फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Criminals changed the way they used to crime in trains

क्रिमिनल्स ने बदला ट्रेनों में क्राइम करने का तरीका, अब ऐसे उड़ा रहे यात्रियों का माल

Thu, 21 Jun 2018 12:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Thu, 21 Jun 2018 12:19 PM IST
विज्ञापन
 Criminals changed the way they used to crime in trains
समन्वय बैठक - फोटो : अमर उजाला
ट्रेनों में अपराध करने वाले अपराधियों ने अब क्राइम का तरीका बदल दिया है। क्रिमिनल्स यात्रियों की ही तरह ट्रेनों में रिजर्वेशन करवाते हैं और फिर लोगों का सामान लेकर उड़ जाते हैं। 
विज्ञापन


ये बातें अपर महानिदेशक रेलवे बीके मौर्या ने बुधवार को सर्किट हाउस में छह राज्यों के रेलवे पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत बताई। 

उन्होंने कहा कि वक्त के साथ ही ट्रेनों में अपराध करने का तरीका भी बदल गया है। गैंग बाकायदा ट्रेनों के एसी कोचों में रिजर्वेशन कराने के बाद यात्रियों का सामान उड़ा रहे हैं। 
विज्ञापन

 Criminals changed the way they used to crime in trains
डेमो - फोटो : डेमो
ऐसे अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए समन्वय बैठक में चर्चा की गई है। अपराधियों के साथ जीआरपी भी अंकुश के तरीके में बदलाव कर रही है।

उन्होंने कहा कि वारदात कहीं भी हुई हो, जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज करनी होगी। शून्य पर दर्ज करके जहां का मामला है वहां भेजें। अपर महानिदेशक रेलवे ने बताया कि मध्य प्रदेश में ऐसा गैंग ट्रेस किया गया है। 

जोकि सुपरफास्ट ट्रेनों के एसी कोच में साथ में यात्रा करने वाले यात्रियों का सामान चोरी करता है। इस गैंग के सदस्यों ने एक साल में 112 ट्रेनों में रिजर्वेशन कराए और चोरियां कीं। 

इस गैंग की खासियत है कि इसके दो-तीन सदस्य यात्रा तो एक साथ करते हैं मगर आपस में बातचीत तक नहीं करते। इससे आम यात्री को शक भी नहीं होता कि ये किसी अपराधी गैंग के सदस्य हो सकते हैं। 

उन्होंने बताया कि ट्रेनों में भी अपराध का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। जहरखुरान गिरोहों का मकसद भी अब यात्री की जान लेना नहीं बल्कि माल उड़ाना रह गया है। वह डायजापाम की मामूली डोज पानी, चाय या खाद्य सामग्री में देते हैं। 

इसी तरह के गैंगों को कार्ययोजना बनाकर ट्रेस करने पर सीमावर्ती राज्यों के पुलिस अधिकारियों से चर्चा की गई। इस मौके पर आईजी रेलवे बीआर मीणा मौजूद रहे।
विज्ञापन

बनेगा लखनऊ में सेंटर

एडीजी ने बताया कि गदाई यानी स्टेशनों के आसपास नशा करके घूमने वाले बच्चों की समस्या को दूर करने के लिए लखनऊ में राष्ट्रीय कौशल विकास केंद्र की मदद से जीआरपी लखनऊ में सेंटर खोलने जा रही है। 

इसमें इन बच्चों को नशामुक्ति करके कई तरह के प्रशिक्षण दिए जाएंगे, ताकि वह भी समाज की मुख्यधारा में लौट सकें मुरादाबाद में जीआरपी ने ऐसे कई बच्चों से नशा छुड़वाया है। 

उन्होंने बताया कि अवैध वेंडरों की समस्या पर अंकुश तभी लग सकता है, जबकि रेलवे इन्हें लाइसेंस दे। ट्रेनों में अधिकृत वेंडरों की कमी के कारण ही अवैध वेंडरों को मौका मिलता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed