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बेटियों के सामने मां ने लगा ली फांसी
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Thu, 03 Mar 2016 01:39 AM IST
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मंटोला के टीला नंदराम में महिला ने अपनी तीन बेटियों के सामने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
टीला नंदराम निवासी रजनी(30) पत्नी राजू कई साल पहले मायके में आकर रहने लगी थी। उसकी तीन बेटियां किट्टू (9), अदिति और अंशू हैं। राजू घर के पास ही एक जूता फैक्ट्री में काम करता है। बुधवार सुबह वह काम पर चला गया। बेटियां कमरे में खेल रही थीं। इंस्पेक्टर मंटोला ने बताया कि रजनी ने खाना बनाया। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। उसने बेटियों के सामने पंखे से फांसी लगा ली। बेटियों ने उसे बचाने का प्रयास किया। बड़ी बेटी ने पिता को फैक्ट्री पहुंचकर घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवारीजन और पुलिस आ गई। रजनी को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
एक साल पहले भी रजनी ने आत्महत्या का प्रयास किया था। मगर, तब लोगों ने उसे समय पर अस्पताल पहुंचा दिया था। उसके माता और पिता की मौत हो चुकी है। भाई-बहन भी नहीं हैं। इस कारण वह तनाव में रहती थी। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
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लोग आते तो बच सकती थी जान...
इंस्पेक्टर ने बताया कि बेटियों से पूछताछ में पता चला है कि रजनी के फांसी लगाने के बाद बड़ी बेटी किट्टू ने गली के लोगों से मदद की गुहार लगाई। मगर, लोगों ने समझा कि वह ऐसा नहीं कर सकती। इस कारण ही लोगों ने बेटी की बातों पर ध्यान नहीं दिया।
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टीला नंदराम निवासी रजनी(30) पत्नी राजू कई साल पहले मायके में आकर रहने लगी थी। उसकी तीन बेटियां किट्टू (9), अदिति और अंशू हैं। राजू घर के पास ही एक जूता फैक्ट्री में काम करता है। बुधवार सुबह वह काम पर चला गया। बेटियां कमरे में खेल रही थीं। इंस्पेक्टर मंटोला ने बताया कि रजनी ने खाना बनाया। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। उसने बेटियों के सामने पंखे से फांसी लगा ली। बेटियों ने उसे बचाने का प्रयास किया। बड़ी बेटी ने पिता को फैक्ट्री पहुंचकर घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवारीजन और पुलिस आ गई। रजनी को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
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एक साल पहले भी रजनी ने आत्महत्या का प्रयास किया था। मगर, तब लोगों ने उसे समय पर अस्पताल पहुंचा दिया था। उसके माता और पिता की मौत हो चुकी है। भाई-बहन भी नहीं हैं। इस कारण वह तनाव में रहती थी। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि बेटियों से पूछताछ में पता चला है कि रजनी के फांसी लगाने के बाद बड़ी बेटी किट्टू ने गली के लोगों से मदद की गुहार लगाई। मगर, लोगों ने समझा कि वह ऐसा नहीं कर सकती। इस कारण ही लोगों ने बेटी की बातों पर ध्यान नहीं दिया।