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गागा की तलाश में पुलिस की दबिश

Thu, 23 Jun 2016 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
अमर उजाला ब्यूरो आगरा Updated Thu, 23 Jun 2016 02:04 AM IST
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Gaga looking police raiding
भरतपुर हाउस गोलीकांड - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
भरतपुर हाउस गोलीकांड में पुलिस डिब्बा कारोबारी स्वदेश कुमार वर्मा उर्फ गागा की तलाश कर रही है। उसका मोबाइल स्विच्ड आफ है। उसके परिवार के लोग भी कुछ नहीं बता रहे। पुलिस ने उसकी रिश्तेदारी में भी दबिश दी है। उसका नाम राजकुमार लालवानी की हत्या की एफआईआर में भी है। 
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गोलीकांड में सीधे तौर पर उसकी भूमिका नहीं बताई गई है लेकिन उस पर साजिश में शामिल होने का शक जाहिर किया गया है। पुलिस उसके उन दोस्तों से भी पूछताछ करेगी जो संजीव और राजकुमार के साथ डिब्बा कारोबार में शामिल रहे।
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बता दें, संजीव रस्तोगी ने भरतपुर हाउस कालोनी के गेट पर कराई एंट्री में अपना नाम गागा भाई बताया था। वह पहले भी इसी नाम से एंट्री कराता रहा। 30 दिनों में 20 बार गया था। कालोनी के लोगों ने बताया कि कई बार राजकुमार से मिलने गागा भी आया था। चित्रा टाकीज के पास रहने वाला गागा डिब्बा कारोबार के अलावा प्रापर्टी डीलिंग का काम भी करता है।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो गागा ने प्रापर्टी और डिब्बा कारोबार में राजकुमार के करोड़ों रुपये लगवाए थे। इसमें राजकुमार का घाटा हुआ। उन पर देनदारी हो गई। इसकी वसूली के लिए संजीव को आगे कर दिया। यह बात भी सामने आई है कि संजीव लगातार राजकुमार पर दबाव बना रहा था।

पुलिस ने गागा के मोबाइल की काल डिटेल निकलवाई है। इंस्पेक्टर हरीपर्वत थाना ने बताया कि गागा का नाम एफआईआर में है। उससे पूछताछ की जाएगी। लेकिन उसका फोन बंद है। उसके कई दोस्त भी शहर से दूर निकल गए हैं।

अब तक क्या-क्या
- अभी तक इस सवाल का जवाब नहीं मिल पाया है कि संजीव ने कालोनी में एंट्री गागा भाई के नाम से क्यों करवाई ?
- संजीव के हाथ में नजर आ रहे कागजात पुलिस बरामद नहीं कर पाई है, राजकुमार के घर से गायब उनका मोबाइल भी नहीं मिला है।
- राजकुमार की पत्नी निर्मला का बयान बेहद अहम है, लेकिन वह गहरे सदमे में हैं, अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है।
- तीन दिन की पूछताछ के बाद ड्राइवर रवि के खिलाफ घटना में शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं, उसे पुलिस छोड़ सकती है।
- कालोनी के गार्ड सुधीर का कहना है कि उसे एक के बाद एक लगातार चार गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी थीं।
- कालोनी के कई लोगों का बयान अलग है, उनका कहना है कि दो-दो गोलियों की आवाज के बीच एक मिनट का अंतराल रहा।
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