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मासूम को दुराचार के बाद नाले में फेंका
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Sun, 17 Apr 2016 01:42 AM IST
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भीड़ ने आरोपी को ईंट-पत्थर से पीट-पीटकर सड़क पर घसीटा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नाई की मंडी क्षेत्र में शनिवार दोपहर चार साल की बच्ची को घर से उठाकर पुल के नीचे ले जाकर उसके साथ दुराचार किया गया। इसके बाद उसे दस फुट गहरे नाले में फेंक दिया। उसकी चीख सुनकर पहुंचे उसके परिवारीजनों ने आरोपी को नग्न अवस्था में पकड़ लिया। उसकी करतूत से गुस्साए लोगों ने ईंट-पत्थर से पीटा।
उसे एमजी रोड पर 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गए। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया तो उनका गुस्सा और भड़क गया। एमजी रोड जाम कर दी गई। पुलिस पर बरस पड़े। बाद में अधिकारियों के समझाने पर जाम खोल दिया। उधर, आरोपी के दूसरे समुदाय के होने की अफवाह पर देर शाम एमजी रोड के दोनों ओर के मोहल्लों में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई। इसके चलते पुलिस तैनात करनी पड़ी। पुलिस ने बताया कि वह दूसरे समुदाय का नहीं है। उसका नाम अजय है। उम्र 35 साल है। वह सैंया के नगला गड़ुआ गांव का है। वह शहर में कूड़ा बीनने का काम करता है।
लोगों ने बताया कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। वह उसे वहीं से उठाकर ले गया। पास में पुल के नीचे ले जाकर दुराचार किया और नाले में फेंक दिया। इस बीच बच्ची जोर से चीखी। उसकी आवाज सुनकर ही घरवाले पहुंचे। आरोपी उस समय नग्न अवस्था में था। उसके कपड़े दूर पड़े थे। ये देख लोग भड़क उठे। लोग उसे जान से मारने पर आमादा थे। पुलिस ने उसे भीड़ से बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया। इस पर लोग भड़क गए। उधर, बच्ची के परिवारीजनों की तहरीर पर पुलिस ने दुष्कर्म की कोशिश, पाक्सो एक्ट और जानलेवा हमले की धारा में केस दर्ज किया है।
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घायल बच्ची की हालत गंभीर
बच्ची के घरवालों ने उसकी जान नाले मेें कूदकर बचाई। वह खून से लथपथ मिली। उसकी नाक से खून निकल रहा था। डाक्टरों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है। उधर, आरोपी को भी एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।
हिंदूवादी संगठनों ने किया प्रदर्शन
घटना का पता चलने पर हिंदूवादी संगठनों के नेता पहुंच गए। उनका कहना था कि आरोपी अपना नाम गलत बता रहा है। वह दूसरे समुदाय का है। उन्होंने एमजी रोड पर प्रदर्शन किया और रासुका लगाने की मांग की। बाद में पुलिस ने बताया कि उसका नाम अजय ही है। प्रदर्शन करने वालों में सुनील पाराशर, दीपक, विनोद अग्रवाल, राजेंद्र गर्ग शामिल रहे।
तो उसे जान से मार डालते
अगर पुलिस नहीं पहुंचती तो आरोपी का बचना मुश्किल था। भीड़ उसे जान से मार डालने पर आमादा थी। उसे बुरी तरह पीटा गया था। हालांकि शुरू में पहुंचे सिपाहियों ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। बाद में थाना नाई की मंडी के प्रभारी के पहुंचने पर उसे छुड़ाया गया।
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उसे एमजी रोड पर 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गए। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया तो उनका गुस्सा और भड़क गया। एमजी रोड जाम कर दी गई। पुलिस पर बरस पड़े। बाद में अधिकारियों के समझाने पर जाम खोल दिया। उधर, आरोपी के दूसरे समुदाय के होने की अफवाह पर देर शाम एमजी रोड के दोनों ओर के मोहल्लों में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई। इसके चलते पुलिस तैनात करनी पड़ी। पुलिस ने बताया कि वह दूसरे समुदाय का नहीं है। उसका नाम अजय है। उम्र 35 साल है। वह सैंया के नगला गड़ुआ गांव का है। वह शहर में कूड़ा बीनने का काम करता है।
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लोगों ने बताया कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। वह उसे वहीं से उठाकर ले गया। पास में पुल के नीचे ले जाकर दुराचार किया और नाले में फेंक दिया। इस बीच बच्ची जोर से चीखी। उसकी आवाज सुनकर ही घरवाले पहुंचे। आरोपी उस समय नग्न अवस्था में था। उसके कपड़े दूर पड़े थे। ये देख लोग भड़क उठे। लोग उसे जान से मारने पर आमादा थे। पुलिस ने उसे भीड़ से बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया। इस पर लोग भड़क गए। उधर, बच्ची के परिवारीजनों की तहरीर पर पुलिस ने दुष्कर्म की कोशिश, पाक्सो एक्ट और जानलेवा हमले की धारा में केस दर्ज किया है।
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घायल बच्ची की हालत गंभीर
बच्ची के घरवालों ने उसकी जान नाले मेें कूदकर बचाई। वह खून से लथपथ मिली। उसकी नाक से खून निकल रहा था। डाक्टरों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है। उधर, आरोपी को भी एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।
हिंदूवादी संगठनों ने किया प्रदर्शन
घटना का पता चलने पर हिंदूवादी संगठनों के नेता पहुंच गए। उनका कहना था कि आरोपी अपना नाम गलत बता रहा है। वह दूसरे समुदाय का है। उन्होंने एमजी रोड पर प्रदर्शन किया और रासुका लगाने की मांग की। बाद में पुलिस ने बताया कि उसका नाम अजय ही है। प्रदर्शन करने वालों में सुनील पाराशर, दीपक, विनोद अग्रवाल, राजेंद्र गर्ग शामिल रहे।
तो उसे जान से मार डालते
अगर पुलिस नहीं पहुंचती तो आरोपी का बचना मुश्किल था। भीड़ उसे जान से मार डालने पर आमादा थी। उसे बुरी तरह पीटा गया था। हालांकि शुरू में पहुंचे सिपाहियों ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। बाद में थाना नाई की मंडी के प्रभारी के पहुंचने पर उसे छुड़ाया गया।