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आगरा में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल: बीमारी का इलाज कराने आते हैं...पर ऐसी व्यवस्था जो कर ही बीमार
Tue, 19 Mar 2024 09:23 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 19 Mar 2024 09:23 AM IST
सार
बीमारी का इलाज कराने आ रहे मरीज अस्पताल का व्यवस्थाएं देखकर बीमार हो रहे हैं। पर्चा और दवा के लिए धक्का-मुक्की हो रही है। परेशान होकर मरीज खुद ही बेंच पर लेट जाते हैं।
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आगरा में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। पर्चा बनवाने, दवा लेने और चिकित्सक को दिखाने में उन्हें धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। एक से डेढ़ घंटे तक का समय लगा। कुछ मरीज तो परेशान होकर बेंच पर लेट गए।
एसएन में 3322 मरीज आए, इसमें से 2558 नए और 764 पुराने रहे। सुबह 10 से 12 बजे तक हॉल ठसाठस भर गया। पर्चा और दवा काउंटर पर धक्का-मुक्की होने लगी। बेचैनी होने पर कुछ मरीज बेंच पर ही लेट गए। जैसे-तैसे पर्चा बना, इसके बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए इंतजार किया। यहां के बाद फिर दवा काउंटर की कतार में भी दिक्कत हुई। जगदीशपुरा के प्रवीन कुमार ने बताया कि अपने 65 साल के पिता को सांस लेने में परेशानी होने पर दिखाने साढ़े दस बजे आ गए थे। पर्चा-दवा और डॉक्टर को दिखाने में डेढ़ घंटा लग गया।
जिला अस्पताल में भी यही हाल रहा और करीब 4500 मरीज आए। यहां भीड़ अधिक होने पर काउंटर पर धक्का-मुक्की हुई। हॉल छोटा होने के कारण मरीजों को परेशानी होने लगी। कुछ मरीज कतार से निकलकर खुले में बैठ गए। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार का कहना है कि सोमवार को भीड़ डेढ़ गुना अधिक रहती है। गार्ड लगाकर व्यवस्था ठीक करानी पड़ी।
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बेंच टूटी, जमीन पर बैठे मरीज
रावली के भोलू ने बताया कि एसएन की ओपीडी में बेंच की कमी है, एक टूटी हुई है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। वह अपने भांजे रूपेश को दिखाने लाए थे। कतार में उसे परेशानी हो रही थी, बेंच खाली नहीं होने पर जमीन पर लेट गया। उसके पैर दबाए तब आराम मिला, फिर डॉक्टर को दिखाया। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना कि बेंच ठीक कराई जा रही है। इनकी संख्या भी बढ़ाएंगे।
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एसएन में 3322 मरीज आए, इसमें से 2558 नए और 764 पुराने रहे। सुबह 10 से 12 बजे तक हॉल ठसाठस भर गया। पर्चा और दवा काउंटर पर धक्का-मुक्की होने लगी। बेचैनी होने पर कुछ मरीज बेंच पर ही लेट गए। जैसे-तैसे पर्चा बना, इसके बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए इंतजार किया। यहां के बाद फिर दवा काउंटर की कतार में भी दिक्कत हुई। जगदीशपुरा के प्रवीन कुमार ने बताया कि अपने 65 साल के पिता को सांस लेने में परेशानी होने पर दिखाने साढ़े दस बजे आ गए थे। पर्चा-दवा और डॉक्टर को दिखाने में डेढ़ घंटा लग गया।
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जिला अस्पताल में भी यही हाल रहा और करीब 4500 मरीज आए। यहां भीड़ अधिक होने पर काउंटर पर धक्का-मुक्की हुई। हॉल छोटा होने के कारण मरीजों को परेशानी होने लगी। कुछ मरीज कतार से निकलकर खुले में बैठ गए। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार का कहना है कि सोमवार को भीड़ डेढ़ गुना अधिक रहती है। गार्ड लगाकर व्यवस्था ठीक करानी पड़ी।
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बेंच टूटी, जमीन पर बैठे मरीज
रावली के भोलू ने बताया कि एसएन की ओपीडी में बेंच की कमी है, एक टूटी हुई है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। वह अपने भांजे रूपेश को दिखाने लाए थे। कतार में उसे परेशानी हो रही थी, बेंच खाली नहीं होने पर जमीन पर लेट गया। उसके पैर दबाए तब आराम मिला, फिर डॉक्टर को दिखाया। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना कि बेंच ठीक कराई जा रही है। इनकी संख्या भी बढ़ाएंगे।