{"_id":"e30b5235588032993a4f339d25367a31","slug":"fir-on-traffic-constable-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घायल समेत चारों सिपाहियों पर केस दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घायल समेत चारों सिपाहियों पर केस दर्ज
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Tue, 19 Jan 2016 01:45 AM IST
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट तिराहे पर श्रीराम पेठा स्टोर में ‘रहस्यमय’ ढंग से चली गोली लगने से ट्रैफिक पुलिस के सिपाही अनुज राणा के घायल हो जाने के मामले में रकाबगंज थाना पुलिस ने अपनी ओर से केस दर्ज किया है। इसमें अनुज के अलावा उसे एसएन में भर्ती कराकर फरार हुए उसके तीनों सहकर्मी विनय, ऋषिपाल और मोहन नामजद किए गए हैं। इन पर आरोप है लापरवाही में ऐसा कृत्य करने का, जिससे किसी की जान को खतरा पैदा हो। वहीं तीनों में से सोमवार को भी कोई सामने नहीं आया।
पुलिस ने माना है कि गोली जानबूझकर नहीं चलाई गई बल्कि गलती से चल गई। अगर गोली मारी गई होती तो दिशा सामने की होती। अनुज को लगी गोली गर्दन से होकर सिर में जाकर फंसी। गौरतलब है कि चारों सिपाही रविवार रात ही सस्पेंड कर दिए गए थे। उधर, पुष्पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती अनुज ने तहरीर देने से इनकार कर दिया। उसकी तरफ से उसके परिवार के किसी सदस्य ने भी तहरीर नहीं दी। इसके बाद ही पुलिस ने केस लिखा। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि जांच एसपी ट्रैफिक कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय होगी।
पिस्टल नहीं, तमंचे से चली गोली
आगरा। ट्रैफिक पुलिस में सोमवार को यह चर्चा भी रही कि गोली पिस्टल से नहीं, बल्कि तमंचे से चली। हालांकि इसका सच असलाह के बरामद हो जाने पर ही सामने आ सकेगा। अभी तक यह भी साफ नहीं हो पाया कि असलाह एक सिपाही के पास था या इससे ज्यादा के।
विज्ञापन
गोली चलने की नौबत क्यों आई?
आगरा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि चारों सिपाही किस मकसद से दुकान के अंदर मीटिंग कर रहे थे। दो सिपाही तो अपनी ड्यूटी छोड़कर वहां पहुंचे थे। ट्रैफिक पुलिस पर कई बार पैसा वसूली के आरोप लगे हैं तो क्या वहां पैसे के बंटवारे के दौरान झगड़ा हुआ? सच एसपी ट्रैफिक की जांच के बाद ही सामने आएगा।
पर्दा जो उठ गया तो...
- घायल सिपाही आखिर झूठ क्यों बोल रहा है कि उसे गोली नहीं लगी?
- एक्सरे रिपोर्ट में गोली आ जाने के बावजूद उसने तहरीर क्यों नहीं दी?
- उसे अस्पताल में भर्ती कराकर फरार हुए तीनों सिपाही सामने क्यों नहीं आ रहे हैं?
- एक सिपाही ने इस केस में टीआई के हमराह को फंसाने की कोशिश क्यों की?
विज्ञापन
पुलिस ने माना है कि गोली जानबूझकर नहीं चलाई गई बल्कि गलती से चल गई। अगर गोली मारी गई होती तो दिशा सामने की होती। अनुज को लगी गोली गर्दन से होकर सिर में जाकर फंसी। गौरतलब है कि चारों सिपाही रविवार रात ही सस्पेंड कर दिए गए थे। उधर, पुष्पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती अनुज ने तहरीर देने से इनकार कर दिया। उसकी तरफ से उसके परिवार के किसी सदस्य ने भी तहरीर नहीं दी। इसके बाद ही पुलिस ने केस लिखा। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि जांच एसपी ट्रैफिक कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय होगी।
विज्ञापन
पिस्टल नहीं, तमंचे से चली गोली
आगरा। ट्रैफिक पुलिस में सोमवार को यह चर्चा भी रही कि गोली पिस्टल से नहीं, बल्कि तमंचे से चली। हालांकि इसका सच असलाह के बरामद हो जाने पर ही सामने आ सकेगा। अभी तक यह भी साफ नहीं हो पाया कि असलाह एक सिपाही के पास था या इससे ज्यादा के।
विज्ञापन
गोली चलने की नौबत क्यों आई?
आगरा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि चारों सिपाही किस मकसद से दुकान के अंदर मीटिंग कर रहे थे। दो सिपाही तो अपनी ड्यूटी छोड़कर वहां पहुंचे थे। ट्रैफिक पुलिस पर कई बार पैसा वसूली के आरोप लगे हैं तो क्या वहां पैसे के बंटवारे के दौरान झगड़ा हुआ? सच एसपी ट्रैफिक की जांच के बाद ही सामने आएगा।
पर्दा जो उठ गया तो...
- घायल सिपाही आखिर झूठ क्यों बोल रहा है कि उसे गोली नहीं लगी?
- एक्सरे रिपोर्ट में गोली आ जाने के बावजूद उसने तहरीर क्यों नहीं दी?
- उसे अस्पताल में भर्ती कराकर फरार हुए तीनों सिपाही सामने क्यों नहीं आ रहे हैं?
- एक सिपाही ने इस केस में टीआई के हमराह को फंसाने की कोशिश क्यों की?