फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   attack in etah kotwali is encouraged by bjp workers

एटा बवालः सटोरियों को छुड़ाने पहुंचे थे भाजपाई, अफवाह फैलते ही हुआ उपद्रव

Wed, 16 Aug 2017 04:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला जलेसर (एटा)
ब्यूरो/अमर उजाला जलेसर (एटा) Updated Wed, 16 Aug 2017 04:31 PM IST
विज्ञापन
attack in etah kotwali is encouraged by bjp workers
पुलिस - फोटो : अमर उजाला
एटा के जलेसर में पांच जुआरियों और एक सटोरियों को रंगेहाथ पकड़ने के बाद पुलिस ने पांच जुआरियों को थाने से जमान पर रिहा कर दिया। माना जा रहा है कि सटोरिए मनोज को बेहरमी से पीट कर अधमरा करने की अफवाह नहीं उड़ती तो जलेसर कोतवाली में उपद्रव नहीं होता। 
विज्ञापन


पुलिस सूत्रों की माने तो पकड़े गए जुआरियों को थाने से रिहा कराने में भाजपाईयों ने अहम भूमिका निभाई। लेकिन जिस वक्त थाने पर हमला हुआ उस वक्त कोई नहीं आया। पथराव और तोड़फोड़ होने पर थाने से पुलिस कर्मी भाग निकले। तीन मुंशी, हमराह और कोतवाल ने विरोध किया तो भीड़ के आक्रोश का शिकार होकर घायल हो गए। 
विज्ञापन


जलेसर कस्बे में पुलिस की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर सट्टा और जुआ होता है। मंगलवार को पुलिस ने इस्लाम नगर इलाके से सटोरिए मनोज समेत छह जुआरियों को पकड़ा था। पुलिस सूत्रों की माने तो कोतवाली पुलिस ने बिना लिखापढ़ी के सुविधा शुल्क लेकर पांच जुआरियों को रिहा कर दिया था। बुधवार को जब कोतवाली पुलिस से जुआरियों के नाम मांगे गए तो दिनभर मानवाधिकार सचिव का निरीक्षण चलने का बहाना बनाती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाद में पता चला कि आनन-फानन में जुआरियों को सुविधा शुल्क लेकर भाजपाइयों के इशारे पर थाने से रिहा किया गया था। कोतवाली सूत्रों का दावा है कि बुधवार सुबह तक  जुआरियों को छोड़ने को लेकर विवाद होने पर कोतवाली के इशारे पर जीडी रोक कर रखी गई। यही कारण है कि पुलिस थाने से रिहा हुए जुआरियों का नाम नहीं बता पा रही। 

अब मनोज की खोजबीन

अब पुलिस का फोकस सटोरिए मनोज और भीड़ में शामिल उन महिलाओं और पुरुषों पर है तो कोतवाली में पथराव और तोड़फोड़ करने के बाद हवालात से सटोरिए मनोज को छुड़ा ले गई। तोड़फोड़ और पथराव की घटना के बाद से जेलसर पुलिस के हाथपांव फूले हैं। 

स्थानीय लोगों की मानें तो बवाल में जिन लोगों के नाम शामिल हैं उन्हें गिरफ्तार करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस्लामनगर में जुआ और सट्टा मिलीभगत से चल रहा था। ऐसे में यदि पुलिस ने गिरफ्तार करने की हिमाकत की तो बवाल हो सकता है।  

मामले में एटा के एएसपी संजय कुमार सिंह ने बताया कि भीड़ ने जलेसर कोतवाली में पथराव और तोड़फोड़ कर सटोरिए मनोज को पुलिस कस्टडी से ले गई है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को तलाश की जा रही है। पुलिस ने दबिश दी है, लेकिन सटोरिया मनोज और भीड़ में शामिल लोग घर से गायब हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed