवती के खाते से तीन लाख से अधिक निकाल लिए गए। पीड़िता ने शिकायत की। साइबर थाना भी गईं। मगर, न रकम वापस हुई और न ही पीड़ित शिकायत पर कोई कार्रवाई हुई।
- जुलाई 2021 को पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए फॉलोअर को ट्रेजरी अफसर बनकर कॉल किया गया। इसके बाद खाते से 15 लाख रुपये निकाल लिए गए। अब तक रुपये वापस नहीं आ सके हैं। आरोपी भी नहीं पकड़े।
- वर्ष 2021 में ट्रेजरी अफसर बनकर सेवानिवृत्त दरोगा के खाते से 7.36 लाख रुपये निकाले गए थे। यह मामला भी अब तक नहीं खुल सका है।
- पिछले साल ही सेवानिवृत्त फायर सर्विस कर्मी के खाते से 27 लाख रुपये निकाले थे। यह रकम उनके खाते में फंड मिलने पर आई थी। उन्होंने शिकायत की। मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन आरोपी नहीं पकड़े गए।