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‘पुलिस ने हमारी हड्डी तोड़ दी है सांसद जी’
‘पुलिस ने हमारी हड्डी तोड़ दी है सांसद जी’
Updated Wed, 26 Apr 2017 12:34 AM IST
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शहर में पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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ये देखिए विधायक जी, मेरी पूरी कमर पर नील पड़े हैं, उसे देखिए, उसकी तो पैर की हड्डी ही तोड़ डाली है, पुलिस ने इतना पीटा है कि ठीक से बैठ तक नहीं पा रहे हैं। सोते हुए करवट भी बदलते हैं तो दर्द होता है। यह दर्द ए बयां है जेल में बंद पुलिस पर हमले के आरोपियों का। उन्होंने भाजपा नेताओं से कहा कि पुलिस ने बर्बरता में कमी नहीं छोड़ी। ऐसे तो अपराधियों को नहीं पीटा जाता, जैसे हम पर लाठी बरसाई है। एक नहीं, तीन तीन बार पिटाई की गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले फतेहपुर सीकरी थाना में पीटा गया। इसके बाद सदर बाजार थाना में लाकर पिटाई की गई। रात को जब बवाल हो गया तो उन्हें फिर से पीटा गया। सुबह जेल भेजने से पहले मेडिकल कराया गया। मेडिकल कराने केबाद फिर से पीटा गया। एक कार्यकर्ता की हड्डी टूट गई। उसका उपचार तक नहीं कराया। वह पूरे दिन कराहता रहता है। जेल के अधिकारी भी उसकी सुन नही रहे। उन्होंने पुलिस पर आपत्तिजनक शब्द बोलने के आरोप भी लगाए। सांसद और विधायकों ने आश्वासन दिया कि उनकी पूरी मदद होगी। इस पर एक कार्यकर्ता बरस पड़ा। भाजपा सूत्रों ने बताया कि उसने कहा कि क्या खाक मदद होगी, तीन दिन बाद तो देखने के लिए आए हो? जब आंदोलन की बात आती है, तो हमें बुलाते हो, पिटने के लिए हम, लड़ने के लिए हम और अब हम पर मुसीबत आई तो मुंह फेर लिया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि हमारे दम पर ही जीत मिली है, याद रखना।
फेसबुक पर फूटा घायल नेता का गुस्सा
आगरा। सदर बाजार थाना पर हमले के नामजद आरोपियों में से एक दिग्विजय नाथ तिवारी हैं। उन्होंने फेसबुक पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें पुलिस लाठीचार्ज करती नजर आ रही है। एक फोटो में वह खुद घायल नजर आ रहे हैं। इसके बाद कमेंट में उनके साथियों ने लिखा है कि योगी सरकार में यह क्या हो रहा है? इतना ही नहीं। कई ने कमेंट में सपा और भाजपा की सरकार की तुलना की है। लिखा है, इतना जुल्म तो सपा की सरकार में नहीं हुआ जितना अब हो रहा है हम पर।
संघ ने सीटी बजाई तब जागे भाजपाई
आगरा। पुलिस पर हमले के प्रकरण में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भाजपा के कार्यकर्ता यकायक खलनायक बन गए थे। वरिष्ठ नेता चुप्पी साध गए थे। इससे कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जा रहा था। कुछ संगठनों ने तो एलान कर भी कर दिया था कि आगे से वे किसी आंदोलन में भाग नहीं लेंगे और ना ही आंदोलन करेंगे। इस पर संघ ने सुबह बैठक बुलाई और दोपहर को भाजपा नेता जेल में बंद कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंच गए।
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सूत्रों की मानें तो फतेहपुर सीकरी प्रकरण के बाद सदर बाजार में धरना प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को संघ के कुछ पदाधिकारियों ने संदेश पहुंचाया था कि वहां से हट जाएं, अन्यथा कोई बड़ा मामला हो सकता है लेकिन सत्ता की हनक में कार्यकर्ताओं ने उनकी बात को अनसुना कर दिया था। मामला बढ़ता चला गया और पथराव, आगजनी और लाठीचार्ज की घटना हो गई। संगीन धाराओं में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा हुआ और 14 लोगों की गिरफ्तारी हुई।
पुलिस ने उनके साथ जमकर मारपीट की। इतने पर भी वरिष्ठ नेतृत्व की चुप्पी से कार्यकर्ता मायूस हो गए थे। सुबह आननफानन में माधव भवन में बैठक बुलाई गई। इसमें प्रांत स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए। उन्होंने भाजपा नेताओं को खुलकर सामने आकर बचाव करने और पुलिस प्रशासन की भूमिका से भी नेतृत्व को अवगत कराने के साथ कार्यकर्ताओं को समझाने का फरमान सुनाया। तब सांसद और विधायक जेल में उनसे मुलाकात करने पहुंचे।
