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जाजऊ कांड: पोस्टमार्टम से अतरी देवी की मौत की वजह साफ नहीं, विसरा सुरक्षित रखा गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 27 Nov 2018 02:47 PM IST
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गांव जाजऊ मं तैनात पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
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फतेहपुर सीकरी। जाजऊ में रविवार सुबह हुए खूनी संघर्ष के बाद मृत मिली अतरो देवी (75) के शव का पोस्टमार्टम सोमवार को डॉक्टरों के पैनल ने किया। इसमें मौत की वजह साफ नहीं हुई। विसरा संरक्षित रखा गया है। इससे इतना तो साफ हो ही गया कि मौत चोट लगने से नहीं हुई थी। शव पर किसी तरह की चोट नहीं पाई गई है।
विसरा उस सूरत में संरक्षित किया जाता है जब मौत की वजह पोस्टमार्टम में साफ न हो। डॉक्टरों के पैनल ने किया शव का पोस्टमार्टम किया था। इसकी रिपोर्ट इसलिए अहम थी क्योंकि केस की दिशा इसी से तय होनी थी। अतरो देवी होमगार्ड महेंद्र की मां थी। रविवार सुबह हुए खूनी संघर्ष में पूर्व प्रधान थान सिंह के बेटे अनिल और ललित की जान गई थी। इसका आरोप महेंद्र और उसके साथियों पर है।
इन्हें थान सिंह के घर के सामने ही गोली मारी गई थी। पड़ोस में ही महेंद्र का घर है। खूनी संघर्ष के बाद महेंद्र के घर में ही अतरो देवी की लाश मिली थी। तब यह माना जा रहा था कि अतरो देवी के सिर में डंडे की चोट मारी गई है।
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यह महेंद्र पक्ष ने ही क्रॉस केस करने के लिए किया है लेकिन अब यह साफ हो गया है कि अतरो देवी की मौत चोट लगने से नहीं हुई। पुलिस ने बताया कि महेंद्र के घर में कोई मौजूद नहीं है। अतरो देवी के ससुराल पक्ष से कोई भी शव लेने के लिए नहीं आया। इस कारण से शव को उनके मायके में भेजा गया। वहीं पर दाह संस्कार किया गया।
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विसरा उस सूरत में संरक्षित किया जाता है जब मौत की वजह पोस्टमार्टम में साफ न हो। डॉक्टरों के पैनल ने किया शव का पोस्टमार्टम किया था। इसकी रिपोर्ट इसलिए अहम थी क्योंकि केस की दिशा इसी से तय होनी थी। अतरो देवी होमगार्ड महेंद्र की मां थी। रविवार सुबह हुए खूनी संघर्ष में पूर्व प्रधान थान सिंह के बेटे अनिल और ललित की जान गई थी। इसका आरोप महेंद्र और उसके साथियों पर है।
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इन्हें थान सिंह के घर के सामने ही गोली मारी गई थी। पड़ोस में ही महेंद्र का घर है। खूनी संघर्ष के बाद महेंद्र के घर में ही अतरो देवी की लाश मिली थी। तब यह माना जा रहा था कि अतरो देवी के सिर में डंडे की चोट मारी गई है।
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यह महेंद्र पक्ष ने ही क्रॉस केस करने के लिए किया है लेकिन अब यह साफ हो गया है कि अतरो देवी की मौत चोट लगने से नहीं हुई। पुलिस ने बताया कि महेंद्र के घर में कोई मौजूद नहीं है। अतरो देवी के ससुराल पक्ष से कोई भी शव लेने के लिए नहीं आया। इस कारण से शव को उनके मायके में भेजा गया। वहीं पर दाह संस्कार किया गया।