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सिमी के मॉड्यूल्स की सक्रियता से बढ़ी टेंशन
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Wed, 08 Mar 2017 11:48 PM IST
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आतंकवादी
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प्रदेश में अचानक बढ़ी आतंकी गतिविधियों के चलते खुफिया एजेंसियों ने पुलिस को दो तरह के अलर्ट जारी किए हैं। एक तो आगरा जोन में चौकसी बढ़ा दी जाए। दूसरा सिमी के मॉड्यूल्स का पता लगाकर उन पर कड़ी नजर रखी जाए। आशंका यह है कि ये मॉड्यूल्स आतंकी संगठन आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित होकर अपना आतंकी ग्रुप खड़ा कर सकते हैं। आगरा जोन में सिमी का नेटवर्क फैला हुआ है। खास तौर से अलीगढ़ में।
सिमी की स्थापना अलीगढ़ में हुई थी। इसके सदस्य पूरे प्रदेश में बनाए गए। बाद में अन्य प्रदेशों के लोग भी शामिल किए गए। संगठन पर प्रतिबंध के बाद यह कुछ समय निष्क्रिय रहा। इसके बाद इसने आतंकी संगठनों के लिए काम करना शुरू किया। खुफिया एजेंसियों को समय समय पर जानकारी मिलती रही कि सिमी के सदस्य आतंकी संगठनों के लिए स्लीपर मॉड्यूल्स के रुप में काम कर रहे हैं।
दो साल पहले यह जानकारी आई थी कि सिमी के ये मॉड्यूल्स इंडियन मुजाहिदीन के लिए काम करने लगे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब खुफिया एजेंसियों ने नए खतरे से आगाह किया है। ताजा अलर्ट में बताया गया है कि सिमी के मॉड्यूल्स आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित होकर उसी के नाम से अपना ग्रुप बना सकते हैं। हाल ही में जारी किया गया यह अलर्ट लखनऊ की घटनाओं से पहले का है।
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पिछले दिनों में इन सदस्यों की सक्रियता बढ़ने के बारे में भी जानकारी मिली है। इसके चलते खुफिया एजेंसियां टेंशन में हैं। पता चला कि ये सदस्य सोशल मीडिया पर भी आपस में सक्रिय हैं। इसके चलते एटीएस की सर्विलांस टीम को भी अलर्ट किया गया है।
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सिमी की स्थापना अलीगढ़ में हुई थी। इसके सदस्य पूरे प्रदेश में बनाए गए। बाद में अन्य प्रदेशों के लोग भी शामिल किए गए। संगठन पर प्रतिबंध के बाद यह कुछ समय निष्क्रिय रहा। इसके बाद इसने आतंकी संगठनों के लिए काम करना शुरू किया। खुफिया एजेंसियों को समय समय पर जानकारी मिलती रही कि सिमी के सदस्य आतंकी संगठनों के लिए स्लीपर मॉड्यूल्स के रुप में काम कर रहे हैं।
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दो साल पहले यह जानकारी आई थी कि सिमी के ये मॉड्यूल्स इंडियन मुजाहिदीन के लिए काम करने लगे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब खुफिया एजेंसियों ने नए खतरे से आगाह किया है। ताजा अलर्ट में बताया गया है कि सिमी के मॉड्यूल्स आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित होकर उसी के नाम से अपना ग्रुप बना सकते हैं। हाल ही में जारी किया गया यह अलर्ट लखनऊ की घटनाओं से पहले का है।
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पिछले दिनों में इन सदस्यों की सक्रियता बढ़ने के बारे में भी जानकारी मिली है। इसके चलते खुफिया एजेंसियां टेंशन में हैं। पता चला कि ये सदस्य सोशल मीडिया पर भी आपस में सक्रिय हैं। इसके चलते एटीएस की सर्विलांस टीम को भी अलर्ट किया गया है।