वांटेड भी पहुंचे जेल और आईजी के दफ्तर
आगरा। सदर प्रकरण में नामजद विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता खुलेआम घूम रहे हैं लेकिन पुलिस इन पर हाथ नहीं डाल पा रही है। हैरत की बात है कि मंगलवार को जब भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल जेल में निरुद्ध कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचा तो उनके पीछे विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष और इस मामले में वांछित सुनील पाराशर के साथ राजीव शर्मा, सुरेंद्र चौधरी, राजेंद्र गर्ग, मदन वर्मा, दीपक अग्रवाल और राकेश त्यागी भी जेल में पहुंचे। इसके बाद वे आईजी दफ्तर में भी भाजपा नेताओं के साथ गए, हालांकि वे यहां दफ्तर के बाहर ही खड़े रहे। ये सभी कई मामलों में नामजद हैं।
फेसबुक पर फूटा घायल नेता का गुस्सा
आगरा। सदर बाजार थाना पर हमले के नामजद आरोपियों में से एक दिग्विजय नाथ तिवारी हैं। उन्होंने फेसबुक पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें पुलिस लाठीचार्ज करती नजर आ रही है। एक फोटो में वह खुद घायल नजर आ रहे हैं। इसके बाद कमेंट में उनके साथियों ने लिखा है कि योगी सरकार में यह क्या हो रहा है? इतना ही नहीं। कई ने कमेंट में सपा और भाजपा की सरकार की तुलना की है। लिखा है, इतना जुल्म तो सपा की सरकार में नहीं हुआ जितना अब हो रहा है हम पर।
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संघ ने सीटी बजाई तब जागे भाजपाई
आगरा। पुलिस पर हमले के प्रकरण में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भाजपा के कार्यकर्ता यकायक खलनायक बन गए थे। वरिष्ठ नेता चुप्पी साध गए थे। इससे कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जा रहा था। कुछ संगठनों ने तो एलान कर भी कर दिया था कि आगे से वे किसी आंदोलन में भाग नहीं लेंगे और ना ही आंदोलन करेंगे। इस पर संघ ने सुबह बैठक बुलाई और दोपहर को भाजपा नेता जेल में बंद कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंच गए।
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सूत्रों की मानें तो फतेहपुर सीकरी प्रकरण के बाद सदर बाजार में धरना प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को संघ के कुछ पदाधिकारियों ने संदेश पहुंचाया था कि वहां से हट जाएं, अन्यथा कोई बड़ा मामला हो सकता है लेकिन सत्ता की हनक में कार्यकर्ताओं ने उनकी बात को अनसुना कर दिया था। मामला बढ़ता चला गया और पथराव, आगजनी और लाठीचार्ज की घटना हो गई। संगीन धाराओं में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा हुआ और 14 लोगों की गिरफ्तारी हुई।
पुलिस ने उनके साथ जमकर मारपीट की। इतने पर भी वरिष्ठ नेतृत्व की चुप्पी से कार्यकर्ता मायूस हो गए थे। सुबह आननफानन में माधव भवन में बैठक बुलाई गई। इसमें प्रांत स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए। उन्होंने भाजपा नेताओं को खुलकर सामने आकर बचाव करने और पुलिस प्रशासन की भूमिका से भी नेतृत्व को अवगत कराने के साथ कार्यकर्ताओं को समझाने का फरमान सुनाया। तब सांसद और विधायक जेल में उनसे मुलाकात करने पहुंचे।
वांटेड भी पहुंचे जेल और आईजी के दफ्तर
आगरा। सदर प्रकरण में नामजद विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता खुलेआम घूम रहे हैं लेकिन पुलिस इन पर हाथ नहीं डाल पा रही है। हैरत की बात है कि मंगलवार को जब भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल जेल में निरुद्ध कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचा तो उनके पीछे विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष और इस मामले में वांछित सुनील पाराशर के साथ राजीव शर्मा, सुरेंद्र चौधरी, राजेंद्र गर्ग, मदन वर्मा, दीपक अग्रवाल और राकेश त्यागी भी जेल में पहुंचे। इसके बाद वे आईजी दफ्तर में भी भाजपा नेताओं के साथ गए, हालांकि वे यहां दफ्तर के बाहर ही खड़े रहे। ये सभी कई मामलों में नामजद हैं।