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पुजारी की हत्या कर मंदिर से करोड़ों की मूर्तियां लूटीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Aug 2016 01:02 AM IST
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रामनगर के 150 वर्ष पुराने लाल मंदिर में वारदात से आक्रोश, , गांव के बाजार बंद रहे
- फोटो : अमर उजाला
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एनएच-93 स्थित कस्बा रामनगर के 150 वर्ष पुराने लाल मंदिर में मंगलवार रात बदमाशों ने पुजारी सोरेन पुरी (55) की हत्या कर करोड़ों रुपये की अष्टधातु की 14 मूर्तियां लूट लीं। बुधवार सुबह चार बजे पूजा के लिए प्रधान शीला के मंदिर पहुंचने पर वारदात का पता चला। गुस्से में गांव वालों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और बाजार बंद कर दिए। एसएसपी ने वारदात के खुलासे के लिए थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और साइबर सेल को भी लगाया है।
फीरोजाबाद के टूंडला निवासी बाबा सोरेनपुरी 25 वर्षों से लाल मंदिर के पुजारी थे। वह मंदिर का गेट बंद कर सुरक्षा के लिए अपने पास कुल्हाड़ी रखकर सोते थे। गेट खुला मिलने से माना जा रहा है कि बदमाशों में कोई पुजारी का परिचित रहा होगा। सोरेनपुरी की हत्या सिर पर उन्हीं की कुल्हाड़ी से वार करने के बाद साफी से गला घोटकर की गई। मंदिर के ट्रस्टी ओंकार शर्मा ने बताया कि सबसे वजनी 30 किलोग्राम की भगवान लक्ष्मी नारायण की मूर्ति थी। इसके अलावा भगवान लड्डू गोपाल और उनके परिवार की मूर्तियां थीं। उधर, वारदात का पता चलते ही गांववालों का गुस्सा फूट पड़ा।
मौके पर पहुंचे एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह से उन्होंने कहा कि हलका इंचार्ज दरोगा और बीट कांस्टेबल रात में गश्त नहीं करते। उन्हें सस्पेंड किया जाए। उधर, फील्ड यूनिट और डाग स्क्वाड भी पहुंचे, लेकिन सुराग नहीं मिला। ओंकार शर्मा ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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30 साल में तीसरी वारदात
आगरा। 1857 में उदासीन अखाड़ा के नागाओं द्वारा बनवाए गए लाल मंदिर में अष्टधातु की 20 मूर्तियां थीं। इनमें 1986 में तीन और 1996 में दो चोरी कर ली गईं। पांचों बरामद नहीं हो पाईं। इनमें सबसे बड़ी मूर्ति शेषनाग की थी। यह 1986 में चोरी की गई। मंगलवार रात 14 मूर्तियां लूट ले जाने के बाद अष्टधातु की एक मूर्ति भी नहीं बची है।
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फीरोजाबाद के टूंडला निवासी बाबा सोरेनपुरी 25 वर्षों से लाल मंदिर के पुजारी थे। वह मंदिर का गेट बंद कर सुरक्षा के लिए अपने पास कुल्हाड़ी रखकर सोते थे। गेट खुला मिलने से माना जा रहा है कि बदमाशों में कोई पुजारी का परिचित रहा होगा। सोरेनपुरी की हत्या सिर पर उन्हीं की कुल्हाड़ी से वार करने के बाद साफी से गला घोटकर की गई। मंदिर के ट्रस्टी ओंकार शर्मा ने बताया कि सबसे वजनी 30 किलोग्राम की भगवान लक्ष्मी नारायण की मूर्ति थी। इसके अलावा भगवान लड्डू गोपाल और उनके परिवार की मूर्तियां थीं। उधर, वारदात का पता चलते ही गांववालों का गुस्सा फूट पड़ा।
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मौके पर पहुंचे एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह से उन्होंने कहा कि हलका इंचार्ज दरोगा और बीट कांस्टेबल रात में गश्त नहीं करते। उन्हें सस्पेंड किया जाए। उधर, फील्ड यूनिट और डाग स्क्वाड भी पहुंचे, लेकिन सुराग नहीं मिला। ओंकार शर्मा ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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30 साल में तीसरी वारदात
आगरा। 1857 में उदासीन अखाड़ा के नागाओं द्वारा बनवाए गए लाल मंदिर में अष्टधातु की 20 मूर्तियां थीं। इनमें 1986 में तीन और 1996 में दो चोरी कर ली गईं। पांचों बरामद नहीं हो पाईं। इनमें सबसे बड़ी मूर्ति शेषनाग की थी। यह 1986 में चोरी की गई। मंगलवार रात 14 मूर्तियां लूट ले जाने के बाद अष्टधातु की एक मूर्ति भी नहीं बची है।