{"_id":"602f59780e7ba158011071c7","slug":"ctet-paper-leak-case-news-agra-police-got-important-clues","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा: कॉलेजों से जुड़े सीटीईटी पेपर लीक होने के तार, गिरफ्तार आरोपियों से मिले अहम सुराग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा: कॉलेजों से जुड़े सीटीईटी पेपर लीक होने के तार, गिरफ्तार आरोपियों से मिले अहम सुराग
Fri, 19 Feb 2021 11:59 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 19 Feb 2021 11:59 AM IST
विज्ञापन
सीटीईटी पेपर लीक मामला: आगरा में पकड़े गए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) का पेपर लीक होने के मामले में अब कानपुर, प्रतापगढ़, एटा, उन्नाव के कॉलेजों से तार जुड़ रहे हैं। जेल जा चुके अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल में कुछ संदिग्ध नंबर मिले। उनकी कॉल डिटेल निकलवाई गई तो ये नंबर कॉलेजों के कर्मचारियों के निकले। पुलिस इनसे पूछताछ करेगी। 13 लोगों की गिरफ्तारी के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि पेपर लीक किसने किया है?
विज्ञापन
दो फरवरी को पेपर लीक होने के इस मामले में आगरा से एपेक्स कोचिंग के संचालक विकास शर्मा, शिक्षक प्रभात, छात्र कुलदीप फौजदार, थान सिंह और मोहित यादव को गिरफ्तार किया गया था। बाद में प्रतापगढ़ से विकास और भदोही निवासी अमर साहनी को पकड़ा था। एटा के अलीगंज स्थित लुहारी दरवाजा निवासी अमनराज उर्फ विवेक यादव और अलीगंज स्थित दाऊदगंज निवासी सुमित यादव उर्फ डिंपल यादव पकड़े गए थे।
विज्ञापन
एटा जिले के थाना जसरथपुर स्थित नगला राम सिंह निवासी अरविंद कुमार यादव, मैनपुरी के थाना कुरावली स्थित घिरोर मार्ग निवासी राजवीर सिंह और कन्नौज के थाना तिरवा स्थित गांव सिकरौली निवासी वरुण प्रताप सिंह को भी जेल भेजा गया था।
विज्ञापन
एजेंटों ने बेचा था हल प्रश्न पत्र
जेल जा चुके आरोपियों के पास हल प्रश्न पत्र आया था। किसी को कोचिंग के अध्यापक से मिला तो किसी को एजेंट से। पुलिस ने पहले अभ्यर्थियों की मोबाइल कॉल डिटेल निकलवाई। फिर एजेंटों की। इसमें जो संदिग्ध नंबर मिले, अब उन पर पड़ताल चल रही है। ये कॉलेजों के कर्मचारी बताए गए हैं।
विवेचना में मिले और सुराग
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि पेपर लीक मामले की विवेचना में कुछ सुराग मिले हैं। कई मोबाइल नंबर पर काम किया जा रहा है। कुछ और संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ के लिए टीमें भेजी गई हैं।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।
जेल जा चुके आरोपियों के पास हल प्रश्न पत्र आया था। किसी को कोचिंग के अध्यापक से मिला तो किसी को एजेंट से। पुलिस ने पहले अभ्यर्थियों की मोबाइल कॉल डिटेल निकलवाई। फिर एजेंटों की। इसमें जो संदिग्ध नंबर मिले, अब उन पर पड़ताल चल रही है। ये कॉलेजों के कर्मचारी बताए गए हैं।
विवेचना में मिले और सुराग
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि पेपर लीक मामले की विवेचना में कुछ सुराग मिले हैं। कई मोबाइल नंबर पर काम किया जा रहा है। कुछ और संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ के लिए टीमें भेजी गई हैं।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।