{"_id":"58b47d0f4f1c1b4459830c64","slug":"jhnl","type":"story","status":"publish","title_hn":"कौन ले गया विमला-वीना के सोने-चांदी के गहने","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कौन ले गया विमला-वीना के सोने-चांदी के गहने
कौन ले गया विमला-वीना के सोने-चांदी के गहने
Updated Tue, 28 Feb 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
कौन ले गया विमला-वीना के सोने-चांदी के गहने
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अर्जुन नगर में बेहद रहस्यमय ढंग से हुई मां-बेटी की मौत के मामले में एक और राज सामने आया है। दोनों के पास सोने-चांदी के गहने थे। लोगों ने उन्हें कंगन, कुंडल और चेन पहने देखा था लेकिन पुलिस को घर से कोई गहना नहीं मिला है। सवाल उठ रहा है कि दोनों के जेवरात आखिर कौन ले गया? ऐसी भी कोई जानकारी अभी तक सामने नहीं आई कि मजबूरी में उन्होंने गहने बेच दिए हों।
बता दें, विमला और वीना अलग-अलग कमरों में मृत मिली थी। विमला के शव का कंकाल बन चुका था। वीना की लाश भी दस से पंद्रह दिन पुरानी थी। पुलिस ने दो दिन घर की तलाशी ली। पहले खुद और दूसरी बार में फील्ड यूनिट के साथ। घर से एक पर्स में 20 रुपये मिले। कहीं भी कोई गहना नहीं मिला।
मकान मालिक वीरेंद्र चाहर ने बताया कि वीना अग्रवाल के कमरे में एक लकड़ी की अलमारी थी, जिस पर ताला लगा था। रविवार को पुलिस ने अलमारी का ताला तोड़ा। रुपये और गहने की तलाश की गई। पुलिस को बॉक्स तो रखे हुए मिले लेकिन इनमें कोई जेवरात नहीं मिला। बॉक्स पहले से खुले थे। ऐसा लग रहा था कि इन्हें खोला गया हो।
विज्ञापन
अब सवाल है कि आखिर जेवरात कहां चले गए? क्या घर में कोई आया था। वहीं इसके अलावा एक पीला अंतर्देशीय पत्र भी मिला, जो इलाहाबाद से आया था। घर में महिलाओं की चप्पलें भी नहीं मिली हैं। विमला के कमरे में दो ब्रीफकेस थे। इनमें से एक में कपड़े मिले, जबकि अन्य ब्रीफकेस को खोला नहीं जा सका। पुलिस का कहना है कि जांच चल रही है। जल्द ही हर सवाल का जवाब सामने आ जाएगा।
वीना ने की थी पीएचडी
वीरेंद्र चाहर ने बताया कि घर में वीना के नोट्स मिले हैं। वीना ने राजनीति शास्त्र और संगीत में एमए किया था। इसके बाद पीएचडी भी की थी। इसके भी नोट्स पुलिस को मिले हैं।
विभाग में भी पूछताछ
घर से बैंक की पासबुक और पेंशन से संबंधित कागजात मिले थे। इस पर पुलिस बैंक गई। पुलिस पेंशन से संबंधित कागजात लेकर सीएमओ आफिस भी गई थी, लेकिन वहां से ज्यादा कुछ पता नहीं चल सका।
इलाहाबाद की थीं विमला, 1983 में आई थी आगरा
आगरा। शाहगंज के अर्जुन नगर स्थित चाहर मार्केट के जर्जर मकान में मृत मिलीं वीना और उसकी मां विमला की मौत के रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद जग गई है। पुलिस को पता चला है कि विमला इलाहाबाद की थीं। 1983 में पति की मौत के बाद आगरा आ गईं थीं। पुलिस ने उनके भतीजे से फोन पर बात की है। वह आगरा के लिए चल दिए हैं। उनके आने पर मां-बेटी के बारे तमाम जानकारियां मिल सकती हैं।
