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जालसाज शैलेंद्र ने मुलायम सिंह को भी दिया धोखा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Wed, 08 Jul 2015 02:07 AM IST
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जालसाजी में उस्तादों के उस्ताद निकले शैलेंद्र अग्रवाल ने कॉल स्पूफिंग के
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जरिए सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को भी धोखा दे दिया। वो भी एक नहीं,
तीन बार। दरअसल, उसने पहले न्यूजीलैंड दूतावास का फोन नंबर हैक किया। इसके
बाद इस नंबर से सपा अध्यक्ष के विक्रमादित्य मार्ग लखनऊ स्थित कार्यालय पर
लंबी बात की। पुलिस ने चार्जशीट में इसका पूरा विवरण पेश किया है।
इसका खुलासा तब हुआ जब साइबर क्राइम सेल ने शैलेंद्र के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाली श्वेता सिंह ने बताया था कि उसके पति दरोगा विजय सिंह चक के मोबाइल पर डीजीपी के मोबाइल नंबर से कॉल आई। उनसे पूछा गया कि शैलेंद्र के खिलाफ शिकायत क्यों की? साइबर सेल ने जांच की तो पता चला कि डीजीपी ने विजय सिंह को कॉल नहीं की। इससे कॉल स्पूफिंग का शक पैदा हुआ। जांच में पता चला कि शैलेंद्र ने अपने मोबाइल नंबर 9719000674 पर सॉफ्टवेयर क्रेजी कॉल सपोर्ट का इस्तेमाल किया है। इसमें जो नंबर फीड किया जाता है, वही कॉल रिसीव करने वाले के मोबाइल की स्क्रीन पर नजर आता है। श्वेता सिंह केस में दाखिल की गई 250 पेज की चार्ज शीट में इसका ब्योरा है।
इसके मुताबिक शैलेंद्र ने तत्कालीन डीजीपी के मोबाइल नंबर हैक करके दरोगा को फोन किया था। इसी तरह उसने नई दिल्ली स्थित न्यूजीलैंड दूतावास का नंबर हैक किया। फिर इससे 16 अप्रैल 2015 को मुलायम सिंह यादव के कार्यालय के नंबर 0522-2235477 पर तीन बार कॉल ली। पहली कॉल 54, दूसरी 84 और तीसरी 90 सेकेंड की थी। इसमें क्या बात हुई, इसकी जानकारी नहीं की गई? यह हैरानी की बात है कि उसने मुलायम सिंह यादव से बात करने के लिए न्यूजीलैंड दूतावास का नंबर क्यों इस्तेमाल किया? उसने सात से 22 अप्रैल के बीच कॉल स्पूफिंग का 15 बार इस्तेमाल किया।
जमानत के लिए अर्जी दी
आगरा। पांच मई से जेल में बंद शैलेंद्र ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। इस पर सुनवाई के लिए 10 जुलाई की तारीख मुकर्रर की गई है। यह अर्जी ग्वालियर रोड, बालूगंज निवासी सतीश कुमार जैन की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में दी गई है। जालसाज के खिलाफ 32 केस दर्ज हैं।
इसका खुलासा तब हुआ जब साइबर क्राइम सेल ने शैलेंद्र के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाली श्वेता सिंह ने बताया था कि उसके पति दरोगा विजय सिंह चक के मोबाइल पर डीजीपी के मोबाइल नंबर से कॉल आई। उनसे पूछा गया कि शैलेंद्र के खिलाफ शिकायत क्यों की? साइबर सेल ने जांच की तो पता चला कि डीजीपी ने विजय सिंह को कॉल नहीं की। इससे कॉल स्पूफिंग का शक पैदा हुआ। जांच में पता चला कि शैलेंद्र ने अपने मोबाइल नंबर 9719000674 पर सॉफ्टवेयर क्रेजी कॉल सपोर्ट का इस्तेमाल किया है। इसमें जो नंबर फीड किया जाता है, वही कॉल रिसीव करने वाले के मोबाइल की स्क्रीन पर नजर आता है। श्वेता सिंह केस में दाखिल की गई 250 पेज की चार्ज शीट में इसका ब्योरा है।
इसके मुताबिक शैलेंद्र ने तत्कालीन डीजीपी के मोबाइल नंबर हैक करके दरोगा को फोन किया था। इसी तरह उसने नई दिल्ली स्थित न्यूजीलैंड दूतावास का नंबर हैक किया। फिर इससे 16 अप्रैल 2015 को मुलायम सिंह यादव के कार्यालय के नंबर 0522-2235477 पर तीन बार कॉल ली। पहली कॉल 54, दूसरी 84 और तीसरी 90 सेकेंड की थी। इसमें क्या बात हुई, इसकी जानकारी नहीं की गई? यह हैरानी की बात है कि उसने मुलायम सिंह यादव से बात करने के लिए न्यूजीलैंड दूतावास का नंबर क्यों इस्तेमाल किया? उसने सात से 22 अप्रैल के बीच कॉल स्पूफिंग का 15 बार इस्तेमाल किया।
जमानत के लिए अर्जी दी
आगरा। पांच मई से जेल में बंद शैलेंद्र ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। इस पर सुनवाई के लिए 10 जुलाई की तारीख मुकर्रर की गई है। यह अर्जी ग्वालियर रोड, बालूगंज निवासी सतीश कुमार जैन की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में दी गई है। जालसाज के खिलाफ 32 केस दर्ज हैं।