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भ्रूण लिंग परीक्षण के तीन आरोपियों को भरतपुर कोर्ट ने दी जमानत
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 18 Jul 2017 08:00 PM IST
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डाक्टर निर्मल चोपड़ा (सबसे बाएं)
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोप में 14 जुलाई को पकड़े गए चार लोगों में से तीन को मंगलवार को भरतपुर कोर्ट से जमानत मिल गई। इनमें सदर के चोपड़ा सुपर स्पेशिएलिटी हास्पिटल की संचालक डा. निर्मला चोपड़ा (एमबीबीएस, एमएस), हॉस्पिटल की रिसेप्शनिस्ट तनिशा शर्मा और दलाल नेत्रपाल शामिल हैं।
दलाली के आरोप में पकड़े गए महिपाल को अभी जमानत नहीं मिल पाई है। उधर राजस्थान पुलिस का कहना है कि उसके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं। इस मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। डा. चोपड़ा आईएमए आगरा की दो बार अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
राजस्थान के पीसीपीएनडीटी दल ने 14 जुलाई को डमी मरीज के जरिए किए गए स्टिंग ऑपरेशन केबाद उनके हॉस्पिटल की रजिस्टर्ड सोनोग्राफी मशीन को सीज कर दिया था। दल के प्रभारी नवीन जैन ने दावा किया था कि चोपड़ा हॉस्पिटल में लिंग भ्रूण परीक्षण के प्रत्येक केस में 30 हजार रुपये लिए जाते थे। डमी मरीज से भी लिए गए थे। दल ने इन्हें बरामद किया था।
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दलाली के आरोप में पकड़े गए महिपाल को अभी जमानत नहीं मिल पाई है। उधर राजस्थान पुलिस का कहना है कि उसके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं। इस मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। डा. चोपड़ा आईएमए आगरा की दो बार अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
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राजस्थान के पीसीपीएनडीटी दल ने 14 जुलाई को डमी मरीज के जरिए किए गए स्टिंग ऑपरेशन केबाद उनके हॉस्पिटल की रजिस्टर्ड सोनोग्राफी मशीन को सीज कर दिया था। दल के प्रभारी नवीन जैन ने दावा किया था कि चोपड़ा हॉस्पिटल में लिंग भ्रूण परीक्षण के प्रत्येक केस में 30 हजार रुपये लिए जाते थे। डमी मरीज से भी लिए गए थे। दल ने इन्हें बरामद किया था।
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अस्पताल में हो गई थी भर्ती
भ्रूण लिंग परीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के पीसीपीएनडीटी दल ने डाक्टर निर्मल चोपड़ा समेत चारों आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें कोर्ट के सामने 15 जुलाई को पेश किया था। चारों को जेल भेजा गया था। तभी डा. निर्मल चोपड़ा ने घबराहट होने की शिकायत की थी। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनकी जमानत याचिका में भी उनकी तबीयत का हवाला दिया गया।
तीसरा दलाल नहीं आया हाथ
भ्रूण लिंग परीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में राजस्थान के पीसीपीएनडीटी दल ने एक ऑडियो रिकार्डिंग भी बरामद की है। यह दलाल की बताई गई है। उसका मोबाइल नंबर भी मिल गया है। वह अभी हाथ नहीं आया है। अब उसकी तलाश और तेज की जा रही है। उससे इस मामले में अहम साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।