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UP News: खतरनाक है डिजिटल अरेस्ट, तड़पकर निकले शिक्षिका के प्राण; पश्चिम बंगाल से जुड़े हैं अपराधियों के तार
Sun, 06 Oct 2024 07:03 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 06 Oct 2024 07:03 AM IST
सार
डिजिटल अरेस्ट कितना खतरनाक है, इशका अंदाजा इस खबर को आगे पढ़कर लग जाएगा।तड़पकर शिक्षिका के प्राण निकले। साइबर अपराधियों के तार पश्चिम बंगाल से जुड़े हैं।
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सरकारी टीचर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में शिक्षिका मालती वर्मा को डिजिटल अरेस्ट के मामले में कॉल करने वाले साइबर अपराधियों के तार पश्चिम बंगाल से जुड़े हैं। बेटी के सेक्स रैकेट में फंसने की बात कहकर धमकाने वाले साइबर अपराधियों के धमकाने से दहशत में आईं शिक्षिका की मौत हो गई थी। शनिवार को साइबर थाने की टीम शनिवार दोपहर शिक्षिका के घर पहुंची। टीम ने शिक्षिका के मोबाइल फोन की डिटेल लेने के साथ ही बेटे दीपांशु और बेटी से जानकारी ली।
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सुभाष नगर, अलबतिया रोड निवासी मालती वर्मा (58) राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल अछनेरा में शिक्षिका थीं। उनके पास 30 सितंबर को दोपहर 12 बजे साइबर अपराधी ने कॉल आया। खुद को इंस्पेक्टर विजय कुमार बताते हुए कहा कि उनकी बेटी सेक्स रैकेट में पकड़ी गई है। अगर उसे छुड़ाना है तो एक लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करने होंगे।
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रकम जमा कराने के लिए साइबर अपराधी ने एक नंबर दिया था। शिक्षिका के पास 17 मिनट में 10 दफा कॉल की गईं। बेटी के सेक्स रैकेट में पकड़े जाने की बात सुनकर शिक्षिका की हालत बिगड़ गई थी। उन्हें परिजन अस्पताल में ले गए मगर शाम 4 बजे उनकी मृत्यु हो गई।
शनिवार को साइबर थाने की इंस्पेक्टर रीता यादव टीम के साथ शिक्षिका के घर पहुंचीं। उन्होंने शिक्षिका के मोबाइल फोन पर आई कॉल का ब्योरा लिया। बेटे दीपांशु ने टीम को बताया कि साइबर अपराधी ने खाते में रकम डालने के लिए साथी का मोबाइल नंबर दिया था।
साइबर टीम ने उक्त नंबर चेक किया तो वह पश्चिम बंगाल का निकला। नंबर फिलहाल बंद है। उस नंबर पर लगी वाट्सएप की डीपी भी हटा दी है। साइबर टीम ने शिक्षिका के बेटे दीपांशु और बेटी के मोबाइल फोन की डिटेल भी ली हैं।