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साइबर अपराधियों की खैर नहीं! आगरा रेंज में खुला थाना, इस तरह करेगी पुलिस टीम कार्य
Fri, 20 Mar 2020 01:37 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 20 Mar 2020 01:37 PM IST
सार
रेंज के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के मामलों को दर्ज किया जाएगा
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साइबर क्राइम थाना का शुभारंभ करते एडीजी रेंज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा पुलिस लाइन में रेंज का पहला साइबर क्राइम थाना खुल गया है। एडीजी अजय आनंद ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया है। आईजी ए सतीश गणेश और एसएसपी बबलू कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
इससे पहले आगरा में साइबर सेल और रेल साइबर सेल संचालित हैं। साइबर अपराध से संबंधित सभी मामलों की सुनवाई थाने में की जाएगी। मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे। आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग से टीम है।
साइबर थाना में तीन दरोगा और आठ सिपाहियों को अस्थायी रूप से संबद्ध किया गया है। रेंज के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के मामलों को दर्ज किया जाएगा। पुलिसकर्मियों के पास अपना वाहन और तकनीकी जांच के लिए टीम होगी।
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इससे पहले आगरा में साइबर सेल और रेल साइबर सेल संचालित हैं। साइबर अपराध से संबंधित सभी मामलों की सुनवाई थाने में की जाएगी। मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे। आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग से टीम है।
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साइबर थाना में तीन दरोगा और आठ सिपाहियों को अस्थायी रूप से संबद्ध किया गया है। रेंज के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के मामलों को दर्ज किया जाएगा। पुलिसकर्मियों के पास अपना वाहन और तकनीकी जांच के लिए टीम होगी।
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पुलिस लाइन में यातायात निरीक्षक के कार्यालय के पास साइबर क्राइम थाना तैयार किया गया। इसमें एक निरीक्षक, चार उपनिरीक्षक, 20 आरक्षी और पांच अनुवर्ती स्टाफ का नियतन निर्धारित किया गया है। पिछले दिनों पुलिस लाइन में परीक्षा का आयोजन किया गया था।
इसमें लिखित और साक्षात्कार शामिल था। परीक्षा में टॉप पर रहने वाले तीन दरोगा और आठ सिपाहियों को अस्थायी रूप से संबद्ध किया गया। इनकी संख्या आने वाले दिनों में नियतन के हिसाब से कर दी जाएगी। पुलिसकर्मी चार साल तक तैनात रह सकेंगे।
फिलहाल जिस भवन में थाना खुल रहा है, उसमें हवालात की व्यवस्था नहीं है। इस कारण जनपद न्यायालय के नजदीक के थाना में आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद रखा जाएगा। रेंज के चारों जिलों के साइबर क्राइम के मामलों की एफआईआर दर्ज की जाएंगी।
इसमें लिखित और साक्षात्कार शामिल था। परीक्षा में टॉप पर रहने वाले तीन दरोगा और आठ सिपाहियों को अस्थायी रूप से संबद्ध किया गया। इनकी संख्या आने वाले दिनों में नियतन के हिसाब से कर दी जाएगी। पुलिसकर्मी चार साल तक तैनात रह सकेंगे।
फिलहाल जिस भवन में थाना खुल रहा है, उसमें हवालात की व्यवस्था नहीं है। इस कारण जनपद न्यायालय के नजदीक के थाना में आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद रखा जाएगा। रेंज के चारों जिलों के साइबर क्राइम के मामलों की एफआईआर दर्ज की जाएंगी।
सामान्य थानों की तरह करेंगे काम : आईजी
आईजी ए सतीश गणेश ने बताया कि यह थाना सामान्य थानों की तरह काम करेगा। जीडी में कर्मचारियों का दैनिक कार्य अंकित होगा। रवानगी और वापसी लिखी जाएगी। कर्मचारी वर्दी में रहेंगे। सहायक पुलिस अधीक्षक या सीओ को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी होगी। चार पहिया वाहन दिया जाएगा। रिवाल्वर और पिस्टल के साथ कंप्यूटर सहित अन्य उपकरण लगाए जा रहे हैं।
सीसीटीएनएस के नोड से पहले जनपद के एक थाना में एफआईआर दर्ज होगी। सीसीटीएनएस पर नोड के क्रियान्वयन के बाद साइबर क्राइम थाना में एफआईआर दर्ज कर ली जाएंगी। टेक्निकल असिस्टेंट टीम भी बनाई गई है, जो रेंज में होने वाले साइबर क्राइम के मामलों की विवेचना मेें मदद करेगी।
इनको किया संबद्ध
एसआई मोहित वर्मा, चेतन कुमार भारद्वाज और आशीष मलिक हैं। वहीं सिपाही प्रिंस भाटी, शुभम, रिषभ कुमार, पवन कुमार, रवि मिश्रा, शैलेंद्र कुमार, प्रवेश कुमार शर्मा और अभिषेक कुमार संबद्ध किए गए हैं। दो दरोगा बीटेक पास हैं।
आईजी ए सतीश गणेश ने बताया कि यह थाना सामान्य थानों की तरह काम करेगा। जीडी में कर्मचारियों का दैनिक कार्य अंकित होगा। रवानगी और वापसी लिखी जाएगी। कर्मचारी वर्दी में रहेंगे। सहायक पुलिस अधीक्षक या सीओ को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी होगी। चार पहिया वाहन दिया जाएगा। रिवाल्वर और पिस्टल के साथ कंप्यूटर सहित अन्य उपकरण लगाए जा रहे हैं।
सीसीटीएनएस के नोड से पहले जनपद के एक थाना में एफआईआर दर्ज होगी। सीसीटीएनएस पर नोड के क्रियान्वयन के बाद साइबर क्राइम थाना में एफआईआर दर्ज कर ली जाएंगी। टेक्निकल असिस्टेंट टीम भी बनाई गई है, जो रेंज में होने वाले साइबर क्राइम के मामलों की विवेचना मेें मदद करेगी।
इनको किया संबद्ध
एसआई मोहित वर्मा, चेतन कुमार भारद्वाज और आशीष मलिक हैं। वहीं सिपाही प्रिंस भाटी, शुभम, रिषभ कुमार, पवन कुमार, रवि मिश्रा, शैलेंद्र कुमार, प्रवेश कुमार शर्मा और अभिषेक कुमार संबद्ध किए गए हैं। दो दरोगा बीटेक पास हैं।