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बैंक खातों में 'अपनों' ने लगाई सेंध, निकाली जिंदगी भर की मेहनत की कमाई, ऐसे सुरक्षित रखें खाता

Mon, 07 Dec 2020 09:36 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 07 Dec 2020 09:36 AM IST
सार

  • वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी के नाती ने तो कहीं दोस्त ने निकाले रुपये
  • नए-नए तरीके अपना रहे अपराधी

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Relatives Frauds In Bank Accouts Crime News
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 सिर्फ साइबर ठग ही नहीं अपने भी बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं। रेंज साइबर थाना और साइबर सेल में सौ से अधिक मामले ऐसे हैं, जिनमें परिचितों ने ही खातों से रकम पार की है। साइबर सेल की जांच में सामने आया कि किसी के दोस्त तो किसी के बेटे ने ही रकम निकाली थी। मगर, कई मामलों में पीड़ित के शिकायत वापस लेने की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी। कुछ मामलों में शिकायत पर मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की गई।  
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केस : 1
थाना न्यू आगरा निवासी व्यापारी ने पिछले दिनों रेंज साइबर थाना में बैंक खाते से 50 हजार रुपये निकलने की शिकायत की थी। साइबर सेल की टीम की जांच में पता चला कि बेटे ने ही रकम निकाली थी। बेटे ने एटीएम कार्ड, बैंक खाता नंबर देखकर ऑनलाइन गेम खेलने में रकम उड़ा दी। खुलासे के बाद पिता ने शिकायत वापस ले ली। 
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केस : 2 
शाहगंज क्षेत्र निवासी वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी के खाते से 15 लाख रुपये निकल गए थे। एसएसपी से शिकायत पर साइबर सेल की जांच में पता चला कि नाती ने ई-वॉलेट से रकम ट्रांसफर की थी। नाबालिग नाती ने दोस्तों की मदद से रकम निकाली। पुलिस ने नाती के खिलाफ  कार्रवाई की। 
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केस : 3
सदर क्षेत्र के युवक के खाते से 50 हजार रुपये निकल गए थे।साइबर सेल की जांच में पता चला कि युवक के दोस्त ने रकम निकाली। दोस्त के मोबाइल पर ओटीपी देखकर डिलीट कर देता था और खाते में एटीएम कार्ड के नंबर से रकम ट्रांसफर कर रहा था। खुलासे पर दोस्त के खिलाफ कार्रवाई से युवक ने इनकार कर दिया। 


 

नए-नए तरीके अपना रहे अपराधी
साइबर अपराधी लोगों को नए-नए तरीके अपनाकर ठगी कर रहे हैं। ऐसे में सचेत रहने की जरूरत है। कई बार अपने दोस्त, बेटा और रिश्तेदार ही खाते से रकम निकाल लेते हैं। इस तरह के कई मामले साइबर सेल में आ चुके हैं। इनमें पुलिस कार्रवाई करती है। इसलिए खाते और एटीएम कार्ड की जानकारी किसी को नहीं बतानी चाहिए। फोन पर अगर, कोई जानकारी लेता है तो भी नहीं बताएं। -ए सतीश गणेश, आईजी

इस तरह से करें बचाव 
- बैंक या ट्रेजरी अधिकारी कोई भी हो फोन करने पर बैंक खातों की जानकारी किसी को न दें।
- एटीएम, क्रे डिट कार्ड का पिन नंबर बदलते रहें। मोबाइल पर आया ओटीपी किसी को भी न बताएं।
- कोई बैंक, सरकारी कार्यालय फोन पर पिन नंबर या अन्य बैंक जानकारी नहीं मांगता, सचेत रहें।
- लॉटरी, बीमा लाभ, नौकरी दिलाने के लिए खाते का नंबर न बताएं, रकम जमा करने के दावे पर भरोसा न करें।

प्रदेश की टीम के साथ चलेगा संयुक्त अभियान 
आईजी ए सतीश गणेश ने बताया कि साइबर ठगी मामलों पर एडीजी साइबर क्राइम राम कुमार से वार्ता के बाद तय हुआ है कि प्रदेश स्तर पर टीम बनाकर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। पूरे प्रदेश के लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं।
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