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चुनावी रंजिश में प्रधानी के दावेदार किसान की हत्या
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Mon, 07 Sep 2015 01:49 AM IST
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प्रधानी के चुनाव की रंजिश में न्यू आगरा के नगला बूढ़ी में किसान जयवीर सिंह पहलवान (50) की रविवार रात 11 बजे घर के बाहर ही हत्या कर दी गई। बाइक पर आए चार हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी और भाग निकले। परिवारीजनों ने गांव के पूर्व प्रधान सहित चार लोगोें पर हत्या का आरोप लगाया है। सूचना पर एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह, सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार सिंह फोर्स के साथ पहुंच गए।
मूलरूप से खंदौली के गांव गिजौली निवासी जयवीर सिंह पहलवान पुत्र रघुवीर सिंह 15 साल पहले नगला बूढ़ी स्थित आनंदी भैंरों मेें आकर बस गए थे। वह दूध का व्यवसाय करते थे। गांव में खेतीबाड़ी भी है। उनके बेटे रवि ने बताया कि उनकी गांव के कोमल सिंह से 20 साल से रंजिश है। जयवीर इस बार प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। उनका गांव आना-जाना बढ़ गया था। समर्थन भी मिल रहा था। पूर्व प्रधान लुकमान को यह देख डर लगा कि जयवीर खड़े हुए तो वह चुनाव हार जाएगा। रात तकरीबन 11 बजे जयवीर घर के बाहर चारपाई पर बैठे हुए थे। तभी कोमल, लुकमान, गजेंद्र और हरिबाबू दो बाइक पर आए और दो गोली मारी और भाग निकले। एक जयवीर के गर्दन के पार निकल गई। वह गिर पड़े। बेटे घायल पिता को एसएन इमरजेंसी लेकर आए, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उसने बताया कि हमलावरों से उसके पिता को धमकी भी मिली थी। सीओ हरीपर्वत ने बताया कि दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश है। चार लोगों के नाम बताए गए हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
रंजिश के चलते छोड़ा था गांव
परिवारीजनों ने बताया कि कोमल सिंह अपराधी प्रवृत्ति का है। जयवीर के व्यवहार से गांव के लोग उनकी बात मानते हैं। इस कारण की कोमल उनसे रंजिश मानने लगा था। इसी कारण जयवीर परिवार समेत शहर में बस गए थे। चार साल पहले पूर्व प्रधान लुकमान पक्ष के हमले में उनका पैर टूट गया था। तभी से वे ठीक से चल नहीं पाते थे। इस मामले में लुकमान आदि पर मुकदमा दर्ज कराया था।
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पहले भी हत्या में आया नाम
गांव गिजौली में गत 30 अगस्त को बरहन के गढ़ी हरपाल निवासी देवेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जयवीर पक्ष के खिलाफ शिकायत की गई थी। पर पुलिस की जांच में उन्हें क्लीन चिट दी गई थी।
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मूलरूप से खंदौली के गांव गिजौली निवासी जयवीर सिंह पहलवान पुत्र रघुवीर सिंह 15 साल पहले नगला बूढ़ी स्थित आनंदी भैंरों मेें आकर बस गए थे। वह दूध का व्यवसाय करते थे। गांव में खेतीबाड़ी भी है। उनके बेटे रवि ने बताया कि उनकी गांव के कोमल सिंह से 20 साल से रंजिश है। जयवीर इस बार प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। उनका गांव आना-जाना बढ़ गया था। समर्थन भी मिल रहा था। पूर्व प्रधान लुकमान को यह देख डर लगा कि जयवीर खड़े हुए तो वह चुनाव हार जाएगा। रात तकरीबन 11 बजे जयवीर घर के बाहर चारपाई पर बैठे हुए थे। तभी कोमल, लुकमान, गजेंद्र और हरिबाबू दो बाइक पर आए और दो गोली मारी और भाग निकले। एक जयवीर के गर्दन के पार निकल गई। वह गिर पड़े। बेटे घायल पिता को एसएन इमरजेंसी लेकर आए, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उसने बताया कि हमलावरों से उसके पिता को धमकी भी मिली थी। सीओ हरीपर्वत ने बताया कि दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश है। चार लोगों के नाम बताए गए हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
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रंजिश के चलते छोड़ा था गांव
परिवारीजनों ने बताया कि कोमल सिंह अपराधी प्रवृत्ति का है। जयवीर के व्यवहार से गांव के लोग उनकी बात मानते हैं। इस कारण की कोमल उनसे रंजिश मानने लगा था। इसी कारण जयवीर परिवार समेत शहर में बस गए थे। चार साल पहले पूर्व प्रधान लुकमान पक्ष के हमले में उनका पैर टूट गया था। तभी से वे ठीक से चल नहीं पाते थे। इस मामले में लुकमान आदि पर मुकदमा दर्ज कराया था।
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पहले भी हत्या में आया नाम
गांव गिजौली में गत 30 अगस्त को बरहन के गढ़ी हरपाल निवासी देवेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जयवीर पक्ष के खिलाफ शिकायत की गई थी। पर पुलिस की जांच में उन्हें क्लीन चिट दी गई थी।