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आगरा के केंद्रीय कारागार से तीन गवाहों की हत्या की सुपारी
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Tue, 22 Dec 2015 02:08 AM IST
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केंद्रीय कारागार आगरा से सहारनपुर के दो और सदर क्षेत्र के एक गवाह की हत्या की साजिश रची गई थी। थाना सदर पुलिस ने हरेंद्र राणा गैंग के शूटर और कांट्रैक्ट किलर राहुल फौजी को गिरफ्तार करके यह खुलासा किया है।
सीओ सदर असीम चौधरी ने बताया कि भिंड के थाना लाहर स्थित सुंदरपुरा निवासी राहुल भाड़े पर हत्या करता है। वह जिला जेल में बंद था। 15 दिसंबर को ही जमानत पर छूटकर आया। उसने तीन गवाहों की हत्या की सुपारी ली। इनमें दो सहारनपुर तो एक थाना सदर क्षेत्र का है। सहारनपुर के गवाहों की हत्या की सुपारी आगरा के केंद्रीय कारागार में बंद अभियुक्त सनी उर्फ छिद्दा कराना चाहता है। सनी सहारनपुर के कोतवाली सिटी के हत्या के मामले में जेल में बंद है। वह हिस्ट्रीशीटर भी है। वहीं राहुल फौजी ने थाना सदर क्षेत्र में ठेकेदार पहुप सिंह के मर्डर के गवाह की भी हत्या की सुपारी ली थी। बता दें, पहुप सिंह हत्याकांड के आरोपी भी जेल में बंद है। इस गवाह की हत्या की सुपारी किसने दी, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है। सोमवार शाम को राहुल सोहल्ला क्षेत्र में एक्सयूवी गाड़ी में घूम रहा था। मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक किलोग्राम चरस, एक तमंचा, चार कारतूस बरामद किए। उसके खिलाफ थाना ताजगंज, सदर, जीआरपी मथुरा जंक्शन, ग्वालियर के थाना किला रोड में हत्या और जानलेवा हमले के छह से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाए थे हरेंद्र और वीनेश
सीओ ने बताया कि दिसंबर 2013 को शूटर हरेंद्र राणा और वीनेश पेशी करके गाजियाबाद से आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस से लौट रहे थे। दोनों बदमाशों को उनके साथियों ने पुलिस अभिरक्षा से छुड़ा लिया था। इसके अलावा साल 2014 में सदर के सोहल्ला में टीटू यादव और रिंकू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों मामलों में राहुल फौजी का नाम सामने आया था।
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संभाल रखी थी राणा गैंग की कमान
पुलिस सूत्रों ने बताया कि राहुल फौजी ने हरेंद्र राणा गैंग की कमान संभाल रखी थी। हरेंद्र के इशारे पर वह हत्या की वारदात को अंजाम देता था। हरेंद्र को छुड़ाने में भी राहुल ने अहम भूमिका निभाई थी। मगर, इसके लिए सरगना से रकम मांग ली थी। हरेंद्र ने उसे रकम नहीं दी, जिस पर दोनों के बीच ठन गई है। हरेंद्र अब फतेहगढ़ की जेल में बंद है।
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सीओ सदर असीम चौधरी ने बताया कि भिंड के थाना लाहर स्थित सुंदरपुरा निवासी राहुल भाड़े पर हत्या करता है। वह जिला जेल में बंद था। 15 दिसंबर को ही जमानत पर छूटकर आया। उसने तीन गवाहों की हत्या की सुपारी ली। इनमें दो सहारनपुर तो एक थाना सदर क्षेत्र का है। सहारनपुर के गवाहों की हत्या की सुपारी आगरा के केंद्रीय कारागार में बंद अभियुक्त सनी उर्फ छिद्दा कराना चाहता है। सनी सहारनपुर के कोतवाली सिटी के हत्या के मामले में जेल में बंद है। वह हिस्ट्रीशीटर भी है। वहीं राहुल फौजी ने थाना सदर क्षेत्र में ठेकेदार पहुप सिंह के मर्डर के गवाह की भी हत्या की सुपारी ली थी। बता दें, पहुप सिंह हत्याकांड के आरोपी भी जेल में बंद है। इस गवाह की हत्या की सुपारी किसने दी, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है। सोमवार शाम को राहुल सोहल्ला क्षेत्र में एक्सयूवी गाड़ी में घूम रहा था। मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक किलोग्राम चरस, एक तमंचा, चार कारतूस बरामद किए। उसके खिलाफ थाना ताजगंज, सदर, जीआरपी मथुरा जंक्शन, ग्वालियर के थाना किला रोड में हत्या और जानलेवा हमले के छह से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
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पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाए थे हरेंद्र और वीनेश
सीओ ने बताया कि दिसंबर 2013 को शूटर हरेंद्र राणा और वीनेश पेशी करके गाजियाबाद से आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस से लौट रहे थे। दोनों बदमाशों को उनके साथियों ने पुलिस अभिरक्षा से छुड़ा लिया था। इसके अलावा साल 2014 में सदर के सोहल्ला में टीटू यादव और रिंकू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों मामलों में राहुल फौजी का नाम सामने आया था।
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संभाल रखी थी राणा गैंग की कमान
पुलिस सूत्रों ने बताया कि राहुल फौजी ने हरेंद्र राणा गैंग की कमान संभाल रखी थी। हरेंद्र के इशारे पर वह हत्या की वारदात को अंजाम देता था। हरेंद्र को छुड़ाने में भी राहुल ने अहम भूमिका निभाई थी। मगर, इसके लिए सरगना से रकम मांग ली थी। हरेंद्र ने उसे रकम नहीं दी, जिस पर दोनों के बीच ठन गई है। हरेंद्र अब फतेहगढ़ की जेल में बंद है।