फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   sorkuti

सूरकूटी नेत्रहीन विद्यालय में रसोई बंद करने से हंगामा

Sat, 15 Apr 2017 12:56 AM IST
सूरकूटी नेत्रहीन विद्यालय में रसोई बंद करने से हंगामा
सूरकूटी नेत्रहीन विद्यालय में रसोई बंद करने से हंगामा Updated Sat, 15 Apr 2017 12:56 AM IST
विज्ञापन
sorkuti
सूर कुटी
कीठम के सूर सरोवर परिसर में चल रहा सूरकूटी नेत्रहीन विद्यालय अब सिर्फ कक्षा पांच तक ही चलाया जाएगा। अगले सत्र में कक्षा छह से 12 तक के छात्रों की पढ़ाई यहां नहीं कराई जाएगी। यह निर्णय प्रबंध समिति ने लिया है। इसका पता चले पर छह से 12 तक के लगभग 20 छात्रों में हड़कंप मच गया है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें परेशान करने के लिए रसोई पर ताला डाल दिया गया। उनके हंगामा करने पर इसे खोला गया।
विज्ञापन

यह आवासीय विद्यालय महाकवि सूरदास के नाम पर चल रहा है। प्रबंध समिति कक्षा छह से 12 तक की पढ़ाई बंद किए जाने की धमकी कई बार दे चुकी है। इसका कारण यह बताया जाता है कि विद्यालय की मान्यता केवल कक्षा पांच तक की है। इससे ऊपर के छात्रों को पढ़ाया यहां जा रहा है जबकि उनका दाखिला कहीं और है। इससे पहले जनवरी में प्रबंध समिति ने कक्षा पांच से ऊपर के छात्रों से कह दिया था कि पढ़ाई के लिए कहीं और व्यवस्था कर लें। इस पर बखेड़ा खड़ा हो गया था। विद्यालय के प्रधानाध्यापक महेश छात्रों के समर्थन में रहे। इसके चलते प्रबंध समिति को बैकफुट पर आना पड़ा। शुक्रवार को छात्रों के घर फोन करके कह दिया है कि उन्हें ले जाएं। छात्रों का कहना है कि सत्र 20 मई तक चलता है । उधर, छात्रों का आरोप है कि स्टोर का ताला लगा दिया गया। रसोई भी बंद कर दी गई। उन्होंने हंगामा किया, तब इसे खोला गया। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर शनिवार को आस पास के ग्रामीणों की पंचायत  बुलाई है। भाजपा नेता मुकेश चौधरी,  मनीष उपाध्याय, भूरा सिकरवार योगेंद्र चौधरी मौके पर पहुंच गए थे। उधर, माध्यमिक शिक्षा विभाग कार्यालय का कहना है कि इस विद्यालय की मान्यता केवल कक्षा पांच तक की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed