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किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की कैद
Updated Sat, 05 Aug 2017 11:53 PM IST
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मैनपुरी। पांच साल पहले घर में सो रही दलित किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी को 13 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। उसको सजा ुसनाए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
थाना भोगांव केे एक गांव की रहने वाली 16 साल की दलित किशोरी पांच नवंबर 2012 की रात 10 बजे घर के आंगन में सो रही थी। तभी गांव का रहने वाला लोकेश उर्फ सूरज मिश्रा तमंचा लेकर घर में घुस गया।
तमंचे से धमकाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। उसके शोर मचाने पर परिवारीजनों को आते देख मारपीट करके आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। पीड़िता के पिता ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में भेज दिया। मामले की सुनवाई स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट रेनू राव के न्यायालय में हुई। गवाही के आधार पर लोकेश उर्फ सूरज को दोषी पाया गया।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शाक्य ने आरोपी के अपराध की गंभीरता देखते कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज ने उसको 10 साल तथा 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी है। जुर्माना नहीं देने पर उसको एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होंगी। जुर्माने में से आधी धनराशि 6500 रुपया पीड़िता को दिए जाएंगे। आरोपी को सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेजा गया है।
वहीं, दलित किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने घटना के बाद बंदी बनाकर जेल भेजा। उसने जमानत पाने के लिए आवेदन किया मगर उसकी जमानत किसी अदालत से मंजूर नहीं हुयी। उसको जेल में रहकर ही पूरा मुकदमा लड़ना पड़ा। शनिवार को वह निर्णय सुनने के लिए भी जेल से ही आया और सजा सुनाए जाने केे बाद उसको जेल भेज दिया गया।
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थाना भोगांव केे एक गांव की रहने वाली 16 साल की दलित किशोरी पांच नवंबर 2012 की रात 10 बजे घर के आंगन में सो रही थी। तभी गांव का रहने वाला लोकेश उर्फ सूरज मिश्रा तमंचा लेकर घर में घुस गया।
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तमंचे से धमकाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। उसके शोर मचाने पर परिवारीजनों को आते देख मारपीट करके आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। पीड़िता के पिता ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में भेज दिया। मामले की सुनवाई स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट रेनू राव के न्यायालय में हुई। गवाही के आधार पर लोकेश उर्फ सूरज को दोषी पाया गया।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शाक्य ने आरोपी के अपराध की गंभीरता देखते कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज ने उसको 10 साल तथा 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी है। जुर्माना नहीं देने पर उसको एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होंगी। जुर्माने में से आधी धनराशि 6500 रुपया पीड़िता को दिए जाएंगे। आरोपी को सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेजा गया है।
वहीं, दलित किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने घटना के बाद बंदी बनाकर जेल भेजा। उसने जमानत पाने के लिए आवेदन किया मगर उसकी जमानत किसी अदालत से मंजूर नहीं हुयी। उसको जेल में रहकर ही पूरा मुकदमा लड़ना पड़ा। शनिवार को वह निर्णय सुनने के लिए भी जेल से ही आया और सजा सुनाए जाने केे बाद उसको जेल भेज दिया गया।