थाना लोहामंडी सीओ श्यामकांत के मुताबिक, मृतका विमला के कमरे से एक पर्ची मिली थी, जिस पर इलाहाबाद के मेजा स्थित पीली कोठी लिखा था। पुलिस ने सीओ मेजा से संपर्क किया। उन्होंने चौकी इंचार्ज सरसा को भेजकर उक्त पते के बारे में जानकारी जुटाई। वहां विमला के भतीजे शशि प्रकाश मिले। उन्होंने पुलिस को बताया कि विमला के पिता गोपालदास और पति कैलाशचंद्र थे। उनकी मौत हो चुकी है। विमला की 1957 में स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य निरीक्षक के पद पर नौकरी लगी थी। 1990 में रिटायर्ड हुईं थीं। शशिप्रकाश ने मंगलवार को आगरा आने की बात कही है। पुलिस उनके आने का इंतजार कर रही है।
विज्ञापन
बता दें, विमला और वीना अलग-अलग कमरों में मृत मिली थी। विमला के शव का कंकाल बन चुका था। वीना की लाश भी दस से पंद्रह दिन पुरानी थी। पुलिस ने दो दिन घर की तलाशी ली। पहले खुद और दूसरी बार में फील्ड यूनिट के साथ। घर से एक पर्स में 20 रुपये मिले। कहीं भी कोई गहना नहीं मिला।
विज्ञापन
मकान मालिक वीरेंद्र चाहर ने बताया कि वीना अग्रवाल के कमरे में एक लकड़ी की अलमारी थी, जिस पर ताला लगा था। रविवार को पुलिस ने अलमारी का ताला तोड़ा। रुपये और गहने की तलाश की गई। पुलिस को बॉक्स तो रखे हुए मिले लेकिन इनमें कोई जेवरात नहीं मिला। बॉक्स पहले से खुले थे। ऐसा लग रहा था कि इन्हें खोला गया हो।
विज्ञापन
अब सवाल है कि आखिर जेवरात कहां चले गए? क्या घर में कोई आया था। वहीं इसके अलावा एक पीला अंतर्देशीय पत्र भी मिला, जो इलाहाबाद से आया था। घर में महिलाओं की चप्पलें भी नहीं मिली हैं। विमला के कमरे में दो ब्रीफकेस थे। इनमें से एक में कपड़े मिले, जबकि अन्य ब्रीफकेस को खोला नहीं जा सका। पुलिस का कहना है कि जांच चल रही है। जल्द ही हर सवाल का जवाब सामने आ जाएगा।
वीना ने की थी पीएचडी
वीरेंद्र चाहर ने बताया कि घर में वीना के नोट्स मिले हैं। वीना ने राजनीति शास्त्र और संगीत में एमए किया था। इसके बाद पीएचडी भी की थी। इसके भी नोट्स पुलिस को मिले हैं।
विभाग में भी पूछताछ
घर से बैंक की पासबुक और पेंशन से संबंधित कागजात मिले थे। इस पर पुलिस बैंक गई। पुलिस पेंशन से संबंधित कागजात लेकर सीएमओ आफिस भी गई थी, लेकिन वहां से ज्यादा कुछ पता नहीं चल सका।
इलाहाबाद की थीं विमला, 1983 में आई थी आगरा
आगरा। शाहगंज के अर्जुन नगर स्थित चाहर मार्केट के जर्जर मकान में मृत मिलीं वीना और उसकी मां विमला की मौत के रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद जग गई है। पुलिस को पता चला है कि विमला इलाहाबाद की थीं। 1983 में पति की मौत के बाद आगरा आ गईं थीं। पुलिस ने उनके भतीजे से फोन पर बात की है। वह आगरा के लिए चल दिए हैं। उनके आने पर मां-बेटी के बारे तमाम जानकारियां मिल सकती हैं।
थाना लोहामंडी सीओ श्यामकांत के मुताबिक, मृतका विमला के कमरे से एक पर्ची मिली थी, जिस पर इलाहाबाद के मेजा स्थित पीली कोठी लिखा था। पुलिस ने सीओ मेजा से संपर्क किया। उन्होंने चौकी इंचार्ज सरसा को भेजकर उक्त पते के बारे में जानकारी जुटाई। वहां विमला के भतीजे शशि प्रकाश मिले। उन्होंने पुलिस को बताया कि विमला के पिता गोपालदास और पति कैलाशचंद्र थे। उनकी मौत हो चुकी है। विमला की 1957 में स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य निरीक्षक के पद पर नौकरी लगी थी। 1990 में रिटायर्ड हुईं थीं। शशिप्रकाश ने मंगलवार को आगरा आने की बात कही है। पुलिस उनके आने का इंतजार कर रही है।