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आगरा पुलिस की मनमानी, छेड़छाड़ की पीड़िताओं पर ही शांतिभंग की कार्रवाई
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 01 Jun 2017 09:56 PM IST
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- फोटो : डेमो पिक
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आगरा की जगदीशपुरा पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। पुलिस ने छेड़छाड़ पीड़ित बहनों के खिलाफ ही शांति भंग की कार्रवाई कर दी। आरोप है कि यह सब पूर्व में दर्ज कराए मुकदमे में दबाव बनाने के लिए आरोपी पक्ष के इशारे पर किया गया। पीड़ित परिवार ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है।
जगदीशपुरा क्षेत्र की महिला ने बताया कि उसकी 15 वर्षीय बेटी को क्षेत्र के दो युवक परेशान करते थे। आठ अक्तूबर 2016 को छेड़छाड़ के विरोध पर आरोपी पक्ष ने घर पर हमला बोल दिया था। इस पर थाना में मुकदमा दर्ज कराया।
मगर, पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। इसी रंजिश में 27 मई को महिला की दो बेटियों को आरोपियों ने पकड़ लिया। उन्हें घर में खींचकर ले जाने का प्रयास किया। सौ नंबर पर सूचना देने पर पुलिस पहुंच गई।
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आरोप है कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उन्हें ही दोषी साबित करने लगी। पहले वीडियो रिकॉर्डिंग बनाई। इसके बाद उन्हें पैदल थाने तक लेकर गई, जहां दोनों बेटियों को थाने में बैठा लिया। इसकेबाद दोनों का शांति भंग में चालान कर दिया। चालानी रिपोर्ट में लिख दिया कि दोनों पक्षों में पुराना विवाद चल रहा है। एसएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।
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जगदीशपुरा क्षेत्र की महिला ने बताया कि उसकी 15 वर्षीय बेटी को क्षेत्र के दो युवक परेशान करते थे। आठ अक्तूबर 2016 को छेड़छाड़ के विरोध पर आरोपी पक्ष ने घर पर हमला बोल दिया था। इस पर थाना में मुकदमा दर्ज कराया।
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मगर, पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। इसी रंजिश में 27 मई को महिला की दो बेटियों को आरोपियों ने पकड़ लिया। उन्हें घर में खींचकर ले जाने का प्रयास किया। सौ नंबर पर सूचना देने पर पुलिस पहुंच गई।
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आरोप है कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उन्हें ही दोषी साबित करने लगी। पहले वीडियो रिकॉर्डिंग बनाई। इसके बाद उन्हें पैदल थाने तक लेकर गई, जहां दोनों बेटियों को थाने में बैठा लिया। इसकेबाद दोनों का शांति भंग में चालान कर दिया। चालानी रिपोर्ट में लिख दिया कि दोनों पक्षों में पुराना विवाद चल रहा है। एसएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।