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मथुरा: सीरियल किलर गैंग के तीन बदमाश मुठभेड़ में पकड़े, लूट और हत्या की वारदात सुनकर पुलिस के होश उड़े
Thu, 19 Nov 2020 01:45 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 19 Nov 2020 01:45 PM IST
सार
- लूट में प्रयुक्त टेंपो, तमंचा और लूटा गया मोबाइल बरामद
- एडीजी जोन ने पुलिस टीम को 50 हजार का इनाम दिया गया
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मथुरा पुलिस ने पकड़ा सीरियल किलर गैंग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा के थाना जमुनापार क्षेत्र में कल्याणपुरी तिराहे से मांवली गांव की तरफ जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने बुधवार तड़के चार बजे मुठभेड़ में सीरियल किलर गैंग के तीन बदमाशों को पकड़ लिया। दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद राया के व्यापारी समेत तीन लोगों की हत्या का खुलासा किया है। बदमाशों का एक साथी फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। बदमाशों के पास से लूट में प्रयुक्त टेंपो, तमंचा और राया के व्यापारी से लूटा गया मोबाइल बरामद किया है। एडीजी अजय आनंद ने पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का इनाम दिया है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि दिवाली की रात राया निवासी व्यापारी दिलीप अग्रवाल की हत्या हुई थी। उनका शव खेत में फेंक दिया गया था। इसके बाद शेरगढ़ निवासी युवक का शव कोतवाली क्षेत्र में मिला था। इन दोनों मामलों के खुलासे के लिए थाना जमुनापार, थाना राया, शहर कोतवाली, एसओजी और स्वाट को लगाया गया था।
संबंधित खबर: मथुरा में व्यापारी की हत्या से सनसनी, दुकान का पूजन कर लौट रहे थे घर, रेलवे ट्रैक के पास मिला शव
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बुधवार सुबह चार बजे एसपी सिटी उदय शंकर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम की जमुनापार क्षेत्र में मांवली गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर बदमाशों से मुठभेड़ हुई। पुलिस ने सचिन पुत्र प्रेमप्राल वघेल निवासी सिद्दार्थ नगर थाना जमुनापार मथुरा, धर्मेंद्र सिंह उर्फ धर्मू पुत्र सूरजपाल सिंह निवासी सिद्दार्थ नगर थाना जमुनापार मथुरा और शिवम पुत्र कन्हैया निवासी काली मंदिर के पास थाना सदर बाजार मथुरा को पकड़ लिया। सचिन और धर्मेंद्र पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए। बदमाशों का एक साथी राहुल पुत्र सुरेन्द्र निवासी भीम नगर थाना सदर बाजार मथुरा भाग निकला।
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एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि दिवाली की रात राया निवासी व्यापारी दिलीप अग्रवाल की हत्या हुई थी। उनका शव खेत में फेंक दिया गया था। इसके बाद शेरगढ़ निवासी युवक का शव कोतवाली क्षेत्र में मिला था। इन दोनों मामलों के खुलासे के लिए थाना जमुनापार, थाना राया, शहर कोतवाली, एसओजी और स्वाट को लगाया गया था।
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बुधवार सुबह चार बजे एसपी सिटी उदय शंकर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम की जमुनापार क्षेत्र में मांवली गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर बदमाशों से मुठभेड़ हुई। पुलिस ने सचिन पुत्र प्रेमप्राल वघेल निवासी सिद्दार्थ नगर थाना जमुनापार मथुरा, धर्मेंद्र सिंह उर्फ धर्मू पुत्र सूरजपाल सिंह निवासी सिद्दार्थ नगर थाना जमुनापार मथुरा और शिवम पुत्र कन्हैया निवासी काली मंदिर के पास थाना सदर बाजार मथुरा को पकड़ लिया। सचिन और धर्मेंद्र पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए। बदमाशों का एक साथी राहुल पुत्र सुरेन्द्र निवासी भीम नगर थाना सदर बाजार मथुरा भाग निकला।
