फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   manooj goyal

मनोज गोयल को बचने  का मौका दे रही पुलिस

Fri, 24 Feb 2017 12:37 AM IST
मनोज गोयल को बचने  का मौका दे रही पुलिस
मनोज गोयल को बचने  का मौका दे रही पुलिस Updated Fri, 24 Feb 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
manooj goyal
मनोज गोयल को बचने  का मौका दे रही पुलिस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सौ करोड़ की तेल चोरी के मास्टरमाइंड मनोज गोयल की तलाश में रात-दिन एक करने के दावे तो पुलिस की ओर से किए जा रहे हैं लेकिन हकीकत में कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही। उसे बचने का पूरा मौका दिया जा रहा है। पुलिस सूत्रों की मानें तो वह अरेस्टिंग स्टे के  प्रयास में है। उसकी घेराबंदी करने में भी ढिलाई बरती जा रही है।
विज्ञापन

पुलिस ने उसका पासपोर्ट निलंबित कराने के लिए रीजनल पासपोर्ट ऑफिस को रिपोर्ट नहीं भेजी है। पासपोर्ट के सहारे वह विदेश भाग सकता है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वह 15 दिन पहले ही दुबई से आया है। नोटबंदी के दौरान 1000-500 के सभी नोट बैंकों में जमा कराए गए थे। जाहिर है तेल चोरी का पैसा भी उसके खातों में होगा। पुलिस ने खातों से लेनदेन बंद कराने के लिए भी कार्रवाई नहीं की है। वह जितना चाहे, पैसा निकाल सकता है। उसके खातों का ट्रांजेक्शन रिकार्ड भी चेक नहीं किया गया है।
विज्ञापन


जमानतियों पर शिकंजा नहीं
मनोज पर पहली बार एफआईआर नहीं हुई है। वह पहले कई बार जेल जा चुका है। ऐसे मामलों में पुलिस आरोपी के जमानतियों पर शिकंजा कसती है। इस केस में अभी तक ऐसा नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्टनरों से पूछताछ नहीं
मनोज गोयल के जिन पेट्रोल पंपों पर चोरी का तेल बेचा गया, उनमें कई पार्टनर हैं। कई तो उसके रिश्तेदार हैं। इसके बावजूद पुलिस ने अभी तक इन साझीदारों से पूछताछ तक नहीं की है।


मनोज की कोठी में सजती थी मदिरा की महफिल
आगरा। मनोज गोयल की कोठी में पुलिस ने बृहस्पतिवार रात दबिश दी। यहां से विदेशी मदिरा की 23 बोतलें बरामद की गईं। उसके खिलाफ अब आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जा रहा है। इतनी सारी बोतलें मिलने से माना जा रहा है कि यहां मदिरा की महफिल सजती थी। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने पहले कभी कोई कार्रवाई नहीं की। यह कोठी नेहरू नगर पुलिस चौकी के ठीक बराबर में है। यह वही चौकी है जिसकी बिल्डिंग के निर्माण में मनोज से मोटा चंदा लिया गया था। पुलिस को यह भी मालूम था कि  मनोज यहां मिलने वाला नहीं है। यहां पहले भी दबिश हो चुकी थी। पहली बार दबिश के दौरान पुलिस ने शराब की बोतलों पर ध्यान नहीं दिया। तब इनकी बरामदगी नहीं हुई थी।
---------
- अफसरों से उसके रिश्तों की पूरी कहानी से पर्दा उठ सकता है।
- थानों और चौकियों में लगे उसके पैसे की पूरी जानकारी सामने आ सकती है।
- नोटबंदी के दौरान पंपों पर नोट बदले जाने का खेल खुल सकता है।
- तेल चोरी में रिफाइनरी के अधिकारियों की मिलीभगत का पता चल सकता है।
- उसके इशारों पर काम करने वाले पुलिसवालों के चेहरों से नकाब उठ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed