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बायोमैट्रिक्स कक्ष से मॉनीटर, सीपीयू चोरी

Wed, 18 May 2016 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
अमर उजाला ब्यूरो आगरा Updated Wed, 18 May 2016 01:34 AM IST
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Biometrics class monitor, CPU theft
आरटीओ के कर्मचारियों ने दोपहर बाद दी पुलिस को सूचना - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 ट्रांसपोर्ट नगर स्थित संभागीय परिवहन विभाग के बायोमैट्रिक्स डाटा कार्यालय का ताला तोड़कर चोरों ने सात कंप्यूटर चोरी कर लिए। इससे ऑनलाइन लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया ठप हो गई। कर्मचारियों ने पुलिस को दोपहर बाद जानकारी दी। इस मामले में थाना हरीपर्वत में तहरीर दी गई है।
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बता दें, संभागीय परिवहन विभाग में नई बिल्ंिडग के पास बायोमैट्रिक्स डाटा तैयार किया जाता है। यहां ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले लोगों की आंखों और अंगुलियों के निशान को कंप्यूटर के माध्यम से सुरक्षित किया जाता है। मंगलवार को कार्यालय का ताला टूटा पड़ा था। सामान बिखरा था। कर्मचारियों ने जानकारी अफसरों को दी। पंजीयन अधिकारी राजीव बंसल ने बताया कि इस कक्ष में आठ कंप्यूटर थे। इनमें से सात मॉनीटर और एक सीपीयू चोरी हुआ है। जो एक सीपीयू चोरी हुआ है, उसमें भी कोई महत्वपूर्ण डाटा नहीं था। हमारे यहां डाटा सर्वर के माध्यम से सुरक्षित रहता है। अधिकारियों को दी। दोपहर बाद थाना हरीपर्वत पुलिस ने मुआयना किया। 
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आरटीओ में चोरी के पीछे दलालों का हाथ तो नहीं?
 संभागीय परिवहन विभाग में बायोमैट्रिक्स कक्ष में चोरी के पीछे दलालों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। जिस तरह से चोरों ने ऑनलाइन लाइसेंस के काम को बाधित किया है, उससे साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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बता दें, विभाग में बगैर दलालों के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना टेढ़ी खीर है। दलालों की बाबू से लेकर अधिकारियों तक सेटिंग है। इसी कारण आरटीओ में दलाल हावी हैं। कुछ दिन पहले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन बायोमैट्रिक्स प्रक्रिया शुरू हुई तो दलालों की आय कम हो गई। पिछले सप्ताह आरटीओ की नई बिल्ंिडग में डीएल के लिए ऑनलाइन टेस्ट की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। इसमें कंप्यूटर में फीड सवालों के जवाब आवेदक को देने होते हैं। इन सवालों के बारे में आरटीओ के कर्मचारियों को भी जानकारी नहीं होती है। इससे आवेदक टेस्ट में फेल होने लगे। उधर, ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने से दलालों के सामने परेशानियां खड़ी हो गईं। ऐसे में बायोमैट्रिक्स कक्ष से कंप्यूटरों की चोरी के पीछे कहीं दलालों और आरटीओ कर्मियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है। कयास ये भी हैं कि कहीं चोरों ने हार्ड डिस्क तो गायब नहीं की है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने किसी भी तरह के महत्वपूर्ण डाटा के चोरी होने से इनकार किया है। 

ठप हुआ ऑनलाइन लाइसेंस का काम
मानीटर और सीपीयू चोरी के बाद ऑनलाइन लाइसेंस का काम चार-पांच दिन के लिए ठप हो गया है। अब आरटीओ कर्मचारी मैनुअल तरीके से ही लाइसेंस बनाने का काम करेंगे। 
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