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ठंड से किसान समेत तीन की मौत
ठंड से किसान समेत तीन की मौत
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:53 AM IST
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ठंड से किसान समेत तीन की मौत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कड़ाके की ठंड में ग्रामीण इलाकों में गुरुवार रात किसान समेत तीन लोगों की मौत हो गई। किसान खेत पर फसलों की रखवाली करने गया था। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
तांतपुर के गांव गुगामंद में गुरुवार शाम को बच्चू सिंह (62) खेत पर फसलों की रखवाली करने के लिए गए थे। वहां रात को ठंड के कारण उनकी मौत हो गई। मृतक के पुत्र अवतार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में विचरण करने वाली गाय और नीलगाय फसलों को बर्बाद कर देती हैं। इनसे फसलों बचाव के लिए कई बार किसानों ने अधिकारियों से शिकायत की लेकिन किसी ने कोई सुनाई नहीं की। ऐसे में किसानों को मजबूरी में फसलों की रखवाली के लिए खेतों पर जाना पड़ता है। घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह होने पर परिवार में कोहराम मच गया।
एत्मादपुर में पुरानी तहसील चौराहे के पास स्थित गिहार बस्ती में गुरुवार रात एक दुकान के बाहर सो रहे नूरा (52) निवासी सिंहपुर कतिकी थाना पचोखरा फीरोजाबाद की मौत हो गई। सुबह जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के चचेरे भाई खेराती ने बताया कि नूरा अपने बेटे निजाम के साथ जयपुर में फेरी लगाकर चूड़ी बेचने का कार्य करते थे। गुरुवार को वह जयपुर से घर आने के लिए चले थे। रात ज्यादा हो जाने की वजह से वह एत्मादपुर में उतर गए। पुलिस ने बताया कि रास्ता भटक कर नूरा हाईवे के नजदीक दुकान पर सो गए थे। ठंड के कारण उनकी मौत हो गई। वहीं, पिनाहट के गांव छदामीपुरा में गुरुवार रात ट्रक की छत पर सो रहे देशराज (45) की मौत हो गई। वह अपने चाचा के ट्रक पर नौकरी करते थे। गुरुवार को ट्रक में आलू भरके गांव पहुंचे थे। देरशाम खाना खाकर गांव के बाहर खडे़ ट्रक पर सो गए थे। सुबह उनका शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया।
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ठंड से मरने लगे परिंदे, स्कूली बच्चे भी हाल-बेहाल
बाह/पिनाहट/एत्मादपुर। कड़ाके की ठंड से आम आदमी ही नहीं पशु-पक्षियों का भी बुरा हाल है। शुक्रवार सुबह कई जगह पक्षियों के मरने की खबर मिली। वहीं, स्कूलों में बच्चे ठिठुरन के चलते अलाव के पास ही बैठे रहे। अधिकांश स्थानों पर तो प्रशासन की ओर से अब अलाव भी नहीं जलवाए गए हैं। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चंबल सेंक्च्युरी में 286 प्रजाति की चिड़ियां पायी जाती है। शुक्रवार को छाई धुंध और शीत लहर के चलते पक्षियों की मौत होने लगी। गांव सिमराई, गोहरा, शिवलालपुरा में पेड़ों के नीचे पक्षी मृत मिले। चंबल ही नहीं कस्बाई इलाकों में भी पक्षियों की मौत हुई है। जरार के सनी कुमार ने बताया कि शुक्रवार अचानक कौआ पेड़ से नीचे गिरा और मर गया। खेडा देवीदास के रामवीर ने कबूतर के मरने की जानकारी दी। वहीं, स्कूलों में बच्चे ठिठुरते हुए पहुंचे और दिन पर अलाव के पास बैठे रहे। अभिभावकों ने डीएम से बच्चों का अवकाश करने की गुहार लगाई है। पिनाहट में यही स्थिति देखने को मिली। दोपहर तक लोगों को सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। ऐसे में लोग घरों से बाहर निकलने से कतराते रहे। लोग लगभग पूरे दिन अलाव के पास ही बैठे नजर आए। एत्मादपुर में कड़ाके की ठंड के बावजूद भी नगरपालिका प्रशासन ने एक भी स्थान पर अब तक अलाव नहीं जलवाया। पालिका प्रशासन से इस बारे में पूछा गया तो कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे में लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
