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वाहन चोरी में हर माह शतक

Mon, 12 Sep 2016 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 12 Sep 2016 12:07 AM IST
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Every month hundreds of stolen vehicle
bikes - फोटो : अमर उजाला
चेन लुटेरों की तरह वाहन चोर भी खुलकर खेल रहे हैं। हर महीने वारदात का शतक लग रहा है। स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एससीआरबी) को भेजे गए ताजा आंकड़े बताते हैं कि इस साल के आठ महीनों में ही वाहन चोरी की 850 रिपोर्ट दर्ज हैं। इनमें 70 फीसदी शहर की हैं। पुलिस रिकार्ड में ऐसे 25 गिरोह हैं, जिन्होंने वाहन चोरी को अपना पेशा बना रखा है। इनमें से दस तो आन डिमांड चोरी करते हैं।
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इन आंकड़ों में हैरानी की बात यह है कि वाहन चोरी इस साल भी वहीं पर ज्यादा हो रही है, जहां पहले होती आई है। मतलब पुलिस सब कुछ जानते हुए भी कुछ कर नहीं रही। पिनाहट का प्रदीप भदौरिया गैंग कई बार जेल जा चुका, लेकिन पुलिस के ढीले शिकंजे के चलते चोरी करना नहीं छोड़ रहा।
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ऐसा एक भी महीना नहीं बीता जब लगभग 100 वाहन चोरी की रिपोर्ट दर्ज न हुई हों। असली आंकड़ा तो इससे कहीं ज्यादा है। पुलिस यह खेल भी करती है कि पांच-छह वाहनों की चोरी एक ही अपराध संख्या पर दर्ज कर लेती है।
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हरीपर्वत में सबसे ज्यादा चोरी
वाहन चोरी में हरीपर्वत थाना और हरीपर्वत सर्किल पहले नंबर पर हैं। देहात में खेरागढ़, मलपुरा और अछनेरा में वाहन चोरी ज्यादा है।

रिकवरी सिर्फ 20 फीसदी
इस साल चोरी गए 850 वाहनों में से बरामदगी सिर्फ 170 की हो पाई है। इनमें भी बाइक के मुकाबले कार की रिकवरी और कम है।
थानों में हो रहा कबाड़ा
बरामद किए गए 170 वाहनों में से भी वाहन स्वामी का नाम-पता सिर्फ 125 का मिल पाया। बाकी वाहन थानों पर खड़े कबाड़ा हो रहे हैं।

वाहनों के कमेलों पर शिकंजा नहीं
शहर में जगह जगह चल रहे वाहनों के कमेले चल रहे हैं, जिनमें चोरी के वाहन काटकर सुबूत मिटा दिए जाते हैं। छीपीटोला और गोबर चौकी क्षेत्र में ऐसे कई कमेले हैं।

थाना       :  वाहन  चोरी
हरीपर्वत    -   140
न्यू आगरा   -  120
एत्माद्दौला  -   75
सिकंदरा     -   72
सदर         -   69
जगदीशपुरा   -  48
शाहगंज      -  45
ताजगंज      -  36

वर्ष      - वाहन चोरी
2013   - 2311
2014   - 2778
2015   - 2135

सीख लीजिए वाहन चोरों से बचना
अभी तक पकड़े गए शातिर वाहन चोरों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन चोरी से बचने के लिए तीन चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। एक तो पुराने लॉक कमजोर हो जाते हैं, उन्हें खोलना आसान रहता है। इसलिए लॉक बदलवाते रहें। दूसरा, व्हील लाक भी लगा हो तो चोरी की संभावना 90 फीसदी कम हो जाती है। तीसरा अगर खरीदारी करने गए हैं, तो वाहन ऐसी जगह खड़ा करें जहां से आपकी नजर उस पर रहे। चौथा, अगर पार्किंग प्लेस है, तो वाहन वहीं पर खड़ा करें।

और यहां अवैध पार्किंग में करोड़ों की वसूली
शहर में सबसे ज्यादा वाहन चोरी हरीपर्वत में है। हरीपर्वत में भी संजय प्लेस पर। हैरानी की बात यह है कि यहीं पर 20 अवैध पार्किंग चल रही हैं। इनका कोई ठेका ही नहीं। पार्किंग माफिया हर साल डंके की चोट पर करोड़ों की अवैध वसूली कर रहे हैं। वो भी पुलिस की नाक के नीचे। यहीं पर संजय प्लेस पुलिस चौकी है। नगर निगम, विकास प्राधिकरण और पुलिस सभी के अफसर इन पार्किंग को अवैध बताते हैं लेकिन कार्रवाई कोई नहीं करता।

इन पार्किंग में बाइक से 10 से 20 और कार से 20 से 50 रुपये वसूले जाते हैं। अगर वाहन चोरी हो जाए तो पार्किंग ठेकेदार की कोई गारंटी नहीं। अगर वाहन पार्किंग में खड़ा नहीं किया तो चोरी का खतरा ज्यादा। लोग तो यहां तक कहते हैं कि पार्किंग माफिया के गुर्गे ही वाहन उठाकर ले जाते हैं। इस पर कई बार हंगामा भी हो चुका है। थाना हरीपर्वत भी दूर नहीं है।


कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं: एसएसपी
एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह का कहना है कि शहर में जहां भी अवैध पार्किंग चल रही है, वहां से संबंधित थाना की पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। अगर संजय प्लेस में अवैध वसूली पाई जाती है तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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