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में बदमाशों ने 14 नवंबर को राया निवासी व्यापारी दिलीप अग्रवाल की हत्या और लूट, नौ नवंबर को शेरगढ़ के गांव सेही निवासी युवक विक्रम और इसी वर्ष 16 फरवरी को फरीदाबाद निवासी बुजुर्ग विजय प्रताप सिंह की हत्या करना स्वीकार किया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से राया के व्यापारी से लूटा गया मोबाइल फोन, नकदी, हत्या में प्रयुक्त टेंपो, युवक विक्रम से लूटा गया पिट्ठू बैग, दो तमंचा बरामद किए हैं।
इन घटनाओं को हुआ खुलासा
पूछताछ के दौरान बदमाशों ने बताया कि वे लोगों को सवारी के रूप में टेंपो में बैठाकर ले जाते थे और उनसे लूटपाट कर हत्या कर शव को फेंक देते थे। नौ नवंबर को थाना शेरगढ़ के गांव सेही निवासी विक्रम पुत्र चंद्रपाल को सवारी के रूप में राया कट के पास से प्रेम मंदिर वृंदावन के लिए बैठाया था। उसको पानीगांव के आगे ले जाकर यमुना पुल पार कर गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को यमुना में फेंक दिया था। हत्या करने के बाद उसकी जेब से 200 रुपये व नीले रंग का थैला लूट लिया गया था।
14 नवंबर को दिलीप अग्रवाल निवासी राया को कस्बा राया तिराहे से मथुरा के लिए बैठाकर लाए, थोड़ा आगे चलकर जब लूट के उद्देश्य से उसकी जेब मे हाथ डाला तो उसने विरोध किया, गौसना गांव के पास चुनरी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर लाश को सड़क किनारे झाड़ियों में फेक दिया। उसकी जेब से 17000 रुपये, एक मोबाइल, एक मिठाई का डिब्बा व एक मिट्टी की झोपड़ी (खिलौना) लूट लिया था।
22 फरवरी को थाना गोवर्धन पर प्रताप सिंह निवासी सेक्टर-10 फरीदाबाद हरियाणा द्वारा अपने पिता विजय प्रताप सिह के 15 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। 16 फरवरी को शव थाना क्षेत्र रिफाइनरी में मिलने पर थाना गोवर्धन पर मुकदमा अज्ञात में तरमीम किया गया था। पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ के दौरान उक्त हत्या को भी स्वीकार किया है।
इन घटनाओं को हुआ खुलासा
पूछताछ के दौरान बदमाशों ने बताया कि वे लोगों को सवारी के रूप में टेंपो में बैठाकर ले जाते थे और उनसे लूटपाट कर हत्या कर शव को फेंक देते थे। नौ नवंबर को थाना शेरगढ़ के गांव सेही निवासी विक्रम पुत्र चंद्रपाल को सवारी के रूप में राया कट के पास से प्रेम मंदिर वृंदावन के लिए बैठाया था। उसको पानीगांव के आगे ले जाकर यमुना पुल पार कर गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को यमुना में फेंक दिया था। हत्या करने के बाद उसकी जेब से 200 रुपये व नीले रंग का थैला लूट लिया गया था।
14 नवंबर को दिलीप अग्रवाल निवासी राया को कस्बा राया तिराहे से मथुरा के लिए बैठाकर लाए, थोड़ा आगे चलकर जब लूट के उद्देश्य से उसकी जेब मे हाथ डाला तो उसने विरोध किया, गौसना गांव के पास चुनरी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर लाश को सड़क किनारे झाड़ियों में फेक दिया। उसकी जेब से 17000 रुपये, एक मोबाइल, एक मिठाई का डिब्बा व एक मिट्टी की झोपड़ी (खिलौना) लूट लिया था।
22 फरवरी को थाना गोवर्धन पर प्रताप सिंह निवासी सेक्टर-10 फरीदाबाद हरियाणा द्वारा अपने पिता विजय प्रताप सिह के 15 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। 16 फरवरी को शव थाना क्षेत्र रिफाइनरी में मिलने पर थाना गोवर्धन पर मुकदमा अज्ञात में तरमीम किया गया था। पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ के दौरान उक्त हत्या को भी स्वीकार किया है।