तांतपुर के गांव गुगामंद में गुरुवार शाम को बच्चू सिंह (62) खेत पर फसलों की रखवाली करने के लिए गए थे। वहां रात को ठंड के कारण उनकी मौत हो गई। मृतक के पुत्र अवतार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में विचरण करने वाली गाय और नीलगाय फसलों को बर्बाद कर देती हैं। इनसे फसलों बचाव के लिए कई बार किसानों ने अधिकारियों से शिकायत की लेकिन किसी ने कोई सुनाई नहीं की। ऐसे में किसानों को मजबूरी में फसलों की रखवाली के लिए खेतों पर जाना पड़ता है। घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह होने पर परिवार में कोहराम मच गया।
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एत्मादपुर में पुरानी तहसील चौराहे के पास स्थित गिहार बस्ती में गुरुवार रात एक दुकान के बाहर सो रहे नूरा (52) निवासी सिंहपुर कतिकी थाना पचोखरा फीरोजाबाद की मौत हो गई। सुबह जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के चचेरे भाई खेराती ने बताया कि नूरा अपने बेटे निजाम के साथ जयपुर में फेरी लगाकर चूड़ी बेचने का कार्य करते थे। गुरुवार को वह जयपुर से घर आने के लिए चले थे। रात ज्यादा हो जाने की वजह से वह एत्मादपुर में उतर गए। पुलिस ने बताया कि रास्ता भटक कर नूरा हाईवे के नजदीक दुकान पर सो गए थे। ठंड के कारण उनकी मौत हो गई। वहीं, पिनाहट के गांव छदामीपुरा में गुरुवार रात ट्रक की छत पर सो रहे देशराज (45) की मौत हो गई। वह अपने चाचा के ट्रक पर नौकरी करते थे। गुरुवार को ट्रक में आलू भरके गांव पहुंचे थे। देरशाम खाना खाकर गांव के बाहर खडे़ ट्रक पर सो गए थे। सुबह उनका शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया।
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ठंड से मरने लगे परिंदे, स्कूली बच्चे भी हाल-बेहाल
बाह/पिनाहट/एत्मादपुर। कड़ाके की ठंड से आम आदमी ही नहीं पशु-पक्षियों का भी बुरा हाल है। शुक्रवार सुबह कई जगह पक्षियों के मरने की खबर मिली। वहीं, स्कूलों में बच्चे ठिठुरन के चलते अलाव के पास ही बैठे रहे। अधिकांश स्थानों पर तो प्रशासन की ओर से अब अलाव भी नहीं जलवाए गए हैं। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चंबल सेंक्च्युरी में 286 प्रजाति की चिड़ियां पायी जाती है। शुक्रवार को छाई धुंध और शीत लहर के चलते पक्षियों की मौत होने लगी। गांव सिमराई, गोहरा, शिवलालपुरा में पेड़ों के नीचे पक्षी मृत मिले। चंबल ही नहीं कस्बाई इलाकों में भी पक्षियों की मौत हुई है। जरार के सनी कुमार ने बताया कि शुक्रवार अचानक कौआ पेड़ से नीचे गिरा और मर गया। खेडा देवीदास के रामवीर ने कबूतर के मरने की जानकारी दी। वहीं, स्कूलों में बच्चे ठिठुरते हुए पहुंचे और दिन पर अलाव के पास बैठे रहे। अभिभावकों ने डीएम से बच्चों का अवकाश करने की गुहार लगाई है। पिनाहट में यही स्थिति देखने को मिली। दोपहर तक लोगों को सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। ऐसे में लोग घरों से बाहर निकलने से कतराते रहे। लोग लगभग पूरे दिन अलाव के पास ही बैठे नजर आए। एत्मादपुर में कड़ाके की ठंड के बावजूद भी नगरपालिका प्रशासन ने एक भी स्थान पर अब तक अलाव नहीं जलवाया। पालिका प्रशासन से इस बारे में पूछा गया तो कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे में लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।