नौकरानी निकली कादिर की कातिल

ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Fri, 16 Oct 2015 01:50 AM IST
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maid found victim in qadir case

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शहीद वीर अब्दुल हमीद के साथी व सीमा सुरक्षा बल के सेवानिवृत्त डीआईजी सैयद अब्दुल कादिर की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। हत्या नौकरानी नसरीन ने की थी। वह घर की मालकिन बनने का ख्वाब पाले थी, जबकि कादिर उसे घर से निकालना चाहते थे। इससे बौखलाकर उसने हत्याकांड का अंजाम दिया।
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बता दें, न्यू आगरा के सुरेश नगर में कोठी नंबर एक में अकेले रहने वाले अब्दुल कादिर की नौ अक्तूबर की दोपहर को गला दबाकर हत्या कर दी थी। घर में रहने वाली नौकरानी नसरीन उनकी देखभाल करती थी। उसने हत्या के पीछे दो लाख रुपये लूटने की बात कही थी। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि नसरीन अब्दुल कादिर के घर में सात साल से साथ रह रही थी। एक साल से अब्दुल कादिर उसे हटाने की बात कह रहे थे।
इस बारे में अपने बेटों को भी बताया था। नसरीन घर पर एकाधिकार समझती थी। घर पर किसी रिश्तेदार का आना-जाना पसंद नहीं करती थी। वह उनसे बदतमीजी करती थी। घटना से दो महीने पहले उन्होंने उसे हटाने की ठान ली थी। किसी दूसरी नौकरानी से काम को लेकर बात की थी, जिसकी जानकारी नसरीन को हो गई थी। उसे महसूस होने लगा कि अब उसे नौकरी और मकान से निकाल दिया जाएगा। अब्दुल कादिर ने नौ अक्तूबर को उसके काम का पूरा हिसाब भी कर दिया था। यह घटना स्वयं नौकरानी ने नौकरी से निकाले जाने और मकान का एकाधिकार समाप्त होने के डर से की गई थी। उसने किचन में इस्तेमाल के लिए रखे दुपट्टे के कपड़े से अब्दुल कादिर का गला दबा दिया और यह दर्शाने का प्रयास किया कि लूट के बाद हत्या हुई है।
शक होने की यह थी वजह
1. घटना वाले दिन नौकरानी ने चिल्लाकर कहा कि अंकल बैंक से दो लाख रुपये निकालकर लाए थे। मगर, जांच में सामने आया कि मात्र 72 हजार रुपये बैंक से निकाले थे। इसमें 27 हजार रुपये पांच अक्तूूबर और 45 हजार रुपये नौ अक्तूबर को निकाले गए।
2. 53 हजार रुपये घर में लेडीज पर्स में जबकि जेंट्स पर्स मेें 230 रुपये सुरक्षित पाए गए। बाकी बचे 19 हजार घर में खर्च किए गए। इससे नौकरानी द्वारा बताई गई लूट की कहानी गलत निकली।
3. नसरीन ने बताया था कि अब्दुल कादिर घटना वाले दिन दोपहर दो बजे घर पर ही मौजूद थे, जबकि वह डेढ़ बजे नमाज अदा करने मस्जिद गए थे। इसके बाद वहां से ढाई बजे वापस लौटे थे। इस बात की पुष्टि भी हुई।
4. घर में रिटायर्ड डीआईजी के मृत मिलने पर उसने उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं समझी। वह कालोनी में बाहर जाकर चिल्लाने लगी थी कि लूट हो गई।
रिश्तेदारों को बताती थी खुद है मालकिन
नसरीन को 2500 रुपये महीना मिलते थे। इसके अलावा घर में भी रहती थी। पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि घर से किचिन का काफी सामान (बर्तन, चादर) गायब हैं। वह उसके घर पर मिला। इसके अलावा वह अपने रिश्तेदारों को बताती थी वह घर में मालकिन की तरह रहती है। आरोपी नसरीन की बहन किस्वर अपनी बेटी गुड़िया के साथ मकान में रहती थी। वह भी बिना किराया दिए ही रहती थी।
पिता-पुत्राें में खींचती थी नफरत की दीवार
सैयद अब्दुल कादिर के बेटे सैयद अकरम कादिर ने बताया कि उनका घर पर आना नसरीन को बिल्कुल पसंद नहीं था। अक्सर जब वे घर आते थे तो वह पिता के बारे में गलत बात बताकर भड़काती थी। उनके जाने के बाद वह पिता को भड़काती थी। इतना ही नहीं वह रिश्तेदारों को भी पसंद नहीं करती थी। एक दिन एक रिश्तेदार के जाने के बाद पिता से कहा था कि रिश्तेदार ने खाने में ज्यादा सरसोे के तेल का इस्तेमाल किया। जब भी परिवार के लोग आते थे पूछती थी कि कितने दिन रुकोगे? अब कब जाओगे।
अकेले ही दिया हत्याकांड को अंजाम
एसपी सिटी ने बताया कि अब्दुल कादिर ब्लड प्रेशर और शुगर की बीमारी से पीड़ित थे। एक साल पहले उन्हें पैरालाइज का अटैक भी पड़ा था, जिससे वह शारीरिक रूप से काफी दुर्बल हो गए थे। इस कारण ही वह अकेले हत्या करने में सफल रही।
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