{"_id":"032aac9d4025332600a7c2c3011322f0","slug":"bitiya-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आबरू बचाने को शोहदों से भिड़ी बहादुर बिटिया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आबरू बचाने को शोहदों से भिड़ी बहादुर बिटिया
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 05 Dec 2015 01:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शोहदों ने कालेज जाती छात्रा का दुपट्टा पकड़कर उसे खींचने का प्रयास किया तो वह अकेले ही उनसे भिड़ गई। बहादुर बिटिया ने शोहदों पर लात, घूंसे बरसाए और एक को जमीन पर गिरा दिया। चीखपुकार सुनकर बचाव में आए ग्रामीण ने अपने साथियों को भी बुला लिया। ये देख तीनों शोहदे भाग निकले। मगर ग्रामीणों ने तकरीबन तीन घंटे बाद एक आरोपी को पकड़कर उसे जमकर धुना। उसे पुलिस को सौंप दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शमसाबाद रोड स्थित एक गांव की संजना (परिवर्तित नाम) बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा है। घर से एक किलोमीटर की दूरी पर कालेज है। शुक्रवार सुबह तकरीबन 9:30 बजे वह दो सहेलियों के साथ कालेज जा रही थी। रास्ते में ही कोल्ड स्टोरेेज के पास गांव के तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया। एक ने संजना का दुपट्टा पकड़ लिया और उसे खींचने का प्रयास किया। ये देखकर अन्य छात्राएं घबरा गईं। संजना ने साहस दिखाते हुए उसको चांटे मारने शुरू कर दिए। अन्य दो शोहदों ने उसके हाथ पकड़ने की कोशिश की तो उन पर भी लात, घूंसे बरसाए। एक शोहदे को जमीन पर गिरा दिया। 15 मिनट तक उनसे अकेले ही मुकाबला करती रही। तभी अन्य छात्राओं का शोर मचाया तो वहां स्थित प्लाट में मौजूद ग्रामीण बने सिंह पहुंच गए। रोकने पर शोहदों ने उनसे मारपीट कर दी। इस पर बने सिंह ने फोन कर अपने साथियों को बुला लिया। ये देख शोहदे भाग निकले। बाद में अन्य ग्रामीण भी आ गए। तकरीबन तीन घंटे बाद बने सिंह ने साथियों की मदद से एक युवक को घेर लिया। उसकी जमकर पिटाई लगाई और पुलिस को सूचना दी।
सौ नंबर नहीं लगा, चौकी के सिपाही भी नहीं आए
घटना के बाद मौके पर आए संजना के पिता ने सौ नंबर मिलाया, लेकिन उठा नहीं। उन्होंने पांच बार कॉल की लेकिन रिसीव नहीं हुई। इसके बाद चौकी पर गए। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर दी, लेकिन सिपाहियों ने तहरीर लेना तो दूर, मौके पर जाना भी मुनासिब नहीं समझा। बल्कि उन्हें खुद थाने जाने की सलाह दे दी।
विज्ञापन
एक साल पहले सिखाया था सबक
संजना के पिता ने बताया कि आरोपी एक युवक ने एक साल पहले भी संजना से छेड़छाड़ की थी। तब भी संजना ने उसे सबक सिखाया था। जानकारी पर आरोपी युवक के घरवालों से शिकायत की थी। बाद में माफी मांगने पर उसे छोड़ दिया था।
विज्ञापन
शमसाबाद रोड स्थित एक गांव की संजना (परिवर्तित नाम) बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा है। घर से एक किलोमीटर की दूरी पर कालेज है। शुक्रवार सुबह तकरीबन 9:30 बजे वह दो सहेलियों के साथ कालेज जा रही थी। रास्ते में ही कोल्ड स्टोरेेज के पास गांव के तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया। एक ने संजना का दुपट्टा पकड़ लिया और उसे खींचने का प्रयास किया। ये देखकर अन्य छात्राएं घबरा गईं। संजना ने साहस दिखाते हुए उसको चांटे मारने शुरू कर दिए। अन्य दो शोहदों ने उसके हाथ पकड़ने की कोशिश की तो उन पर भी लात, घूंसे बरसाए। एक शोहदे को जमीन पर गिरा दिया। 15 मिनट तक उनसे अकेले ही मुकाबला करती रही। तभी अन्य छात्राओं का शोर मचाया तो वहां स्थित प्लाट में मौजूद ग्रामीण बने सिंह पहुंच गए। रोकने पर शोहदों ने उनसे मारपीट कर दी। इस पर बने सिंह ने फोन कर अपने साथियों को बुला लिया। ये देख शोहदे भाग निकले। बाद में अन्य ग्रामीण भी आ गए। तकरीबन तीन घंटे बाद बने सिंह ने साथियों की मदद से एक युवक को घेर लिया। उसकी जमकर पिटाई लगाई और पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
सौ नंबर नहीं लगा, चौकी के सिपाही भी नहीं आए
घटना के बाद मौके पर आए संजना के पिता ने सौ नंबर मिलाया, लेकिन उठा नहीं। उन्होंने पांच बार कॉल की लेकिन रिसीव नहीं हुई। इसके बाद चौकी पर गए। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर दी, लेकिन सिपाहियों ने तहरीर लेना तो दूर, मौके पर जाना भी मुनासिब नहीं समझा। बल्कि उन्हें खुद थाने जाने की सलाह दे दी।
विज्ञापन
एक साल पहले सिखाया था सबक
संजना के पिता ने बताया कि आरोपी एक युवक ने एक साल पहले भी संजना से छेड़छाड़ की थी। तब भी संजना ने उसे सबक सिखाया था। जानकारी पर आरोपी युवक के घरवालों से शिकायत की थी। बाद में माफी मांगने पर उसे छोड़ दिया था।