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‘मिस्ड कॉल’ से 20 मिनट में सुलझ गई मर्डर मिस्ट्री

Sat, 23 Jan 2016 01:22 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Sat, 23 Jan 2016 01:22 AM IST
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murder mystery is solved in 20 minutes by 'Missed Call'
अनेक सिंह सिकरवार की हत्या में परिचित का हाथ होने का शक तो पहले से था, लेकिन तमाम करीबियों में से कातिल कौन है? इसकी पहचान मुश्किल थी। पहले टूंडला निवासी महिला कर्मी से लंबी पूछताछ की गई फिर ट्रांसयमुना की रहने वाली दो महिला कर्मचारियों से सवाल जवाब। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद जैसे ही सिकरवार के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकार्ड आई, वैसे ही 20 मिनट में क्लू हाथ लग गया। दरअसल, इसमें एक मिस्ड कॉल थी। इसकी आईडी निकलवाई तो यह रजनी की आई। पता चला कि वह तीन महीने पहले काम छोड़कर जा चुकी है। उससे पूछताछ होते ही रहस्य से पर्दा उठ गया।
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रजनी ने सिकरवार को मिस्ड कॉल दी थी। उनके मोबाइल में उसका नंबर फीड था। उन्होंने कॉल बैक किया। इसके बाद दोनों में कई बार बात हुई। कॉल डिटेल रिकार्ड से इस नंबर की डिटेल ( मिस्ड कॉल और डायल्ड नंबर ) मुश्किल से 20 मिनट में तैयार हो गई। साइबर थाना के प्रभारी नितिन कसाना ने आईडी निकालकर रजनी का नाम दे दिया।
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क्राइम ब्रांच के आशीष कुमार सिंह अपनी टीम के साथ जाकर रजनी को पकड़ लाए। बस फिर क्या था। पूछताछ शुरू होते ही रहस्य से पर्दा उठ गया। उसके पति दिलीप और रोहित के हाथ आने से पुलिस की टीमें साक्ष्यों की बरामदगी में जुट गई और पूरा केस खुल गया। इस खुलासे में शामिल टीम को एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने पांच हजार और आईजी डीसी मिश्र ने 15 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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चार दिन से जासूसी कर रहा था रोहित
पेट्रोल पंप के कर्मचारियों को जब इस खुलासे का पता चला तो उन्हें पूरा यकीन हो गया कि पुलिस के हाथ असली आरोपी लगे हैं। दरअसल, रोहित चार दिन से शाम को पेट्रोल पंप के आस-पास घूम रहा था। तब किसी ने गौर नहीं किया। उससे पूछताछ में पता चला कि वह मालूम कर रहा था कि  कैप्टन सिकरवार घर के लिए किस समय जाते हैं। उधर, रजनी फोन पर उनके संपर्क में थी। वह उनका विश्वास जीत रही थी। उनसे कह रही थी कि एक  बार फिर से नौकरी पर रख लो, इस बार शिकायत का मौका नहीं मिलेगा।
भिखारियों को दिए एक -एक हजार के नोट
आगरा। 9.10 लाख रुपये हाथ लगने पर आरोपियों की खुशी का ठिकाना नहीं था। धौलपुर पहुंचते ही उन्हें लगा कि अब कभी पुलिस के हाथ नहीं आएंगे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्होंने लूट की रकम से लगभग 60 हजार रुपये खर्च किए। इनमें 20 हजार के दो मोबाइल फोन खरीदे। 10 हजार कपड़ों पर खर्च किए। एक हजार रुपये किराए में लग गए। लगभग 25 हजार रुपये भिखारियों को दे दिए। तीनों कई मंदिरों में माथा टेकने गए। वहां जो भिखारी मिले, उन्हें भीख में एक -एक हजार रुपये दिए।
कुछ और भी हो सकती है हत्या की वजह
आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस
आगरा। पुलिस ने कैप्टन सिकरवार की हत्या की वजह लूट बताई है लेकिन इस पर यकीन करना आसान नहीं है। हालांकि लूट तो हुई लेकिन जिस बेरहमी से गला काटकर जान ली गई, कोई दूसरा मकसद भी हो सकता है। पुलिस को भी लग रहा है कि आरोपी कुछ छुपा रहे हैं। उनसे अभी और पूछताछ की जाएगी। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि उनका रिमांड लिया जाएगा।

हत्यारोपियों के एक और साथी की तलाश
आगरा। पुलिस ने दावा किया है कि हत्या में तीन ही लोग शामिल रहे, लेकिन रात नौ बजे पुलिस टीम फिर से पेट्रोल पंप पहुंच गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हत्यारोपियों के एक और साथी की तलाश है। उसने जासूसी कर आरोपियों की मदद की। पुलिस मालूम कर रही है कि सिकरवार के शाम को कैश लेकर जाने की जानकारी किस-किस कर्मचारी को रहती थी। हत्यारोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल में मिले तमाम नंबरों की आईडी भी निकलवाई गई है।
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